Top 5 Dalit news: हिंदू एकता और दलितों पर CM योगी का कड़ा प्रहार, मरने वाला हर शख्स हिंदू था

Yogi Adityanath, Top 5 Dalit news
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Top 5 Dalit news: अक्सर कहा जाता है कि जातिगत भेदभाव के कारण दलित हिंदू होते हुए भी अपने ही धर्म में बंट गये है। ऐसे में सवाल ये है कि आखिर इस बंटवारे की खाई को भरने की जिम्मेदारी किसकी बनती है। क्या कानून की सख्ती इस कानून को नहीं भर सकती… लेकिन उसके लिए कानून में भी तो पारदर्शिता जरूरी है… जो कि क्या संभाव लगता है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

सीएम योगी ने की दलितों को न बंटने की अपील

1, दलितो से जुड़ा पहला मामला उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर है। जिन्होंने आज के समय में देश में दलितो के खिलाफ हो रहे अत्याचार और बांग्लादेश में मरने वाले हिंदूओं को जोड़ कर भेदभाव करने वालों पर निशाना साधा है। यूपी सीएम ने साफ कहा कि कुछ लोग अपनी राजनैतिक रोटिंयां सेंकने के लिए मरने वालो को केवल दलित हिंदू कह कर बुलाते है.. जो केवल बांटने की राजनीति कर रहे है। उन्होंने कहा कि जाति के नाम पर बांटने वाले केवल सनातन धर्म को कमजोर कर रहे है, लेकिन एक बार आप पूरी तरह से बंट गए तो याद रखिये कि जो अत्याचार करने वाले होंगे, वो आपकी जाति केवल आपका धर्म देखेंगे। क्योंकि तब आप केवल हिंदू ही होंगे।

सीएम योगी ने बांग्लादेश में हिंदुओ के साथ होने वाली बर्बरता का भी जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी जिंदा जलाये गए जीत दास दलित थे, लेकिन किसी विपक्षी ने उनके बारे में नहीं कहा क्योंकि वो हिंदू दलित था, यहीं बंटवारा देश में भी चाहते है। दलितों और पिछड़ो के साथ साथ पूरे हिंदू समाज को ये समझना होगा कि जाति के नाम पर बांटने से नुकसान केवल सनातन का होगा..हमारा होगा। बट जायेंगे तो कटने के रास्ते भी खुल जायेंगे। सीएम योगी ने पूरे हिंदू समाज से जाति और क्षेत्र के आधार न भेदभाव न करने की अपील की है.. वैसे यूपी में जिस तरह से जातिवाद चरम पर है..ऐसे में क्या सीएम योगी की अपील काम करेगी..आपको क्या लगता है।

भदोही में रंजिश के चलते दलित युवक पर हमला

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला  यूपी के भदोही (Bhadohi) जिले से है, जहां पुरानी रंजिश के चलते शौच के लिए गए एक दलित युवक पर गांव के ही एक युवक ने हमला कर एक आंख फोड़ दी। ये घटना भदोही जिले   औराई के घोसिया इलाके की है। पीड़ित राहुल के परिजनो ने शिकायत दर्ज कराई कि जब राहुल शौच के लिए नहर किनारे गया हुई था, तभी उससे रंजिश रखने वाले शंकर बिन्द  नाम के शख्स ने वहां आकर पहले तो उससे झगड़ा शुरु कर दिया, उसे जातिसूचक गालियां देते हुए पीटना शुरु कर दिया।

लेकिन जब राहुल ने वहां से भागने की कोशिश की तो आरोपी ने उसकी आंख में बाइक की चाभी घोप दी, दर्द से तड़पते राहुल को देखकर वहां भीड़ जमा होने लगी तो आरोपी फरार हो गया, वहीं पीड़ित को  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए लेकिन उसकी हालात देखते हुए वाराणसी में बीएचयू के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया… इस हमले के कारण राहुल की एक आंख की रोशनी चली गई है। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है, वहीं राहुल के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जांच शुरु कर उसकी तलाश शुरु कर दी है।

औरंगाबाद से समसनीखेज मामला सामने आया

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला बिहार के औरंगाबाद (Aurangabad) से है, जहां 4 दलित लड़कियों की संदिग्ध हालात में मौत को लेकर पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ये घटना औरंगाबाद के हसपुरा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के एक दलित बस्ती की है। प्रथन दृष्टया में पुलिस ने बताया कि इन लड़कियों ने अपने माता पिता की डांट से दुखी होकर कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिनमें 5 लड़किया शामिल थी, लेकिन एक को गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, और अब उसकी हालात स्थिर है। पांचवी बची हुई लड़की ने पुलिस को बयान दिया है कि लड़कों के एक ग्रुप के साथ घुलने-मिलने पर परिवार वालों ने उन्हें डांटा था।

जिसके बाद उन्होंने ज़हरीली चीज़ खाने का फैसला किया था, और खेतों में जाकर उन लोगो ने खा भी लिया था। जिसमें 4 की मौत हो गई..वहीं औरंगाबाद के पुलिस सुपरिटेंडेंट, अंबरीश राहुल ने बताया कि पुलिस को ये जानकारी काफी देर से मिली थी, तब तक चारों बच्चियों के परिवार वालो ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया था, ऐसे में केवल एक बच्ची का बयान है, और अभी तक किसी और के शामिल होने की जानकारी नहीं है, लेकिन फिर भी पुलिस को शक है कि केवल डांट से 5 लड़कियों का एक साथ जहर खाना थोड़ा संदिग्ध लग रहा है। इसलिए पुलिस सख्ती से और भी एंगल से जांच कर रही है। अब जांच के बाद ही साफ हो पायेगा कि आखिर वाकई में ये केवल जहर खा कर मरने का मामला है..या कुछ और ही कहानी है।

यूजीसी के नियमों को लेकर अब भी जारी के प्रदर्शन

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूजीसी (UGC) के नए नियमों पर लगे स्टे को लेकर प्रदर्शन कर रहे दलित छात्रो को लेकर है। एक तरफ भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद (Chief Chandra Shekhar Azad) छात्रों से पढ़ाई करने की अपील कर आंदोलन न करने की बात कह रहे है वहीं दूसरी तरफ दलितो और बहुजन छात्रों के साथ प्रशासन का रवैया कैसा है उसका घिनौना चेहरा सामने आया है। जब सवर्ण समाज आंदोलन कर रहा था, पीएम मोदी के पुतले जलाये गए, उनकी कब्र खोदने की बात की गई तब किसी एक के खिलाफ कार्यवाई नहीं हुई, वहीं अब दलीत छात्रों की संख्या देखकर घबराई यूपी प्रशासन ने सीधे 100 बहुजन छात्रों के खिलाफ झूठे एफआईआर करके उन्हें जेल भेजने की तैयारी कर ली है।

इस मुद्दे पर आजाद ने भी अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि दलित छात्रों ने किसी पर हमला नहीं किया था, जबकि दलितों पर सवर्ण हमला कर रहे है, लेकिन मामला दलितों पर दर्ज हो रहा है। ये केवल सरकार की नाकामी दिखाने के साथ साथ कानून सबके लिए बराबर नहीं है , यहीं बताता है। ऐसे में अगर सीएम योगी सच में सबको एक साथ लाना चाहते है तो वो सभी छात्रों के लिए बराबरी की न्याय व्यवस्था बनायें।

केवल दलित छात्रों को निशाना बनाने के बजाये नफ़रत फैलाने वाले, जातिगत गालियाँ देने वाले और आपत्तिजनक नारे लगाने वालों पर बिना भेदभाव सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाए। बताते चले कि सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद से ही बहुजन छात्र सड़को पर उतर आये है, जिन पर कई संस्थानों में हमले की खबर सामने आई है, लेकिन प्रशासन मूक दर्शक बन कर देखती रहती है। जिसके कारण दलित छात्रों में काफी रोष है।

बांदा में दुष्कर्म आरोपियों को मिली 20-20 साल की सजा

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के ही बांदा से है, जहां दलित किशोरी को अपने साथ हुए जघन्य अपराध के लिए न्याय मिलने में 8 सालों का लंबा इंतजार करना पड़ा। आखिरकार 8 सालों के बाद पीड़िता के दुष्कर्मियों को 20-20 साल की सजा हुई। ये घटना 18 मार्च 2019 को घटित हुई थी, जब बांदा के बबेरू थाना क्षेत्र में 28 सितंबर 2019 को इस अपराध को लेकर पीड़िता के पिता ने मामला दर्ज कराया था, पिता ने बताया कि 18 मार्च को जब उनकी 15 साल की बेटी घर में अकेली थी , तब गांव के ही सुकदेव और हीरालाल किसी बहाने से उसे घर से ले गए थे।

जहां मौका देखकर सुकदेव और हीरालाल ने पीड़िता का दुष्कर्म किया, और उसे धमकी दी कि अगर इसकी जानकारी किसी को दी तो वो उसे और उसके परिवार को जान से मार देंगे। लेकिन पीड़िता को आरोपी बार बार परेशान करने लगे जिससे तंग आकर उसने 15 सितंबर को अपनी मां से सारी आपबीती बताई थी, जिसे जानने के बाद दोनो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। विषेश न्यायधीश पॉक्सो प्रदीप कुमार मिश्रा ने दोनो को दोषी करार देते हुए आखिरकार 20-20 साल की सजा और 22 हजार रूपय का जुर्माना भी लगाया है।

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