Top 5 Dalit news: अगर प्रशासन और शासन वाकई में चाहता कि देश में सबकों समानता मिले, तो उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं होती.. क्योंकि जिसकी लाठी है उसी की भैंस भी होगी.. लेकिन कुछ लोगो को केवल खुश करने के लिए दलितो का हनन, उनके शोषण को होने दिया जा रहा है. जबकि सरकार एक रास्ता बंद करके दूसरा रास्ता अपना सकती है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
दलित छात्रो को लेकर कर्नाटक सीएम का बड़ा फैसला
1, दलितो से जुड़ा पहला मामला कर्नाटक से है, जहां एक तरफ पूरा देश यूजीसी के नए नियमों को लेकर जल रहा है, स्वर्ण इसे लागू न करने की लड़ाई लड़ रहे है तो वहीं एससी एसटी समाज लागी करने की, वहीं इसी बीच कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कर्नाटक के सभी उच्च शैक्षिणक संस्थानों में अब जातीय भेदभाव को ख़त्म करने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए “रोहित वेमुला अधिनियम” को सभी शैक्षणिक संस्थानों में लागू करने की घोषणा कर दी है, जिसमें कर्नाटक के सभी सरकारी, निजी और डीम्ड संस्थायें शामिल है।
कर्नाटक सीएम का ये फैसला बताता है कि अगर सवर्ण एक रास्ता बंद करेंगे तो दूसरा रास्ता अपनाया जायेगा, लेकिन शिक्षा व्यवस्था और समाज में होने वाले जाति आधारित भेदभाव और उत्पीड़न को रोकने के लिए रास्ते बनाये जायेंगे। अब से कोई छात्र, शिक्षक या संस्थान का कर्मचारी SC, ST, OBC व अल्पसंख्यक समुदाय के साथ जाति व धर्म के आधार पर भेदभाव या उत्पीड़न करता हुआ दोषी पाया गया तो उसे “रोहित वेमुला अधिनियम” के तहत सजा होगी। यानि की यूजीसी की नई गाइडलाइंस न सहीं तो ये एक्ट ही सही। सिद्धारमैया के इस कदम से दलित और पिछड़े छात्रों में काफी खुशी है, साथ ही दलित समाज का विरोध भी सिद्धारमैया को लेकर कम हो जायेगा। वेल आपको कर्नाटक सीएम का ये कदम कैसा लगा, हमें कमेंट करके बतायें।
भीम आर्मी चीफ ने भरी हुंकार
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, अब तक आरक्षण को लेकर एक विशेष जाति को टारगेट करने को लेकर आजाद ने भी करारा जवाब दिया है। आजाद ने कहा कि चमार जाति के लोगों को आरक्षण के नाम पर सताया जाता है, उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है तो जो आरक्षण का रोना रोकर दलितों और पिछड़ों को प्रताड़ित कर रहे है जरा वो आकर ये बताए कि क्या उन्हें आरक्षण का फायदा नहीं मिल रहा है।
आजाद ने हुंकार भरते हुए कहा कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो अपने समाज के बच्चों के लिए लड़ते हुए कितना कष्ट झेल रहे है, लेकिन वो बहुजन समाज के लोगो के साथ और अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने पूछा कि आप कई राज्यों मे चले जाइये, आरक्षण का लाभ किसे नहीं मिल रहा है, और 2019 के बाद तो अब गरीब सवर्णों को भी आरक्षण मिल रहा है। फिर केवल निषाद समाज के लोगो को ही टारगेट करने का क्या मतलब है। ये केवल उनके प्रभाव को कम करने के लिए ही किया जा रहा है।
बदायूं में दलित परिवार के साथ मारपीट
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के बदायुं से है, जहां दलितों को अपनी खुशिया मनाने के लिए भी अब उंची जाति वालों की इजाजत की जरूरत लेनी होगी। ताजा मामला बदायूं के सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के गांव कठौली की है, जहां दलित समाज कुछ लोग होली के त्यौहार के दौरान डीजे पर गाना बजा रहे थे, इस बीच वो लोग एक दलित परिवार के घर के सामने जातिगत गाना बजा कर दलित परिवार को परेशान करने लगे, जिसका दलित परिवार ने विरोध किया तो वो लोग वहां से चले गए लेकिन थोड़ी ही देर बाद करीब 50 लोग वहां आ गए और उन्होंने लोगो ने दलित परिवार को जातिसूतक गालियां देनी शुरु कर दी, इतना ही नहीं उन्हें रोकने आये परिवार के लोगो के साथ बुरी तरह से मारपीट भी गई थी।
पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, पुलिस को इसकी जानकारी दी गई तो पहले तो उस मामले को दबाने की कोशिश की गई लेकिन डीआईजी बरेली रेंज अजय साहनी ने हस्तक्षेप किया तब इस मामले को दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस अब इस मामले की जांच में जुटी है वहीं इस मामले में करीब 50 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है हालांकि अभी तक किसी एक की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस भी होली के नाम पर होने वाला हुड़दंग कह कर इसे दबाने की कोशिश कर रही थी। अब देखना ये होगा कि आरोपी कब तक पुलिस के शिकंजे में आते है।
कोयंबटूर में दलित को नहीं दिया मैरेज हॉल
4, दलितो जुड़ा अगला मामला तमिलनाडु के कोयंबटूर से है, जहां जातिगत भेदभाव की भावना इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि पैसे देने की बात कहने के बाद भी दलित जाति होने के कारण मैरिज हॉल के मालिक ने मैरिज हॉल की बुकिंग नहीं दी। ये घटना कोयंबटूर के पेरुंदुरई पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले इरोड क्षेत्र की है, पीड़िता के रानी ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि फरवरी महीने में उनके छोटे बेटे के रिसेप्शन के लिए वो गांव के ही सी रवि के मैरेज हॉल की बुकिंग कराने गई हुई थी, मैरेज हॉल अन्ना सिलाई के पास स्थित है।
पहले तो वो मैरिज हॉल देने के लिए राजी हो गया था लेकिन जब 3 मार्च को वो एडवांस देने पहुंची तो सी रवि ने पहले उसकी जाति पूछी, जब पीड़िता ने अपनी जाति बताई तो आरोपी ने मैरेज हॉल देने से इंकार कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर तुरंत सी रवि को पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन पूछताछ से कारण उसकी बीपी गिर गया और वो बेहोश हो गया। उसे तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, उसके नॉर्मल होने के बाद आगे की कार्यवाई की जायेगी।
जेएनयू के वीसी की बढ़ी मुश्किले
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला दिल्ली के जेएनयू से है, जहां JNU की वाइस-चांसलर शांतिश्री धुलीपुडी पंडित की मुश्किलें अब किसी हाल में कम होती नजर नहीं आ रही है। दलित छात्रों को अवसरवादी कहने वाली वीसी के खिलाफ फिर से एक नई एफआईआर की गई है। दरअसल वीसी के खिलाफ दलित छात्रो ने कार्यवाई करने की मांग की थी लेकिन उल्टा दलित छात्रो के खिलाफ ही कार्यवाई की गई उन्हें जेल भेजा गया था, जिसे लेकिन अब नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स से कार्यवाई की मांग की गई थी, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला तो जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) के पूर्व प्रेसिडेंट धनंजय ने वीसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी।
उन्होंने कहा कि कमीशन का रवैया दलित छात्रों के लिए काफी पीड़ादायक है। यूनिवर्सिटी में जातिगत भेदभाव के कारण दुश्मनी जैसा माहौल बन गया है। उन्होंने मांग की है कि कमीशन को वीसी के खिलाफ जल्द से जल्द कोई फैसला लेना चाहिए, कमीशन के कोई ठोस कदम न उठाने की वजह से दलित और पिछड़े समाज के छात्रों में लगातार “मानसिक तकलीफ” और “डर” बना हुआ है। अब देखना ये होगा कि इस नई एफआईआर को लेकर कमीशन कोई फैसला लेती है या फिर दलित छात्रो को ही निशाना बनाया जायेगा।



