Top 5 Dalit News: कानून अंधा है ये तो सुना था, लेकिन अब बहरा भी हो गया है, ये पहली बार हो रहा है। दलित समाज के लिए न्याय की लड़ाई भी किसी सीमा पर लड़ने वाले जंग से कम नहीं होती… जब न्याय के लिए आवज उठाते है तो कानून, सरकार और न्यायलय, सभी मूक हो जाते है। उनकी चीख पुकार क्यों कानून तक पहुंच ही नहीं पाती।
मेरठ में दलित महिला की हत्या को लेकर जमकर हंगामा
1, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ से है, दलित महिला सुनीता की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण को 48 घंटे से भी ज्यादा का समय हो गया है लेकिन हैरानी की बात है कि पुलिस की दस टीमें दलित लड़की की तलाश में लगी है लेकिन अभी तक न तो बच्ची को बरामद किया गया है और न ही आरोपियों का कोई सुराग है। वहीं घरवालों ने बताया कि लड़की की शादी तय हो चुकी थी, लेकिन आरोपी पारस राजपूत की गंदी नजर उनकी बेटी पर थी, और मौका देख कर वो लोग सुनीता पर हमला करके रूबी को उठा ले गए। इस मुद्दे पर पीड़ित परिवार ने आक्रोश में पुलिस वालों पर चूड़ियां भी फेंकी और साथ ही आरोप लगाया कि अगर ठाकुरों की बेटी होती तो अब तक घर आ जाती लेकिन बहुजनों की बेटी है।
इसलिए दस टीमें मिलकर भी उसे खोज नहीं पा रहे है। सच तो ये है कि पुलिस की नियत ही नहीं है बच्ची को बरामद करने की, क्योंकि फिर ठाकुरों की घिनौनी सच्चाई सामने आ जाएगी। इस मुद्दे पर भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद ने भी पीड़ित परिवार से वीडियो कॉल पर बात की और उन्होंने गांव को छावनी बनाने और गांव के किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं को न जाने देने को लेकर एडीजी पर निशाना साधा है कि वो यहां गुण्डाई न ही करे तो अच्छा है, वो इसे किसी भी हाल में हाथरस नहीं बनने देंगे। उन्होंने ये भी आश्वासन दिया कि वो जल्द ही पीड़ित परिवार से मिलने आएंगे।
काफी समझाने के बाद पीड़ित परिवार सुनीता के अंतिम संस्कार के लिए मान गया और शुक्रवार की शाम को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं दलित समाज ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर एक्शन चलाने की मांग की है लेकिन हैरानी की बात है कि जिस मुद्दे पर इतना हंगामा हुआ है उस मुद्दे पर अभी तक सीएम की तरफ से की बयान नहीं आया है, इसे में सवाल ये उठता है कि क्या वाकई में बुलडोजर एक्शन होगा।
नूंह में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हंसी खान गिरफ्तार
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला हरियाणा के नूंह जिले से है जहां सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हंसी उर्फ हंसिल खान को दलित पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और उन्हें अपमानित करने वाले शब्दों का इस्तेमाल करने के लिए पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हंसी खान नूंह जिले के पुनहाना उपमंडल की रहने वाली है। पुलिस के मुताबिक हंसी खान ने पेट्रोल पंप पर अपनी गाड़ी में बैठकर सीएनजी की लंबी कतार को लेकर दलित समुदाय की तुलना करते हुए कहा था कि पेट्रोल पंप के बाहर लाइन लगाना बिल्कुल ऐसा महसूस करता है जैसे कोई दलित छाछ (लस्सी) मांगने के लिए आपके घर के बाहर खड़ा हो।
वह कहती हैं कि या तो पेट्रोल या फिर डीजल गाड़ी लें, सीएनजी की नहीं। हंसी खान ने ये वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर डाल दिया लेकिन इस मुद्दे से दलित समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची और पुनहाना के ही वार्ड नंबर 8 के रहने वाले रोहित ने हंसी खान के खिलाफ एस सी एसटी एक्ट के तरह मामला दर्ज करा दिया। हालांकि हंसी खान ने अपनी गलती के लिए माफी मांगी लेकिन पुलिस ने शिकायत के आधार पर दलितों के अपमान करने को लेकर हंसी खान को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया। फिलहाल वो जेल में ही है।
रैगिंग और जातिगत भेदभाव के कारण दलित छात्रा की मौत पर हंगामा
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला पंजाब से है, जहां के लुधियाना में दलित छात्रा के साथ रैगिंग करने से हुई मौत को लेकर अब ये मामला नेशनल मुद्दा बन गया है। दलित कॉलेज छात्रा की मौत को लेकर संगठनों ने गुरुवार को धर्मशाला में कांगड़ा के डिप्टी कमिश्नर के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया,, लेकिन बावजूद इसके इस मुद्दे पर कोई सटीक कार्यवाई न होते हुए देखने के बाद दलित अधिकार संगठनों ने चेतावनी जारी की है कि अगर 15 दिनों के अंदर कार्यवाई नहीं होती है और छात्रा की मौत के मामले में न्याय में देरी होती है तो महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास महासभा पंजाब बॉर्डर को ब्लॉक कर देंगे।
बता दें कि धर्मशाला की छात्रा को 8 सितंबर, 2025 को तीन सीनियर छात्राओं ने उनकी बेटी को पीटा था, जबकि कॉलेज के प्रोफेसर ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं थी, जातिगत भेदभाव और रैगिंग के कारण डिप्रेशन में चली गई थी, जिससे उसकी हालात खराब होने लगी और 26 दिसंबर को लुधियाना के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस मामले में खुद छात्रा ने वीडियो जारी कर आपबीती सुनाई थी, लेकिन मौत के इतने दिनों के बाद भी अभी तक उसे न्याय मिलता नजर नही आ रहा है। अब ऐसे में देखना ये होगा कि क्या राज्य सरकार इस मुद्दे पर पीड़ित परिवार की कोई मदद करने के लिए आगे आयेगी।
गुजरात के चांदखेड़ा में दलित युवक के साथ मॉब लिंचिग
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला गुजरात के चांदखेड़ा से है, जहां एक दलित युवक के साथ मॉबलिंचिग करके पीटा गया और उसकी स्कूटी को भी तोड़ दिया गया। ये घटना अहमदाबाद के चांदखेड़ा से है, पीड़ित कीर्तनभाई मनीषभाई वडनागरा ने पुलिस को तहरीर दी की 5 जनवरी की शाम को के बी रॉयल होम्स के पास ने दोस्त वेदांत प्रदीपभाई वर्मा के साथ अपनी स्कूटी से कही जा रहा था, तभी हाउसिंग सोसाइटी के रहने वाले मंथन ठाकोर और सिद्धराज ठाकोर उनका रास्ता रोका, और उन्हें धमकी दी।
कि वो ठाकुर समाज के ही काव्या उर्फ सी के चौहान से दोस्ती तोड़ दे और अपनी जाति वालों से दोस्ती रखे, इसी के साथ उन लोगो ने पीड़ित को जातिसूचक शब्द कहें, और विरोध करने पर लकड़ी की छड़ियों से पीटा, जिसके कुछ देर बाद पांच अज्ञात युवक चाकू, लोहे के पाइप और लाठियां लेकर मौके पर पहुंच गए, जिसे देखकर दोनो पीड़ित स्कूटी छोड़ कर भाग खड़े हुए, जिसे आरोपियों ने आग लगा दी। पुलिस ने इस मामले को दर्ज कर के आरोपियों की तलाश शुरु कर दी है, और मामले की जांच जारी है।
हरियाणा के करनाल में दलित छात्रो के साथ अन्याय
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला हरियाणा के करनाल से है, जहां दलित छात्रों की शिक्षा पर बड़ी गाज गिर गई है। दरअसल करनाल के इग्नू सेंटर में एससी-एसटी छात्रों को बीए, बीकॉम और बीएससी में दाखिला लेने के लिए अब से आधी फीस जमा करनी होगी। जबकि पहले शत प्रतिशत नि:शुल्क दाखिला होता था। नए नियमों के अनुसार अब एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों के मातापिता की वार्षिक आय 2.5 लाख रूपय से ज्यादा हुई तो उन्हें पूरी फीस देनी पड़ेगी।
हालांकि एडमीशन लेने के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है। इग्नू के मुताबित पिछले 5 सालों में करीब 70 हजार एससी-एसटी विद्यार्थियों ने इग्नू से उच्च शिक्षा हासिल की, जिन्हें मुफ्त ही सेवा दी गई थी, लेकिन अब से नये नियम बनाये गए है जिसे मानना सभी वर्गों के लिए अनिवार्य है। इस नए नियम से कहीं न कहीं राज्य के एससी-एसटी विद्यार्थियों पर थोड़ा दवाब बढ़ेगा..अब देखना ये होगा कि क्या इससे बच्चों की शिक्षा पर क्या असर होता है।



