Top 5 Dalit news: जो बाबा साहब सारी उम्र दलितों को एकजुट करने और उनके हितों के लिए लड़ते रहे, आज आगे वो होते तो ये समझ पाते कि कैसे कुछ लोग अपनी राजनीति की रोटियां सेंकने के लिए बहुजन समाज को एक दूसरे से ही लड़वा कर खुद को महान बताने की कोशिश कर रहे है, लेकिन हैरानी की बात है कि ये बात खुद बहुजन कब समझेंगे। नमस्कार पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में जानेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
रोहिणी घावरी ने पूरे बहुजन समाज को घेरा
1, दलितों से जुड़ी पहली खबर अपने आप को बहुजन समाज को बेटी कहने वाली रोहिणी घावरी को लेकर है। रोहिणी घावरी अब तक केवल भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को ही निशाना बनाती थी, लेकिन जब बहुजन समाज ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया तब रोहिणी घावरी अब सीधा जाटव समाज के सारे पुरुषों को ही घेरने लगी है। दरअसल रोहिणी घावरी ने कहा कि उनकी जिंदगी बर्बाद करने वाला जाटव है, उर्मिला सनावर का अपराधी भी जाटव है, और अंकिता भंडारी का अपराधी जाटव है।
सबके सब जाटव एक नंबर के लड़कीबाज है, फर्जी आंबेडकरवादी है सब। रोहिणी घावरी वैसे तो खुद को बहुजन समाज की बेटी कहती है, लेकिन वो चन्द्र शेखर आजाद के खिलाफ सबसे बड़ा एजेंडा चला रही है। अब तक आजाद के खिलाफ बोलते बोलते अब पूरे जाटव को घेरने लगी है। जब घावरी जैसे लोग ही बहुजन समाज के दुश्मन बन जाते है तो फिर भला मनुवादी लोग क्यों दलितों और पिछड़ों का फायदा नहीं उठाएंगे।
हालांकि घावरी के इस पोस्ट के बाद से जाटव समाज घावरी के खिलाफ हो गया है, और घावरी को बहुजनों का दुश्मन कह रहे है।अब देखना ये होगा कि रोहिणी घावरी बहुजनों के खिलाफ क्या क्या कहती है।
खगड़िया में दलित बच्ची के दुष्कर्म के बाद हत्या
2, दलितों से जुड़ी अगली खबर बिहार के खगड़िया से है, जहां 4 साल की मासूम बच्ची को अगवा करके न केवल उसके साथ दुष्कर्म किया गया बल्कि उसकी हत्या भी कर दी गई। इस सनसनीखेज खबर से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। ये घटना खगड़िया जिले के गंगौर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले भदास मुसहरी गांव का है, जहां 6 जनवरी की शाम को अचानक घर से बाहर खेलते हुए बच्ची की लापता हो गई थी, तमाम कोशिशों के बाद भी बच्ची का कुछ सुराग नहीं मिला तो ड्रोन से पूरे इलाके की जांच कराई गई, जहां करीब 500 मीटर की दूरी पर बच्ची का शव सरसो के खेत में विक्षिप्त हालात में मिला था।
8 जनवरी को बच्ची के मां के बयान के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार भी किया गया था, लेकिन हैरानी की बात है कि पुलिस न अब तक ये भी साफ नहीं किया है कि आरोपी पर किन धाराओं में मामला दर्ज किया है, और न ही कांड संख्या बताई गई है। पुलिस के रवैये को लेकर राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने सात सदस्यीय जांच समिति का गठन करने का आदेश दिया है जिसका राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी नेतृत्व कर रहे है। हैरानी की बात है कि राजद ने पुलिस पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस जानबूझ इस मामले को कमजोर करके आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही है और राजद नेताओं को इसमें घेर कर मामले का रूख ही बदलना चाहती है, ताकि आरोपी से लोगो का ध्यान हट जायें। एक 4 साल की मासूम बच्ची के साथ जो हुआ और उसके बाद पुलिस का रवैया बता रहा है कि बिहार में दलितों की स्थिति कितनी दयनीय है, उन्हें इतनी आसानी से न्याय नहीं मिलना वाला। अब देखना ये होगा कि जांच कमेटी का क्या रिजल्ट आता है।
मेरठ में दलित महिला की हत्या मामले में आरोपी का बड़ा बयान
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के मेरठ से है, जहां एक दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के मामले में एक नया एंगल सामने आ गया है। मुख्यरोपी पारस राज ने कोर्ट में जो कुछ भी कहा है उससे मामला पूरी तरह से बदल गया है। दरअसल पारस ने कोर्ट में खुलासा किया है कि उसने रूबी की मां पर हमला नहीं किया था, वो तो केवल रूबी को लेने गया था। रूबी और उसका प्रेम प्रसंग करीब 2.5 सालों से चल रहा है, और वो दोनो अपनी मर्जी से भागने के लिए राजी हुए थे।
घटना वाले दिन भी वो केवल रूबी को भगाने के लिए ही गया था, और रूबी वहां उसके साथ जाने के लिए जैसे ही तैयार हुई वैसे ही सुनीता वहां आ गई और छीना झपटी करने लगी, जिससे गलती से पारस के हाथ में जो बलकटी थी वो लग गई, पारस ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि सुनीता की इस हमले में मौत हो जायेगी। वो रूबी को लेकर चला गया था।
उसे बाद में पता चला कि सुनीता की मौत हो गई है, वो दो दिनों से सोया भी नहीं है, उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है.. पारस के इस बयान के बाद अब रूबी के बयानों की भी जांच शुरु हो गई है साथ ही ये भी जांच की जा रही है कि गायब होने के दौरान वो दोनो कहां औऱ किस स्थिति में रह रहे थे, और इस दौरान किन लोगो ने उनकी मदद की थी। पुलिस जांच के बाद ही सारा सच दुनिया के सामने आयेगा, फिलहाल पारस 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में है, और रूबी को भी पुलिस की निगरानी में रखा गया है।
बेगुसराय में दलितों के खिलाफ सरकार का चला बुल्डोजर
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला बिहार के बेगुसराय से है, जहां दलितों की बस्ती को अवैध अतिक्रमण बता कर उजाड़ने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। ये खबर बेगुसराय के मंझौल के जयमंगलागढ़ मुसहरी टोला से है, जहां कई सदी के रह रहे दलितों को वहां से हटाने के लिए सरकार की दमनकारी नीति सामने आई है। इस मुद्दे पर भाकपा माले जिला सचिव दिवाकर प्रसाद समेत कई लोग दलित बस्ती पहुंचे जहां दलितों ने उन्हें बताया कि उनका टोला कोई नया या अवैध अतिक्रमण नहीं है, बल्कि पालवंश के काल से मंझौल-3 क्षेत्र में जयमंगलागढ़ मुसहरी अस्तित्व में है, तत्कालीन जिलाधिकारी रामसेवक शर्मा ने विकसित रूप से मुसहर जाति को बसाया है, 40 से अधिक परिवारों को सरकार द्वारा विधिवत पर्चा दिया गया है, उन्हें इंदिरा आवास दिया गया है, सरकार ने कुछ मान्यता दी है, और अब उन्हें उजाड़ने की ,साजिश की जा रही है।
दलितों की बस्ती को उजाड़ने की कोशिश उनके संवैधानिक अधिकारों पर चोट पहुंचाने की साजिश है। भाकपा माले ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है और प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर दलितों के साथ अन्नाय हुआ तो व्यापक जन आंदोलन खड़ा किया जायेगा। प्रशासन की इस बात की गारंटी देनी होगी कि वो दलितों की बस्ती को नहीं उजाड़ेंगे और उनकी सुरक्षा तय करनी पड़ेगी। हालांकि अभी तक इस मुद्दे पर प्रशासन की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। बिहार में दलितों की स्थिति पर सरकार की रवैया दलितों के लिए खतरें की घंटी बनता जा रहा है।
कानपुर देहात में दलित की हत्या
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर से है, जहां एक अधेड़ उम्र के दलित युवक के साथ इतनी बुरी तरह से मारपीट की गई कि उसकी मौत हो गई। ये घटना कानपुर देहात के शिनली कोतवाली क्षेत्र के मलिकपुर गांव की है। पीड़ित परिवार ने पुलिस को तहरीर दी कि देवकीनंदन पासवान और गोविंदसिंह के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी, लेकिन गोविंद सिंह और उसके साथियों ने देवकीनंदन और उनकी पत्नी ममता के साथ मारपीट शुरु कर दी, घायल हालात में जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया तब ईलाज के दौरान देवकीनंदन ने दम तोड़ दिया।
शिवली कोतवाल प्रवीण सिंह ने बताया कि गोविंद सिंह बहुत बड़ा शराबी है और शराब के चक्कर में पहले ही अपना घर और जमीन गवां चुका है, और चौकीदार की नौकरी करता है, देवकीनंदन से भी वो बिना वजह ही नशे में उलझा था। फिलहाल वो फरार है और पुलिस उसकी और उसके साथियों की तलाश कर रही है। मामले की जांच जारी है।



