Top 5 Dalits News: दिन बदलते है, साल बदलते है लेकिन दलितों की स्थिति जस के तस ही रह जाती है। उनका उत्पीड़न होता है… उनपर अत्याचार किया जाता है लेकिन शासन और प्रशासन, दोनो ही मूक दर्शक बने रहते है… जिसके कारण मनुवादी आतंकियों को न कानून का डर है औऱ न ही सजा का।
दलितों और पिछड़ो के लिए सीएम योगी का बड़ा ऐलान
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला उत्तर प्रदेश के लखनऊ से है, जहां सीएम योगी आदित्यनाथ ने दलितों और पिछड़ों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दरअसल मध्य प्रदेश दलितों के आरक्षण को खत्म करने की साजिश का पर्दाफाश होने के बाद अब यूपी सरकार ने इस ओर काफी ध्यान दिया है। सीएम योगी ने आदेश जारी किया है कि राज्य में सरकारी भर्तियों में आरक्षण को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए, जिसमें उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया है कि OBC, SC, ST और EWS कैटेगरी के लिए आरक्षण नियमों को पूरी सख्ती से लागू किया जाये, वहीं अगर किसी ने आरक्षण के प्रावधानों का सख्ती से पालन नहीं करती है तो सरकार उन पर जरा भी नरमी नहीं बरतेगी।
वहीं सीएम योगी ने प्रमुख सचिव एम. देवराज ने बताया कि आदेश में OBC, SC, ST और EWS कैटेगरी के साथ साथ महिलाओं, दिव्यांगों और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण के नियमों को पालन करने का आदेश जारी किये गये है। बता दें कि आरक्षण के नाम पर चल रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ सीएम योगी के उठाया गया कदम, राज्य के दलितों और पिछड़ो की ताकत बढ़ायेगा।
आजाद को गालियां देने वाला नेता गिरफ्तार
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद और दलितों को हमेशा अपशब्द बोलने वाले अलीगढ़ के कट्टरपंथी हिंदू नेता मोहन चौहान को लेकर है। दलितो ने अपनी ताकत दिखाते हुए मोहन चौहान के खिलाफ जो मुहीम चलाई थी..वो अब सफल हो गई है। दरअसल अभी हाल ही में आजाद को गंदे गंदे अपशब्द कहने वाले मोहन चौहान को अलीगढ़ पुलिस ने अपने शिकंजे में ले लिया और उसे गिरफ्तार कर लिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है पुलिस घसीटते हुए मोहन चौहान को पुलिस की गाड़ी में बिठा रही है।
लेकिन गिरफ्तारी के बाद भी मोहन चौहान लगातार चंद्रशेखर को मारने की धमकी दे रहा है, मोहन चौहन का पुलिस के सामने भी एक सांसद को मारने की धमकी देना, बताता है कि ऐसे कट्टरपंथियों को कानून व्यवस्था और पुलिस का कितना डर है। बताते चले आईएएस अधिकारी संतोष चौहान ने आरक्षण को लेकर जो बातें कहीं थी उसका आजाद ने समर्थन किया था, जिसे लेकर मोहन चौहान खुले तौर पर आजाद को गालियां देते हुए पीटने की बात की थी, जिसके दलित संगठन ने चौहान के खिलाफ मौर्चा खोल दिया था, ये गिरफ्तारी दलित संगठन की एकता की जीत का सबूत है।
फतेहपुर में दलित युवक की पिटाई
3, दलितों से जुड़ी अगली खबर उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से है, जहां पेट्रोल कम डालने का विरोध करने पर पेट्रोल मालिक और कर्मचारियों ने एक दलित युवक को बुरी तरह से पीटा। ये घटना फतेहपुर के खागा क्षेत्र की है, पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी की 11 दिसंबर को वो क्षेत्र के गुलाब सिंह पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डलवाने गया हुआ था, कर्मचारियों ने पेट्रोल कम डाला, जिससे पीड़ित ने इसका विरोध किया था, लेकिन उससे गुस्साए कर्मचारियों और मालिक ने पीड़ित को लाठी डंडो से पीटना शुरु कर दिया था। उसके सिर पर काफी हमला किया गया था, जिससे वो बेहोश हो गया था।
उसे बेहद गंभीर हालत ने स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से उसे फतेहपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया। इतना ही नहीं पीड़ित ने पुलिस की कार्यवाई पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस को तहरीर देने के बाद भी उसके मामले को कमजोर करके मामूली धाराये लगा दी गई.. वहीं आरोपी पक्ष लगातार पीड़ित पर केस वापिस लेने का दवाब बना रहा है, औऱ साथ ही जान से मारने की धमकी दे रहे है। जिसके बाद इस मामले में पीड़ित ने जिलाधिकारी के ज्ञापन दिया है। ऐसे में देखना ये होगा कि जिलाधिकारी इस अपराध के खिलाफ क्या कदम उठाते है।
अनिल मिश्रा के खिलाफ दलित संगठन सड़क पर उतरा
4, दलितों से जुड़ी अगली खबर मध्य प्रदेश के विवादित वकील अनिल मिश्रा को लेकर है। अब तक अनिल मिश्रा बाबा साहब का अपमान करता आ रहा था, लेकिन अब दलित संगठनों ने भी अनिल मिश्रा को ईंट का जवाब पत्थर से देने का फैसला कर लिया है। दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमे भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के साथ साथ बहुजन समाज के लोगो ने अमिल मिश्रा की बरबरी सुअर से कर दी है। उन लोगो ने एक सुअर के ऊपर अनिल मिश्रा की तस्वीर चिपका कर उसे पूरे शहर में घुमाया।
साथ ही उन लोगो ने अनिल मिश्रा का पूतला भी लिया हुआ था और वो लोग अनिल मिश्रा मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। अनिल मिश्रा के प्रति गुस्सा इतने से ही कम नहीं हुआ, उसके पुतले को चप्पलों से पीटा गया। हैरानी की बात है कि इस मौके पर पुलिस वहीं मौजूद थी जिन्होंने दलित समाज की ताकत के आगे एक कदम नहीं बढ़ाया। दलितों की एकजुटता ने बता कि दलित अब कमजोर नहीं है।
कासगंज में दो दलित युवकों की पिटाई
दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के कासगंज से है, जहां पेंट करने वाले दो दलित मजदूर को पहले तो उकसाने के लिए उन्हें जातिसूचक गालियां दी गई और जब उन दोनो ने इसका विरोध किया तो उनके साथ बुरी तरह से मारपीट भी की गई। घटना कासगंज के अमापुर थाना क्षेत्र के अर्जुनपुर कदीम गांव की है, पीड़ित देवेन्द्र जाटव और उनके चाचा संन्जू जाटव ने पुलिस को तहरीर दी कि वो दोनो मोहित ठाकुर और अजीत ठाकुर के यहां पुताई का काम करते थे।
जहां पैसो को लेकर कोई विवाद हुआ था, लेकिन बुधवार की शाम को दोनो आरोपी पीड़ितों के पास आये और जातिसूचक गालियां देने लगे, लेकिन जब दोनो पीड़ितो ने विरोध किया तो उन लोगो ने उनके साथ बुरी तरह से मारपीट की। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्यवाई शुरु कर दी है। हालांकि अभी तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।



