Uttarakhand news: हाल ही में उत्तराखंड के हरिद्वार से एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई हैं, जहाँ एक साध्वी के साथ कुछ दबंगों ने मारपीट की इतना ही नहीं जब आरोपियों का मन नहीं भरा तो उन्होंने उस पर मिट्टी का तेल छिड़क कर जिंदा जलाने की कोशिश की थी। वही इस घटना को लेकर दलित समाज ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने इस मामले में जानबूझ कर लापरवाही की है।
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साध्वी को जिंदा जलाने की कोशिश
आज महिलाओं के खिलाफ अत्याचार इतने बढ़ गए हैं कि अपराधियों को इस बात की भी परवाह नहीं होती कि कोई महिला कितनी नेक है; उनका मकसद सिर्फ़ उस पर हिंसा करना या किसी तरह उसकी ज़मीन हथियाना होता है। उत्तराखंड के हरिद्वार में एक महिला साध्वी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। जहां एक साध्वी के साथ मारपीट और फिर उसे जिंदा जलाने की कोशिश का मामला काफी गर्मा गया है और साध्वी को न्याय दिलाने के लिए दलित समाज सड़क पर उतर आया है। दरअसल ये मामला हरिपुर कलां के राष्ट्रभक्ति आश्रम (National Patriotism Ashram) का है, जहां रहने वाले साध्वी रेणुका के साथ 20 नवंबर को कुछ लोगो ने पहले बुरी तरह से मारा और फिर उस पर मिट्टी का तेल छिड़क कर जिंदा जलाने की कोशिश की थी।
दलित समाज ने शुरू किया आंदोलन
दलित समाज ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने इस मामले में जानबूझ कर लापरवाही की है, जबकि साध्वी के आश्रम की जमीन हथियाने के लिए कुछ लोग उसे परेशान कर रहे है और उन्ही लोगो ने बिल्डर के साथ मिलकर साध्वी पर हमला किया है।
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पुलिस को 7 दिनों का समय दिया
साध्वी की हालात फिलहाल स्थिर है, लेकिन दलित समाज में इस हमले से काफी रोष है। वाल्मिकी महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष भंवर सिंह ने पुलिस को 7 दिनों का समय दिया है कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाये नहीं तो दलित समाज आंदोलन (Dalit social movement) करने के लिए मजबूर हो जायेगा। वही मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वाल्मीकि महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष भंवर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र श्रमिक, ज़िला अध्यक्ष भानपाल सिंह, बहुजन क्रांति मोर्चा से महिपाल, और BAMCEF से सलेखचंद, आशीष, अजय और लोकेश मौजूद थे। हालांकि पुलिस की तरफ से अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।



