UP news: हाल ही में उत्तर प्रदेश के मेरठ से से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। जिसमें दलितों को बीमार बताकर एक राज्यमंत्री के ट्रस्ट द्वारा जमीन खरीदने का आरोप है। दलितों का कहना है कि उनका मेडिकल फर्जी है। वो कोई भी बीमार नहीं है।
मंत्री के ट्रस्ट ने ‘फर्जी मेडिकल’ के सहारे खरीदी जमीन
दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी (UP) के मेरठ (Meerut) से है, जहां एक दलित समाज से आने वाले लोगो की जमीनों को नकली मेडिकल सर्टिफिकेट (Medical Certificate) दिखाकर करीब 19 बीघा जमीन को हथियाने का मामला सामने आया है। ये घटना मेरठ से 15 km दूर कायस्थ गवरी गाँव की है। जहां दलित समाज के कुछ लोगो ने ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि मंत्री जी के शांति निकेतन ट्रस्ट (Shanti Niketan Trust) के लोगों ने प्यारेलाल अस्पताल में उनका जबरन मेडिकल कराया था और उन्हें बीमार घोषित कर दिया गया।
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पीड़ित बोले फर्जी है मेडिकल रिपोर्ट
पीड़ितो ने बताया कि 13 सितंबर, 2024 को यहाँ के 10 दलित परिवारों के 46 लोगों का झूठा मेडीकल करा कर उन्हें गंभीर रूप से बीमार बता कर उनकी 19.09 बीघा ज़मीन 10.55 करोड़ रुपये में खरीदी और बेची गई। सारी जमीन की डील ट्रस्ट ने ही की थी। लेकिन हैरानी की बात है कि अब एक साल बाद मेरठ डेवलपमेंट अथॉरिटी (Meerut Development Authority) का टाउनशिप डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (Township Development Project) इस जमीन के पास ही शुरु किया जा रहा है, जिससे जमीन की कीमत कई गुणा बढ़ गई है।
दलितों की जमीन हड़पने का आरोप
जिससे दलितों को अपने साथ हुए धोखे का अहसास हुआ और उन लोगो ने इस धोखेबाजी के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक इस मामले में प्रशासन की तरफ से किसी भी कार्यवाई के आदेश जारी नहीं हुए है। आपको बता दे कि पिछले कुछ समय से यूपी मे दलितो की जमीनों को औने पौने दामों में हथियाने का खेल काफी तेजी से चल रहा है। ऐसे में देखना ये होगा कि सरकार इसके लिए क्या कदम उठाती है। इसके अलवा आपको बता ऐसी ही कई खबरे सामने आती है। जब दलितों की जमीन को अवैध तरीके से हड़प लिया जाता है। या फिर मनुवादी दबंग जोर जबरदस्ती करके दलितों की जमीन अपना कब्ज़ा कर लेते हैं।



