Latehar news: कोल ब्लास्टिंग टूटा दलित परिवार का आशियाना, विरोध में कोलियरी ठप

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Latehar Coal Blasting: हाल ही में झारखंड (Jharkhand) के लातेहार (Latehar) से दिल झकझोर देने वाला मामला सामने आया हैं। जहाँ अचानक एक कोल ब्लास्टिंग की लापरवाही से हुए धमाके में दलित महिला का घर उजाड़ गया था। इस दुर्घटना में महिला भी काफी गंभीर रूप से घायल हो गयी थी।

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ब्लास्ट में दलित महिला का घर उजड़ा 

हालाँकि सरकार ने आवास योजना शुरू की है, लेकिन वह अधूरी ही नज़र आती है। आज भी पिछड़े दलित समुदाय के पास अपना घर नहीं है; उन्हें आज भी अपने टूटे – टीन के घरों में गुज़ारा करना पड़ता है, या कुछ के पास तो घर भी ही नहीं है। ऐसा ही कुछ  झारखंड के लातेहार के बालूमाथ प्रखंड (Balumath Block) में एक दलित महिला के साथ हुआ है, जहां कोल ब्लास्टिंग में की गई लापरवाही के कारण एक दलित महिला का घर गिर गया और महिला खुद भी बुरी तरह से घायल हो गई।

सीसीएल के खिलाफ मोर्चा

जहां सीसीएल (CCL) द्वारा संचालित तेतरियाखांड कोलियरी (Tetriyakhand Colliery) में कोयला उत्खनन में होने वाली सिलसिलेवार (silasilevaar) धमाकों के कारण दलित प्रकाश राम के घर की छत ध्वस्त हो गई। जिसमें उनमें बुजुर्ग मां पार्वती देवी  बुरी तरह से घायल हो गई। इस घटना के कारण वहां रहने वाले ग्रामीणों ने सीसीएल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और जब तक महिला को उचित मुआवजा नहीं मिलता, जब तक वो काम को होने नहीं देंगे। इससे लोडिंग-अनलोडिंग का काम ठप हो गया। वही  इस दौरान ग्रामीणों ने पीओ जीएम के खिलाफ नारेबाजी की।

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प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई

क्योंकि इससे पहले भी राजेश राम नाम के शख्स का घर गिर गया था, जिसके बाद सीसीएल प्रबंधन के पीओ जीएम और बालूमाथ थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही वहां रहने वाले लोगो को उचित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जायेगा..लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। दूसरी गाँव के लोगो का कहना है कि कोई पहली बार नहीं हुआ यहाँ हर दिन नई घटना होती रहती हैं।

वहीं परियोजना पदाधिकारी (Project Officer) जेपी रावत ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि सभी घर पहले से ही 300 मीटर की मानक तय दूरी पर घर है। वहीं दूसरी बार हादसे के बाद भी अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई नहीं हुई है।

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