BNS Section 311: घातक हथियारों के साथ लूट या डकैती, जानें क्या हैं सज़ा के प्रावधान

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311 BNS in Hindi: अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जहां खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल करके लाखों रुपये की चोरी की जाती है या चोरी करने के लिए दूसरे व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया जाता है। तो ऐसे मामले में BNS की कौन की धारा लगती है और ऐसे मामले में किस तरह की सज़ा होगी? तो आपको बता दें, ऐसा करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 311 लागू होती है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (BNS) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।

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धारा 311 क्या कहती है? BNS Section 311 in Hindi

जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 311 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 311 मुख्य रूप से उस व्यक्ति पर लागू होती है जो लूट या डकैती के दौरान किसी जानलेवा हथियार का इस्तेमाल करता है, किसी को गंभीर चोट पहुंचाता है, या मौत/गंभीर चोट पहुंचाने की कोशिश करता है।

BNS 311 Important Points

  • नए कानून (BNS) में सेक्शन की संख्या IPC से बिल्कुल अलग है। पुराने IPC में “धोखाधड़ी” के लिए सेक्शन 311 था, और नए BNS में भी चोरी के दौरान घताक हथियार रखने के लिए सेक्शन 311 है।

बीएनएस धारा 311 का उदहारण 

For Example: मान लीजिए चोरों का एक बड़ा गैंग किसी के घर में घुसकर हथियार दिखाकर डर पैदा करता है और घर का सामान लूट लेता है, तो ऐसे में यह सेक्शन अपराधियों के खिलाफ लागू होता है।

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बीएनएस धारा 311 की और सजा

इसके अलावा, क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (BNS) का सेक्शन 311 चोरी के दोषी व्यक्ति के लिए सज़ा तय करता है। यह तब लागू होता है जब कोई व्यक्ति चोरी करने के इरादे से किसी दूसरे व्यक्ति को लूटता है या चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देता है। तो इस सेक्शन के तहत अपराधी को साधारण दंड और 10 साल की सजा के साथ जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलवा आपको बता दें, यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है, इसलिए पुलिस को जाँच के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति चाहिए होती है। इस अपराध में जमानत मिलना भी काफी मुश्किल हैं।

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