BNS Section 304: अब छीना-झपटी करने वालों की खैर नहीं, जानें नए कानून में कितनी होगी सजा?

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304 BNS in Hindi:  अपने अक्सर सुना होगा और देखा भी होगा कि अक्सर लोग छीना-झपटी का शिकार हो जाते है। लेकिन क्या आप जानते है ऐसे मामले में किस तरह की सज़ा होगी? तो आपको बता दें, ऐसा करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 304′ लागू होती है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (BNS) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।

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धारा 304 क्या कहती है? BNS Section 304 in Hindi

जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 304 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 304 मुख्य रूप से छीना-झपटी (Snatching) के अपराध के लिए है। बता दें पुराने कानून (IPC) में इसके लिए कोई अलग धारा नहीं थी, लेकिन नए कानून में इसे एक विशिष्ट अपराध बनाया गया है। यदि कोई व्यक्ति चोरी करने के इरादे से अचानक, तेजी से या बलपूर्वक किसी व्यक्ति के पास से कोई चल संपत्ति (जैसे मोबाइल, चेन) छीन लेता है, तो उसे ‘छीना-झपटी’ कहा जाएगा

BNS 304 Important Points

• धारा 304(1) के तहत, चोरी को ‘छीनना’ कहा जाता है, जब अपराधी चोरी के इरादे से किसी व्यक्ति या उसके कब्ज़े से कोई चल संपत्ति (जैसे चेन, मोबाइल फोन, या वॉलेट) लेता है।
• सज़ा के प्रावधान (धारा 304(2) छीनने के दोषी व्यक्ति के लिए निम्नलिखित सज़ा का प्रावधान करती है। जैसे कारावास: अधिकतम 3 साल तक (साधारण या कठोर)।

बीएनएस धारा 304 का उदहारण 

For Example: मान लीजिये आप रोड पर चल रहे है तभी कोई तेज़ रफ़्तार बाइक से आता है और आपके गले में पड़ी चेन को खीच ले जाता है तो इस मामले में अपराधी के खिलाफ यह धारा लागू होती है।

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बीएनएस धारा 304  की और सजा

इसके अतिरिक्त, बीएनएस (BNS) की धारा 304 के तहत, यदि किसी व्यक्ति को दोषी (Guilty) ठहराया जाता है, तो उसके लिए सजा निर्धारित की गई है। यह तब लागू होता है जब कोई चोरी या धोखाधड़ी से प्रॉपर्टी चुराता है। इस सेक्शन के तहत, अपराधी को मामूली जुर्माना और सात 3 तक की जेल हो सकती है। इसके अलवा आपको बता दें, यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है, इसलिए पुलिस को जाँच के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति चाहिए होती है।

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