Top 5 Dalit news: ऐसा लगता है जैसे कोई कितनी भी कोशिश कर लें,कितनी भी लड़ाइयां लड़ लें और कितने भी सख्त कानून बना लें, लेकिन जब तक मनुवादी मानसिकता रहेगी , तब तक दलितों और पिछड़ों के साथ न तो भेदभाव कम होगा और न ही उनका उत्पीड़न। जो समय के साथ कम होने के बजाय बढ़ ही रहा है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाले घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
राजस्थान में दलित को मंदिर में जाने पर रोका
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से है। जहां मंदिर में प्रवेश करने पर एक 15 साल के नाबालिग दलित बच्चे को जातिवादी आतंकियों ने बुरी तरह पीटा। ये घटना चित्तौड़गढ़ जिले के घोसुंडा गांव की है, जहां 15 साल के दलित लड़के चेतन प्रकाश रेगर ने गांव में ही बने लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा करने के लिए प्रवेश किया था, लेकिन जब वो मंदिर से निकल रहा था तब गांव के ही उंची जाति वाले शुभम सुखवाल ने उसका रास्ता रोका, और उसे जातिसूचक गालियां देनी शुरु कर दी।
इतना ही उसे धमकी देते हुए पूछा कि चमार होते हुए भी उसकी हिम्मत कैसे हुई मंदिर में घुसने की। लेकिन जब पीड़ित ने विरोध किया तो उसे बुरी तरह से लात घूसों से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। जिसके बाद पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अभी तक किसी की भी गिरफ्तार नहीं हुई है, वहीं दलित वेलफेयर ग्रुप के साथ डॉ. अंबेडकर सिविल एसोसिएशन और लोकल दलित ग्रुप्स ने अब मुद्दे को उठाते हुए ह्यूमन राइट्स कमीशन को ज्ञापन देकर पीड़ित के लिए न्याय की मांग की है। लेकिन हैरानी की बात है कि अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
भीम आर्मी चीफ को लंबी लड़ाई में मिली जीत
2, दलितो से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर की उस लड़ाई को लेकर है, जिसमें आखिरकार उन्हें जीत मिल ही गई है। दरअसल यूपी में आजाद लगातार शिक्षामित्रों के वेतन बढ़ाने सहित तमाम मांगों को मजबूती से उठा रहे थे और उनकी ये लड़ाई आखिरकार सफल हो गई है।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों का वेतन 80% बढ़ाकर 18 हजार रूपए कर दिया है, जिसके बाद से शिक्षामित्रों में काफी खुशी का माहौल है, तो वहीं दलित संगठन इसे चंद्र शेखर आजाद की लंबे संघर्ष और न्याय की जीत बता रहे है। वैसे इस बात में कोई दो राय नहीं है कि शिक्षामित्रों के कम वेतन को लेकर और उनके आर्थिक असमानता को लेकर आजाद लगातार आवाद उठाते रहे है, ऐसे में सरकार का ये कदम वाकई में सराहनीय है।
मेरठ में दलित बच्ची ने लगाई फांसी
3, दलितों से जुड़ी अगली खबर यूपी के मेरठ से है, जहां 14 साल की दलित बच्ची ने अपने साथ बलात्कार की कोशिश करने वाले आरोपी को मिली बेल के बाद फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली.. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। ये घटना मेरठ के लखीमपुर खीरी की है। दरअसल 10 जनवरी को जब बच्ची गाय का चारा लेने के लिए जंगलो की तरफ गई थी, तब आरोपी लवलेश कुमार नाम ने उसे जबरन खींच कर उसके साथ बलात्कार की कोशिश की, लेकिन जब बच्ची ने शोर मचाना शुरु कर दिया तो आरोपी ने बच्ची को जातिसूचक गालियां दी और भाग गया।
पीड़ित बच्ची ने घर जाकर परिवार को सारी घटना बताई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन जब आरोपी को बेल मिल गई तो उसने पीड़िता को धमकी दी कि अगर केस वापिस नही लिया गया तो वो उसे और उसके परिवार को नहीं छोड़ेगा, जिससे बच्ची काफी डरी हुई रहती थी और उसने फांसी लगा कर जान दे दी। घटना के वक्त बच्ची की मां जंगल से लड़की लाने गई थी और उसके पिता मजदूरी करने गए थे। पुलिस ने जानकारी मिलते ही फिर से आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की जांच शुरु कर दी है।
बागपत में दलित बच्ची के साथ लव जिहाद की कोशिश
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के बागपत से है, जहां शादी का झांसा देकर एक दलित बच्ची के साथ एक मुसलमान लड़के ने 7 महीने तक दुष्कर्म किया, और जब वो गर्भवति हपुई तो उसका गर्भपात करवा दिया। ये मामला चांदीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव है, जहां पीड़िता ने पुलिस को तहरीर दी है कि पिछले 7 महीने से एक मुसलमान युवक शादी का झांसा देकर उसका दुष्कर्म कर रहा था, उसने पीड़िता का अश्लील वीडियो भी बनाया है, और वो लगातार ब्लैकमेल करके लाखों रूपये और सोने के जेवरात भी ऐंठ चुका है।
जिसमें आऱोपी का एक साथी भी शामिल है। वहीं पीड़िता जब इसका विरोध करती तो वो वीडियो वायरल करने और उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देता था। लेकिन अब आरोपी दूसरी जगह शादी करने जा रहा है, जिसके मजबूर होकर पीड़िता ने पुलिस में न्याय के लिए अर्जी दी है। एसपी बागपत सूरज कुमार राय ने लव जिहाद करने समेत कई धाराओ में मामला दर्ज कर जांच शुरु की, जिसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है औऱ फिलहाल जेल भेज दिया गया है।
जेएनयू के कुलपति का विवादित बयान
5, दलितो से जुड़ा अगला मामला राजधानी दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से है, जहां दलितो के उत्पीड़ित होने को लेकर JNU की कुलपति शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित का विवादित बयाम सामने आया है। अभी हाल ही में जेएनयू में दलित छात्रो के साथ भेदभाव करने का मामला सामने आया था, जिसके बाद अब कुलपति ने बयान देते हुए कहा कि दलित और ब्लैक समुदाय के लोग “हमेशा खुद को पीड़ित बताकर या विक्टिम कार्ड खेलकर आगे नहीं बढ़ सकते है। कुलपति ने ये चर्चा यूजीसी के नये नियमों को लेकर की थी।
कुलपति ने खुद ही दलित कार्ड खेला
जिसमें उन्होंने कहा कि यूजीसी के नियम असल में अनावश्यक और तर्कहीन” हैं, ये एक अस्थाई नशा है, जिसमें दलित किसी को शैतान बता कर और खुद को पीड़ित बता कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे है, जो कि बंद कर देना चाहिए। कुलपति के इस बयान के सामने आने के बाद दलित छात्रों ने हंगामा शुरु कर दिया और कुलपति के इस्तीफे की मांग की, जिसके बाद कुलपति ने खुद ही दलित कार्ड खेला.. उन्होंने कहा कि वो खुद बहुजन समाज से है, उनके बयान के तोड़ मोड़ कर पेश किया जा रहा है, मेरे कहने का वो मतलब था ही नहीं जो समझा गया।
हैरानी की बात है कि पूरा बहुजन समाज यूजीसी के नियमों को लाने की मांग कर रहा है, पूरा सवर्ण समाज इसे रोकने के लिए लड़ रहा है, तो फिर कैसे ये नियम बेबुनियादी हुए, औऱ जब विवाद बढ़ा तो फिर खुद बहुजन कार्ड खेलने की क्या जरूरत पड़ गई। वहीं अब देश भर में छात्र संघ ने कुलपति से माफी या इस्तीफा की मांग करते हुए आंदोलन शुरु कर दिया है। तो वहीं कुलपति ने खुद को आरएसएस (RSS) से जुड़े होने पर गर्व करने की बात कहीं है.. अब देखना ये होगा कि क्या आरएसएस की विचारधारा दलित छात्रों के बीच चल पायेगी।



