Andhra Pradesh news: रोहतक की इस खबर से एहसास होता है कि आज के दौर में किसी पर भरोसा करना कितना मुश्किल है। कल जो साथ निभाने की कसमें और वादे कर रहे थे, आज वही धोखे की ऐसी कहानी लिख रहे हैं जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। जहां सात जन्मों के वादे महज एक ‘झूठी शादी’ का मुखौटा निकले, वहां किसी अजनबी पर यकीन करना अब खौफ पैदा करता है। रोहतक में आंध्र प्रदेश की एक महिला के साथ जो हुआ, वह साबित करता है कि प्यार के नाम पर दिए गए जख्म सबसे गहरे होते हैं।
आंध्र प्रदेश की एक दलित महिला ने तिलक नगर के रहने वाले युवक पर झूठी शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने और लाखों रुपये ठगने का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला ने सामाजिक संगठनों की मदद से सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। महिला का आरोप है कि युवक ने उससे शादी का वादा कर करीब 40 लाख रुपये ले लिए और बाद में उसे छोड़कर रोहतक आ गया।
मेट्रीमोनियल साइट से शुरू हुई थी पहचान
पीड़ित महिला आंध्र प्रदेश के एक जिले की रहने वाली है। उसने बताया कि उसने एक मेट्रीमोनियल वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल बनाया था। वहीं रोहतक के तिलक नगर में रहने वाले युवक का भी उसी साइट पर प्रोफाइल था। साल 2022 में दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो करीब 6–7 महीने तक फोन पर चलती रही। महिला का आरोप है कि साल 2023 में युवक आंध्र प्रदेश आया और वहां समुद्र किनारे हाथ में जल लेकर उसे अपनी पत्नी मान लिया। जब महिला ने पूरे रीति-रिवाज से शादी करने की बात कही तो युवक ने कहा कि वह आर्य समाजी है और उनके यहां इसी तरह शादी होती है। महिला का यह भी कहना है कि युवक ने शादी को रजिस्टर भी नहीं होने दिया।
घर बनाने के नाम पर लिए 40 लाख रुपये
महिला के अनुसार, युवक ने उससे घर बनाने के नाम पर करीब 40 लाख रुपये ले लिए। पैसे लेने के बाद वह रोहतक लौट आया और फिर वापस नहीं आया। महिला ने बताया कि जब उसने फोन किया तो युवक का नंबर भी बंद मिला। इसके बाद उसने युवक के भाई को फोन किया, जो गुरुग्राम में ASI के पद पर तैनात है, लेकिन वहां से भी कोई मदद नहीं मिली।
पीड़िता का कहना है कि झूठी शादी का भरोसा देकर आरोपी युवक ने आंध्र प्रदेश में करीब चार महीने तक उसके साथ पति-पत्नी की तरह रहते हुए यौन शोषण किया। इसके बाद जब वह युवक को ढूंढते हुए रोहतक पहुंची तो यहां भी होटल में कई बार उसके साथ यौन शोषण किया गया।
पहले थाने में गलती मानी
महिला का कहना है कि सिविल लाइन थाने में सामाजिक संगठनों की मौजूदगी में युवक ने अपनी गलती भी मानी और उसे पत्नी मानने की बात कही। थाने में एक समझौता भी लिखा गया था, लेकिन अब वह दस्तावेज गायब बताया जा रहा है। महिला का आरोप है कि थाने से निकलने के बाद युवक उसे घर ले जाने के बजाय होटल ले गया और फिर बस स्टैंड पर छोड़कर फरार हो गया।
महिला ने बताया कि मामले की जानकारी DSP और ASP को भी दी जा चुकी है। आरोप है कि पुलिस अधिकारियों को सब कुछ पता होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही। महिला का यह भी आरोप है कि पुलिस ने उसकी FIR को आंध्र प्रदेश भेज दिया, जबकि उसके साथ रोहतक के होटलों में भी शोषण हुआ है।
परिवार पर मिलीभगत का आरोप
पीड़िता ने आरोपी युवक के परिवार पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि युवक का भाई पुलिस में ASI होने के कारण अपने पद का दुरुपयोग कर रहा है, जिसके चलते पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। महिला का कहना है कि सामाजिक संगठनों के दबाव के बाद ही पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया, लेकिन अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
सामाजिक संगठनों ने उठाई आवाज
सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र पांचाल का कहना है कि पिछले ढाई महीने से पीड़िता न्याय के लिए भटक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रहा है। वहीं भारत मुक्ति मोर्चा महिला संघ की मनीषा बिरला बोहत ने कहा कि महिला के साथ अन्याय हुआ है और अगर उसे जल्द न्याय नहीं मिला तो समाज इस मुद्दे को लेकर आंदोलन भी कर सकता है। फिलहाल पीड़ित महिला न्याय की मांग कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग उठ रही है।



