Madhya Pradesh crime news: हाल ही में, मध्य प्रदेश के नीमच से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक दलित परिवार ने मुख्यमंत्री से सामूहिक आत्महत्या करने की अनुमति मांगी है। इतना ही नहीं दलित परिवार ने मनुवादियों की मारपीट से परेशान होकर हॉस्पिटल में मनुवादी दबंगों के खिलाफ प्रोटेस्ट किया हैं। और सरकार से न्याय की गुहार लगाई है।
सामूहिक रूप से आत्महत्या करने की परमिशन मांगी
एक ओर, सरकार और प्रधानमंत्री ‘सबका साथ, सबका विकास’ की वकालत करते नजर आती है, तो वहीं दूसरी ओर, स्वयं पुलिस ही दलितों के साथ अन्याय करती दिखाई देती है। जी हाँ तजा मामला मध्यप्रदेश (MP) के नीमच (Neemuch) से है, जहां एक दलित परिवार ने जातिगत प्रताड़ना और पुलिस के रवैये से तंग आकर सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) से सामूहिक रूप से आत्महत्या करने की परमिशन मांगी है। दिल को झकझोर कर रख देने वाली ये घटना नीमच जिले के डसिया गांव (Dasia Village) की है, जहां एक दलित परिवार ने अपनी आपबीति बताते हुए अस्पताल में ही धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया।
पीड़ित प्रेमचंद मोंगिया ने बताया कि उनकी बेची खेतों से चने की फसल ले जा रही थी, लेकिन गांव के ही मोहनसिंह और और बाबूसिंह ने उनकी बेटी को पहले जातिसूचक गालियां दी और फिर मारपीट की..इतना ही नहीं जब अजाक थाने (SC/ST Police Stations) में शिकायत दर्ज करानी चाहि तो पुलिस ने उन्हें डांट कर भगा दिया।
पत्नी और बेटी गंभीर रूप से घायल
जिससे उन्होंने 181 सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी इसी बात से गुस्सायें आरोपियों ने 15 मार्च को फिर से पूरे दलित परिवार पर हमला कर दिया…जिससे उनकी पत्नी और बेटी गंभीर रूप से घायल है। अब पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए अस्पताल में ही धरना देना शुरु कर दिया है। उन लोगो ने सीएम से अर्जी दी है कि या तो उन्हें न्याय मिले या पूरे परिवार को सामूहिक खुदकुशी करने की इजाजत। अब देखना ये होगा कि सीएम की इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया होती है। इसके अलवा आपको बता दें, ये कोई पहला मामला नहीं अक्सर कई बार दलितों के साथ अत्यचार मारपीट के ऐसे मामले सामने आते हैं, जब दलितों को न्याय नहीं मिलता है।



