Top 5 Dalit news: दलित चाहे कितना भी विरोध कर लें, लेकिन जब तक वो संगठित होकर ताकतवर नहीं बनते, अपना मजबूत प्रतिनिधि नहीं रखते तब तक उनकी लड़ाई सही मायने में सड़को तक ही सीमित रह जाएगी।। क्योंकि जहां से लोगों की आवाज सुनी जाती है वहां तक दलित प्रतिनिधि ही नहीं पहुंच पाता, फिर भला उनकी तकलीफ को एसी की गाड़ियो में बैठने वाले कैसे समझेंगे। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
बिहार में यूजीसी के नए नियमों को लागू करने की आग हुई तेज
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला बिहार के पटना से है, जहां यूजीसी के नए गाइडलाइन को लागू करने के मांग को लेकर आंदोलन अब काफी गंभीर रूप ले चुका है, एक तरफ मनुस्मृति जलाई जा रही है तो वहीं UGC बिल के समर्थन में जा रहे भीम आर्मी बिहार अध्यक्ष अमर ज्योति, रितेश यादव समेत उनके कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने आंदोलन करने से रोकने के लिए जबरन गिरफ्तार कर पुलिस वैन में बिठा लिया और उन्हें कहा ले गई है, उसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है।
गिरफ्तारी के वक्त खुद अमर ज्योति ने खुलासा किया था कि पुलिस उन्हें कहा ले जा रही है, जेल के जा रही है या फिर उनकी हत्या की साजिश की जा रही है, उन्हें किसी बात की जानकारी नहीं है। वहीं यूजीसी के नियमों पर लगी रोक को लेकर सुप्रीम कोर्ट 19 मार्च को फिर से सुनवाई करने के लिए तैयार है। उसपर लगी रोक को लेकर दलित छात्र और दलित संगठन लगभग दो महीनों से आंदोलन कर रही है अब देखना ये होगा कि दलित छात्रों का ये संघर्ष क्या रंग लाता है। वैसे आपको क्या लगता है क्या दलित छात्रों के लिए न्याय का कोई दरवाजा खुलेगा।
कौशांबी में दलित महिला का बनाया अश्लील वीडियो
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के कौशांबी से है… यूपी जो कि दलितो के लिए दिन प्रति दिन नरक बनता जा रहा है.. जहां दलित घर के बाहर तो छोड़िये अपने घर में भी सुरक्षित नहीं है.. ताजा मामला कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़ित दलित महिला ने एक युवक की छेड़खानी और ब्लेकमैल से तंग आकर पुलिस को तहरीर दी है, महिला ने बताया कशिया पश्चिम इलाके में रहना वाला आरोपी बालानाथ महिला को जबरण उससे संबंध बनाने के लिए प्रताड़ित कर रहा है, पीड़िता ने बताया कि वो आते जाते महिला के साथ अश्लील हरकतें करता था, उससे छेड़ता था।
लेकिन जब महिला ने उसे इग्नोर किया तो उसने महिला का छत पर नहाते वक्त वीडियो बना लिया और अब वो धमकी दे रहा है कि वो महिला का विडियो वायरल कर देगा. पीड़िता ने बताया कि आरोपी वीडियो डीलीट करने के लिए महिला को उसके साथ संबंध बनाने के लिए दबाव डाल रहा है, और साथ ही 2 लाख रूपयो की मांग भी कर रहा है। पीड़िता के पति और ससुर ने आरोपी के परिवार वालों से बात करने की भी कोशिश की थी लेकिन उसके बाद से आरोपी और ज्यादा परेशान कर रहा है। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरु कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आगे की कार्यवाई की जायेगी।
गाजियाबाद में 4 साल की दलित बच्ची के साथ बर्बरता
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के गाजियाबाद से है, जहां 4 साल की दलित मासूम बच्ची को न केवल हवस का शिकास बनाया गया बल्कि उसकी निर्मम हत्या भी कर दी गई। ये मामला गाजियाबाद के थाना नंदग्राम क्षेत्र का है, जहां पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए खुद भीम आर्मी के कार्यकर्ता परिवार से मिलने पहुंचे.. पीड़ित परिवार से मिलने के बाद बच्ची के लिए न्याय की गुहार लगाते हुए भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकाला। वहीं पुलिस ने भी इस मामले में तेजी दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए जब दबिश दी तो आरोपी गौरव प्रजापति ने पुलिस पर हमला करके भागने की कोशिश की।
लेकिन पुलिस ने उस पर गोली चला दी, जिससे उसके पैर में गोली लगी है..और अभी उसका इलाज चल रहा है। बच्ची के साथ दुष्कर्म करने और उसकी हत्या करने की बात आरोपी ने कबूल कर ली है…साथ ही हत्या के बाद उसने खून से सना हाथ अपने रूमाल से पोछा था… जो कि उसकी निशानदेही पर बरामद कर लिया गया है..वहीं आरोपी के पास से अवैध हथियाऱ भी बरामद किया गया है.. आरोपी के इलाज के बाद उसे जेल भेजा जायेगा।
अहमदाबाद में दलित सरपंच की हत्या मामले में न्याय
4, दलितो से जुड़ा अगला मामला गुजरात के अहमदाबाद से है, जहां एक दलित के सरपंच बनने पर जातिवादियों द्वारा उसकी निर्मम हत्या किये जाने के मामले में आखिरकार 13 सालों के बाद न्याय हुआ। ये घटना अहमदाबाद के धोलका की है, जब 1 जुलाई 2013 को विजय चावड़ा पर भरवाड़ समुदाय के कई लोगो ने दो बार हमला किया गया था, क्योंकि विजय चावड़ा लोलिया गांव के सरपंच नियुक्त हो गए थे, जिससे भारवाड़ समुदाय के कई लोगो ने उनसे रंजिश कर ली थी, और इसी रंजिश के चलते उनकी हत्या कर दी गई..इतना ही नहीं आपको जानकर हैरानी होगी कि विजय की बहन प्रवीनाबेन भी 2015 में इलेक्शन में खड़ी हुई थी तो उनकी भी हत्या करवा दी गई।
इन हत्याओं में 6 आरोपी बने थे लेकिन 2021 के बाद जब ट्रायल शुरु हुआ तो एक आरोपी की मौत हो गई..और आखिरकार इतने सालो के बाद धोलका के सैशन कोर्ट ने पांचों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसी के साथ आरोपियो को मृतक सरपंच की मां को 6 लाख रूपय मुआवजा भी देने का हुक्म सुनाया है।
मध्य प्रदेश में दलित परिवार ने मांगी खुदकुशी की परमिशन
5, दलितो से जुड़ी अगला मामला मध्यप्रदेश के नीमच से है, जहां एक दलित परिवार ने जातिगत प्रताड़ना और पुलिस के रवैये से तंग आकर सीएम मोहन यादव से सामूहिक रूप से आत्महत्या करने की परमिशन मांगी है। दिल को झकझोर कर रख देने वाली ये घटना नीमट जिसे के डसिया गांव की है, जहां एक दलित परिवार ने अपनी आपबीति बताते हुए अस्पताल में ही धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया। पीड़ित प्रेमचंद मोंगिया ने बताया कि उनकी बेची खेतों से चने की फसल ले जा रही थी, लेकिन गांव के ही मोहनसिंह और और बाबूसिंह ने उनकी बेटी को पहले जातिसूचक गालियां दी और फिर मारपीट की..इतना ही नहीं जब अजाक थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहि तो पुलिस ने उन्हें डांट कर भगा दिया।
जिससे उन्होंने 181सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी जिससे गुस्सायें आरोपियों ने 15 मार्च को फिर से पूरे दलित परिवार पर हमला कर दिया…जिससे उनकी पत्नी और बेटी गंभीर रूप से घायल है। अब पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए अस्पताल में ही धरना देना शुरु कर दिया है। उन लोगो ने सीएम से अर्जी दी है कि या तो उन्हें न्याय मिले या पूरे परिवार को सामूहिक खुदकुशी करने की इजाजत। अब देखना ये होगा कि सीएम की इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया होती है।



