Secrets of Mayawati’s Success: जब हम वर्तमान में देश में बहुजन समाज की सबसे शसक्त महिला के बारे में बातें करते है..जब हम बात करते है कि वाकई में मर्दो के इस समाज में एक महिला का नेतृत्व कैसा होता है.. कैसा होता है वो चेहरे जो अपने आगे सभी मनुवादियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दें…जो गिरे, लड़खड़ाये और फिर शेरनी की तरह दहाड़ कर रण में खड़ी हो जायें… तो वो चेहरा बिल्कुल बहुजन समाज पार्टी की मुखिया, उत्तर प्रदेश की 4 बार मुख्यमंत्री बहन कुमारी मायावती जी जैसा… मायावती को लेकर तमाम अफवाहें है..उनके जीवन पर कई दाग तक लगाये गए है..लेकिन सच्चाई से वाकई में कितने रूबरू है।
लोगो को अक्सर कही सुनाई बात पर भरोसा तो हो जाता है, लेकिन क्या वाकई में हम सच जानना भी चाहते है। मायावती को वाकई में जानना है तो उनपर बैस्ड सिरीज देखने के बजाये वो किताबें पढनी चाहिए जिसमें मायावती के संघर्ष शब्द ब शब्द शामिल है। अपने इस वीडियो में हम मायावती पर निर्धारित पांच ऐसी किताबों के बारे में जानेंगे..जिसे पढ़कर आपको सही मायमे में मायावती का व्यक्तित्व समझ आयेगा। वाकई में कौन है मायावती।
मायावती के सफर को बयां करती हैं ये 5 अहम किताबें
1, मायावती पर बेस्ड सबसे चर्चित उनकी बायोग्राफी बहनजी, अ पॉलिटिकल स्टोरी ऑफ मायावती है। जो कि साल 2008 में प्रकाशित हुई थी। इस किताब को मशहूर पत्रकार अजय बॉस ने लिखा था। ओरिजनली ये इंग्लिश भाषा में लिखी गई है। ये किताब आपको मायावती के बचपन से लेकर उनके अंतिम बार सीएम बनने के दौरान किस किस हालातों से गुजरना पड़ा था इसके बारे में काफी विस्तार से बताया गया है।
2, सुश्री मायावती का जीवन संघर्ष
इस किताब को डॉ. आर.पी. वर्मा ने लिखा था। जो कि ओरिजनली हिंदी भाषा में लिखी गई थी। यह पुस्तक मायावती के राजनीति जीवन में उनके संघर्षों पर आधारित है। इस किताब के जरिए मायावती की जिंदगी को और करीब से जानने का मौका मिलता है।
3, बहन मायावती: दलित संघर्ष या राजनीति मायावती की राहें राजनीति में कांटों को डगर थी। बदनामी, परिवार विरोध और परिवार से दूरी सबकुछ मायावती के हिस्से में आई थी। रजनीश कुमार दुबे ने मायावती के राजनीति में आने के बाद जो कड़ा संघर्ष किया, उनसे जुड़े संघर्ष और राजनीति की पड़ताल करती है ये किताब।
4 अम्बेडकर से मायावती तक की यात्रा – The journey from Ambedkar to Mayawati
– ये किताब बाबा साहब के संघर्ष से लेकर बहन मायावती के संघर्षों तक की कहानी कहती है। इसके लेखक जी. प्रसाद और प्रीति सिंह है। दोनों लेखकों ने डॉ. बी.आर. अम्बेडकर से लेकर मायावती तक दलित के लिए बदलते आंदोलन की वैचारिक गतिविधियों और राजनीतिक संघर्षों की यात्रा का वर्णन करती है।
5 माया, मोदी, आज़ाद
हिंदुत्व के समय में दलित राजनीति , राजनीति में दलितों की स्थिति के बदलते स्वरूप, हिन्दू जाति में भी दलितों को अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष को बताती है ये किताब। इस किताब को सुधा पई और सज्जन कुमार ने लिखा है जो असल के एक व्यापक राजनीतिक विश्लेषण है, इसमें मायावती के राजनीति में बढ़ते कद और फिर उनके पतन में मायावती की भूमिका और साथ साथ पीएम मोदी, चंद्र शेखर आजाद समेत कई बड़े नेताओं के उदय की कहानी है। ये किताब 13 मई 2023 को प्रकाशित हुई थी।
बहन कुमारी मायावती एक ऐसी शख्सियत है, जिनके बारे में आप जितना जानते जायेंगे, उनके प्रति आपका सम्मान और ज्यादा बढ़ता जायेगा। बचपन से लेकर आज तक उन्होंने दलित होने के कारण केवल संघर्ष ही किया है। आज भले ही बहुजन समाज पार्टी कुछ समय के लिए पीछे हो गया हो, लेकिन मायावती में ये ताकत है कि वो फिर से बसपा को मजबूती से खड़ा कर सकती है..जो वाकई में मायावती की ताकत को पहचानना चाहते है, उन्हें जानना चाहते है..उनके लिए ये किताब सबसे बेहतर ऑप्शन है।



