Top 5 Dalit news: जब भी ऐसा लगता है कि शायद अब सरकार दलितो के लिए कुछ सोच रही है, शायद अब उन्हें सम्मान मिलेगा, उन्हें न्याय मिलेगा, तभी कुछ न कुछ ऐसी सच्चाई सामने आती है, जिससे उनकी उम्मीदों पर पानी फिर जाता है। न्याय और बराबरी की बात धरी की धरी रह जाती है। दलितो के लिए कुछ नहीं बदलता। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओ के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिय़ा पर काफी सुर्खियों में है।
यूपी सीएम योगी ने दलितों को दी बड़ी सौगात
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला उत्तर प्रदेश से है, जहां सरकार ने दलितों और पिछड़ो के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। जी हां, यूपी में रहने वाले गरीब और वंचित दलितो के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब से कांशीराम आवासों पर से सारे अवैध कब्जों को हटा कर वंचित दलितों को वो घर दिये जायेंगे।
उन्होंने कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत दलितों को सस्ती दरों में घर मुहैया कराने के लिए नगरीय निकायों में बने कांशीराम आवास में से सभी अवैध कब्जों को हटाने का आदेश जारी कर दिया है, जिसे फिर से बेहतर बना कर डिजर्विंग दलितों को दिया जायेगा। सरकार के इस फैसले से दलित समुदाय में काफी खुशी का माहौल है, उन्हें भी अब अपने सिर पर पक्की छत होने की उम्मीद नजर आने लगी है। अब देखना ये होगा कि इस फैसले के बाद वाकई में कितने दलितों को अपना घर मिल पाता है, या फिर ये भी केवल दलित वोटबैंक के लिए किया गया पब्लिसीटी स्टंट ही है।
गौरीबिदानूर में दलितो के मंदिर प्रवेश पर रोक
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला कर्नाटक के गौरीबिदानूर से है, जहां मंदिर के उद्घाटन समारोह में दलितो के प्रवेश पर रोक लगाने के कारण जातिगत तनाव पैदा हो गया है। ये मामला गौरीबिदानूर के उचचो दनहल्ली गांव का है, जहां करीब 20 प्रतिशत आबादी दलितों की है। गांव के लोगो ने चंदा इकट्ठा करके के जर्जर हो चुके सल्लापुरदम्मा मंदिर को ठीक करवाया था, लेकिन जब उसके उद्घाटन का समय आया तो गांव के उंची जाति वालो ने दलितो को प्रवेश ही नहीं करने दिया, जिससे नाराज हुए दलित लोगो ने पुलिस बुला ली।
जिसके बाद दलित समाज के लोगो ने जबरन गर्भग्रह में जाकर पूजा की, लेकिन इससे जातिवादी आतंकियों को अपना अपमान महसूस हुआ और मामला काफी संगीन हो गया, जिसके बाद DSP प्रकाश, CPI अंजन कुमार, तहसीलदार अरविंद केएम समेच कई अधिकारियों ने गांव का दौरा किया और दोनो पक्षों को शांत कराने की कोशिश की। दलित समाज के लोगो ने कहा कि उनसे चंदा लिया गया, वो मंदिर बनाने में योगदान दे सकते है लेकिन मंदिर में प्रवेश नही कर सकते है।
परंपरा के नाम पर अभी भी दकियानूसी सोच को लेकर चलते है। लेकिन अब वो संविधान को मानते है और उसके अनुसार ही चलेंगे। इस मामले में अब तक पुलिस ने 5 लोगो को गिरफ्तार भी कर लिया है। अब देखना ये होगा कि दलितो के प्रति इस मानसिकता में पुलिस कार्यवाई के बाद कोई बदलाव आता है या नहीं। फिलहाल गांव में पुलिस ने कड़ी सुरक्षा तैनात कर दी है।
गैंगरेप पीड़िता को मिला 14 साल बाद न्याय
3, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से है, जहां एक गैंगरेप पीड़ित नवविवाहिता को आखिरकार 14 साल बाद कोर्ट ने न्याय दिया है। ये घटना 23 नवंबर साल 2012 की है, जब अलीगढ़ के सासनी गेट इलाके में सुबह 4 बजे के करीब कुख्यात मेवाती गैंग के कई लोगो ने पीड़िता के घर पर लूटपाट के इरादे से हमला किया था, लेकिन लूटपाट के बाद चार आरोपियों ने नवविवाहिता के साथ गैंगरेप भी किया था, मगर लोकलाज के डर से परिवार ने पहले तो केवल लूटपाट की ही जानकारी पुलिस को दी थी।
लेकिन जब 30 जनवरी 2013 को बदमाशो के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई दो आरोपियो के गिरफ्तार कर लिया गया, जहां उन्होंने न केवल लूटपाट करने की बात स्वीकार की बल्कि गैंगरेप की भी बात स्वीकार की थी। जिसकी पुष्टि बाद में पीड़ित परिवार ने की थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (SC-ST एक्ट) तोष कुमार शर्मा की अदालत ने चारों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है साथ 35-35 हजार रूपय का जुर्माना भी लगाया है। जिसमें से आधी रकम पीड़िता की मदद के लिए दी जायेगी।
जौनपुर में एक दलित युवक की पीट पीट कर हत्या
4, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के जौनपुर से है, जहां कर्ज वापिस न देने पर सांमतवादी दबंगो ने न केवल दलित युवक को बुरी तरह से पीटा बल्कि उसे इतना टॉर्चर किया कि उसकी जान चली.. और अब इस मामले को दबाने के लिए दबंग दलित के परिवार को लगातार धमकी दे रहे है। ये घटना जौनपुर के फूटहन थाना के कुशाह गांव की है। मृतक युवक का नाम राजू गौतम है, जो कि आरोपी के घर पर ड्राइवर का काम करता था, लेकिन कुछ समय पहले राजू गौतम ने नौकरी छोड़ दी थी, मगर मृतक ने आरोपी से 6500 रूपय उधार लिये हुए थे।
जिसकी डिमांड आरोपी कर रहे थे, मगर राजू गौतम वो पैसे लौटाने में असमर्थ था, जिसके बाद उसे बातचीत के बहाने से आरोपी ने बुलाया औऱ उसे बुरी तरह से टॉर्चर किया जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार की मदद के लिए वहां दलित संगठन के लोग भी पहुंच गए है और वो पीड़ित परिवार के लिए सुरक्षा, और मुआवजे की मांग कर रहे है। लेकिन हैरानी की बात है कि आरोपियों के रसूखदार होने के कारण पुलिस ने भी पीड़ित परिवार की कोई मदद नहीं की है, और न ही कोई सुनवाई की गई। ऐसे में सोचने वाली बात है कि आखिर दलितों को न्याय के लिए किसका दरवाजा खटखटाना चाहिए।
आजमगढ़ में पूर्व प्रधान की दबंगई
5, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से है, जहां एक दलित परिवार ने अपनी जमीन पर अपना हक जताने के लिए बाउंड्री बनाने की कोशिश क्या की, गांव के पूर्व प्रधान ने न केवल इसका विरोध किया बल्कि आरोपी ने पीड़िता को जातिसूचक गालियां देकर अपमानित भी किया। ये मामला आजमगढ़ के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत गौरी का है, पीड़िता रीना जो कि दलित जाति से आती है उन्होंने पुलिस को तहरीर दी कि वो अपने जमीन के हिस्से में बाउंड्री बना रही थी।
लेकिन तभी गांव के पूर्व प्रधान सफदर ने वहां कर निर्माण कार्ये को रोका और पीड़िता से बहस करने लगे। ये मामला इतना बढ़ गया कि पूर्व प्रधान ने रीना को जातिसूचक गालियां देते हुए मारपीट शुरु कर दी। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है, वहीं गंभीरपुर थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले को दर्ज कर के इसकी जांच शुरु कर दी गई है, वहीं पूछताछ जारी है और मामले की जांच के बाद आगे की कार्यवाई की जायेगी। फिलहाल किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की गई है।



