BNS Section 189 in Hindi: भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 189 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 189 ‘गैरकानूनी जमावड़े’ से संबंधित है। यह धारा उन परिस्थितियों को परिभाषित करती है जब पाँच या अधिक व्यक्तियों का जमावड़ा गैरकानूनी माना जाता है। इस धारा के अनुसार, किसी भी जमावड़े को गैरकानूनी माना जाएगा। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (Bhaarateey dand sanhita) में व्यभिचार के बारे में क्या कहा गया है।
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धारा 189 क्या कहती है? BNS Section 189 in Hindi
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बीएनएस धारा 189 की महतवपूर्ण बातें
- केंद्र या राज्य सरकार या संसद या राज्य विधानमंडल या किसी लोक सेवक को आपराधिक बल या उसके प्रदर्शन द्वारा धमकाना।
- किसी कानूनी प्रक्रिया के निष्पादन में बाधा डालना।
- कोई अपराध या अन्य गलत कार्य करना।
- किसी व्यक्ति पर आपराधिक बल या उसके प्रदर्शन द्वारा किसी संपत्ति पर कब्ज़ा करना।
- किसी व्यक्ति को ऐसा कुछ करने के लिए मजबूर करना जिसे करने के लिए वह कानूनी रूप से बाध्य नहीं है, या उसे ऐसा कुछ करने से रोकना जिसका वह कानूनी रूप से हकदार है।
बीएनएस धारा 189 का उदाहरण
बीएनएस धारा 189 का उदाहरण कुछ इस तरह से है कि, यदि पाँच या अधिक लोग एक साथ इकट्ठा होकर किसी सरकारी अधिकारी को धमकाने या उस पर हमला करने की योजना बनाते हैं, तो यह एक गैरकानूनी सभा होगी।
यदि कोई शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक हो जाता है, तो वह एक गैरकानूनी सभा बन जाएगी।
बीएनएस धारा 189 सजा
इसके अलवा आपको बता दें कि धारा (Section) 189 के तहत दोषी पाए जाने पर सजा का प्रावधान है कि किसी गैरकानूनी जमावड़े का सदस्य होने पर छह महीने तक की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति घातक हथियार के साथ ऐसी जमावड़े का सदस्य है, तो उसे दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।



