Atrocities Against Dalits in UP: हाल ही में उत्तर प्रदेश (UP) से एक चौकाने वाली खबर सामने आई है। जहाँ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने एनसीआरबी (NCRB) की 2023 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए योगी सरकार निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दलितों के खिलाफ अपराधों में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। जिस पर एक बयोरा तैयार करके रिपोर्ट छपी जानी चाहिए। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं।
दलित उत्पीड़न में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर
कहते है न कि सच्चाई वो सूरज है जिसे ढोंग और पाखंड का बादल ढक तो सकता है लेकिन ज्यादा दिनों तक छिपा नहीं सकता। न्याय और कानून व्यवस्था बनाये रखने के, चाहे कोई भी सरकार कितने दावे कर ले, लेकिन जब आंकड़े सामने आते है तो कड़वा सच भी बाहर आ ही जाता है। ऐसा ही एक कड़वा सच आज सामने आया है जहां हाल ही में (National Crime Records Bureau) ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसके बाद देश के कई राज्यों की सच्चाई सामने आ गई जो ये दावे करते है कि उनके राज्य में कानून व्यवस्था बेहद मजबूत है।
लेकिन सच्चाई तो ये है कि इन राज्यों में ही सबसे ज्यादा दलितों का उत्पीड़न हुआ है। जिसमें सबसे पहले स्थान पर है बुल्डोजर बाबा के राज्य के नाम से फेमस उत्तर प्रदेश। जी हां, एनसीआरबी (NCRB) ने 2023 में हुए अपराधों की रिपोर्ट के मुताबिक बीते साल में 15130 अपराध तो केवल दलितों के साथ किए गए है, और इन अपराधो के साथ यूपी शीर्ष पर है।
राजस्थान और तीसरे स्थान पर मध्य प्रदेश
वहीं दूसरे स्थान पर राजस्थान (Rajasthan) और तीसरे स्थान पर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये तीनो राज्य ही बीजेपी (BJP) शासित राज्य है। जब आप वैश्विक मीडिया को देखते है तो आपको लगेगा कि सीएम योगी आदित्यनाथ असल में अपराधियों के खिलाफ कार्यवाई कर रहे है लेकिन ये आकड़े बताते है कि वो केवल एक समुदाय को ही निशाना बना रहे है, बाकि से उनकी कोई संवेदनायें नही है क्योंकि दलितों के साथ हुए अपराध यूपी सरकार (UP Government) की अपराध मुक्त यूपी के सभी दावों की मिट्टी पलीत कर रहा है।
अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर साधा निशाना
एनसीआरबी की रिपोर्ट के बाद पूर्व यूपी सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि यूपी में दलितों की स्थिति बेहद खराब है। इस सच को भी बीजेपी के सभी एडवरटीजमेंट की तरह होर्डिंग पर लगाना चाहिए। ताकि दुनिया के सामने सच्चाई आ सकें कि यूपी में दलित दमन कितना चरम पर है। उन्होंने इसके साथ ही आकड़ों की सूची भी पोस्ट की है।
वहीं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक दलित उत्पीड़न के जितने भी मामले सामने आते है उसमें से केवल 5 प्रतिशत ही अपर कास्ट के खिलाफ दर्ज किये जाते है वरना ज्यादातर आरोपी उनकी कम्युनिटी से ही होते है। लेकिन इस आकड़ों के सामने आने के बाद अभी तक सरकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।



