क्या कहती है BNS की धारा 224, जानें इससे जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बातें

BNS Section 224, BNS Section 224 in Hindi
Source: Google

BNS Section 224 in Hindi: भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 224 के अनुसार किसी लोक सेवक को चोट पहुँचाने की धमकी देने से संबंधित है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (Bhaarateey dand sanhita) में व्यभिचार के बारे में क्या कहा गया है।

Also Read: क्या कहती है BNS की धारा 218, जानें इससे जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बातें

धारा 224 क्या कहती है? BNS Section 224 in Hindi

जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस की धारा 223 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 224 के अनुसार, यह धारा उस व्यक्ति को दंडित करती है जो किसी लोक सेवक, या किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसमें लोक सेवक का हित हो (जैसे परिवार का कोई सदस्य), चोट पहुँचाने की धमकी देता है।

मान लीजिए कि एक ठेकेदार किसी सरकारी अधिकारी को उसके परिवार को नुकसान पहुँचाने की धमकी देकर उसे एक घटिया निर्माण परियोजना को मंज़ूरी देने के लिए मजबूर करता है। यहाँ, ठेकेदार धारा 224 का उल्लंघन करता है क्योंकि धमकियों के ज़रिए वह अधिकारी के सार्वजनिक कर्तव्यों में हस्तक्षेप करने का प्रयास करता है।

बीएनएस धारा 224 की महतवपूर्ण बातें 

  • किसी लोक सेवक को उसे या उसके हित से जुड़े किसी व्यक्ति को चोट पहुँचाने के इरादे से, उसे कोई कार्य करने के लिए प्रेरित करने के इरादे से, या उसके सार्वजनिक कार्यों से जुड़े किसी कार्य को करने से रोकने या विलंबित करने के इरादे से धमकी देना।
  • धमकी का प्राथमिक उद्देश्य लोक सेवक को उसके आधिकारिक कर्तव्यों के संबंध में प्रभावित करना है, जैसे किसी कार्य को करने से रोकना या करवाना।
  • यह धारा लोक सेवक को बिना किसी अनुचित प्रभाव के अपने कार्य करने में सक्षम बनाती है तथा सरकारी संस्थाओं की अखंडता को बनाए रखती है।

Also Read: क्या कहती है BNS की धारा 217, जानें इससे जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बातें

बीएनएस धारा 224 की और सजा

इसके अलवा आपको बता दें कि BNS  की धारा (Section) 224 के तहत दोषी पाए जाने पर सजा का प्रावधान है कि, धारा 224 में इस प्रकार के दंड (Punishment)  का प्रावधान है। यदि दी गई झूठी जानकारी किसी सामान्य विषय से संबंधित है, तो दोषी व्यक्ति को किसी भी प्रकार के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक का कारावास या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। यह अपराध असंज्ञेय और जमानतीय है, और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा इसका विचारण किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *