बिहार (Bihar) के मुज़फ़्फ़रपुर (Muzaffarpur) से हाल ही में एक शर्मनाक घटना सामने आई। मेले में गई एक दलित नाबालिग लड़की अपनी माँ से बिछड़ गई। लड़की को अकेले देख एक गिरोह के सदस्यों ने उसे अगवा कर लिया और एक बगीचे में ले गए जहाँ पहले से ही तीन युवक मौजूद थे। उन्होंने उसके साथ बलात्कार किया और उसे बेहोशी की हालत में बगीचे में छोड़कर भाग गए। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं।
और पढ़े: उदित राज ने गांधी जयंती पर RSS से पूछा तीखा सवाल, क्यों कोई दलित या महिला प्रमुख नहीं?
Muzaffarpur: नाबालिग के सामूहिक दुष्कर्म किया
बिहार के मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) से है, जहां मेला देख कर लौट रही दलित नाबालिक किशोरी अपनी मां से क्या बिछड़ गई, हैवानों ने उसका फायदा उठा कर उसे नोंच डाला। ये घटना मुजफ्फरपुर के करजा थाना क्षेत्र की है, जहां दशहरा का मेला देखकर लौट रही 13 साल की दलित किशोरी अपनी मां से भीड़ में बिछड़ गई, जिसका फायदा उठा कर एक शख्स ने उसे पकड़ लिया और उसे एक बगीचे में ले गया, जहां पहले से ही 3 और आरोपी मौजूद थे।
बेहोशी की हालात में बगीचे में ही छोड़ कर फरार
पीड़िता को चिखने चिल्लाने से रोकने के लिए उसकी ही चुन्नी उसके मुंह पर बांध दी और फिर चारों युवको ने नाबालिग का सामूहिक दुष्कर्म किया, चारो आरोपी बच्ची को लहूलूहान हालात में बेहोशी की हालात में बगीचे में ही छोड़ कर फरार हो गये। जिसके बाद अगली सुबह पीड़िता बेहद बुरी स्थिति में किसी तरह से अपने घर पहुंची, जहां परिवार वालो ने किशोरी की हालात देखी तो उनके पैरो से जमीन सरक गई। वही पीड़िता ने सारी घटना के बारे में परिजनों को बताया।
दो युवको को किया गिरफ्तार
उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी, पुलिस ने बिना देरी के छानबीन शुरु की और पीड़िता की शिनाख्त पर इस मामले मे गांव के ही दो युवको को गिरफ्तार भी कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में दोनो युवको ने इस गुनाह में शामिल होने की बात स्वीकार की। करजा थाना अध्यक्ष रामकृष्ण परमहंसके मुताबिक पीड़िता के पास से सभी साक्ष्य जुटा लिये गए है। उसका मेडिकल कराया जा रहा है, वहीं उसकी तहरीर पर दो आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है, ये युवक मल्लाह समाज से आते है जो पीड़िता के गांव के ही रहने वाले है, वहीं दो आरोपियों की खोजबीन चल रही है।



