Bihar Election: वोटर लिस्ट से जानबूझकर हटाए गए दलित और मुस्लिम महिलाओं के नाम कांग्रेस का गंभीर आरोप

Alka Lamba, Alka Lamba Attack on BJP
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Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) ज़ोर पकड़ रहे हैं। चुनाव आयोग की टीम पहले ही राज्य का दौरा कर चुकी है, राजनीतिक दलों के साथ बैठकें कर चुकी है और जल्द ही चुनाव की तारीखों का ऐलान होने की उम्मीद है। इस बीच, कांग्रेस पार्टी (Congress Party) ने आरोप लगाया है कि बिहार में एसआईआर एक्ट के तहत दलित और मुस्लिम महिलाओं समेत 23 लाख महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं।

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कांग्रेस का आरोप दलित वोटर्स के नाम हटाये 

बीते रविवार को कांग्रेस पार्टी ने गंभीर आरोप लगाया कि बिहार में दलित और मुस्लिम महिलाओं के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत लगभग 23 लाख महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। इनमें से ज़्यादातर 59 विधानसभा क्षेत्रों से थीं, जहां 2020 के चुनाव में करीबी मुकाबला हुआ था। वही कांग्रेस ने इसे ‘वोट चोरी’ बताते हुए, इस “वोट चोरी” के खिलाफ देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाने की भी घोषणा की है।

अलका लांब का आरोप

उन्होंने यह भी पूछा कि क्या पिछले साल के लोकसभा चुनावों (Lok Sabha electionsमें महिलाओं द्वारा डाले गए वोट “फ़र्ज़ी” थे और क्या “धोखेबाज़ी” से चुने गए डेमोक्रेट्स ने सरकार में योगदान दिया था। वही अखिल भारतीय महिला कांग्रेस (Congress) की अध्यक्ष अलका लांबा  (Alka Lamba) ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) के निर्देश पर बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में “बड़े पैमाने पर हेराफेरी” की जा रही है।

वोटर लिस्ट से दलित और मुस्लिम महिलाओं के नाम 

लांबा ने कहा कि जिन छह ज़िलों में सबसे ज़्यादा महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनमें लगभग 60 विधानसभा सीटें शामिल हैं। उन्होंने कहा, “अगर 2020 के विधानसभा चुनावों के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो ‘भारत’ गठबंधन के दलों ने यहाँ 25 सीटें जीती थीं, जबकि एनडीए ने 34 सीटें जीती थीं, और मुकाबला बेहद कड़ा था।”

इतना ही नहीं अलका लांबा ने ये भी कहा कि बिहार में 22.7 लाख महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जबकि लगभग 15 लाख पुरुषों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस ‘वोट चोरी’ के ख़िलाफ़ एक राष्ट्रीय हस्ताक्षर अभियान चला रही है, जिसमें पार्टी 5 करोड़ हस्ताक्षर एकत्र करेगी। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा हम इस हेर-फेर का पर्दाफाश जरुर करेंगे।

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