बहादुरगढ़ में दलित समाज का विरोध प्रदर्शन, एडीजीपी पूरन कुमार को न्याय दो के नारों से गूंजी सड़कें

Badhurgarh Protest, Dalit IPS officer suicide
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ADGP Y Puran Kumar Death update:  6 अक्टूबर को चंडीगढ़ में अपने घर में गोली मार कर आत्महत्या करने वाले हरियाणा के एडीजीपी वाई. पुरन कुमार की मौत के 7 दिनों बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। वही अब इस घटना को लेकर हरियाणा के बहादुरगढ़ में दलित समाज ने विरोध प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जाँच की मांग की है।

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8 पन्नों का एक सुसाईड नोट

एडीजीपी ने आत्महत्या से पहले 8 पन्नों का एक सुसाईड नोट छोड़ा था। जिसमें उन्होंने हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर समेत 13  अन्य अफसरों पर संगीन आरोप लगाये है। उन्होंने ये भी लिखा गया कि किस तरह से पदोन्नति से लेकर सरकारी सुविधायें देने तक को लेकर उनके साथ जातिगत भेदभाव किया गया है। उन पर लगातार दवाब बनाया जा रहा है, उन्हें धमकी दी जा रही है कि वो उन्हें झूठे केस में फंसा देंगे। लेकिन जब वो नहीं माने तो उन्हें रिश्वत की मांग करने के केस में फंसा दिया गया है।

विदेश में थी पत्नी

एडीजीपी वाई. पुरन कुमार की आत्महत्या के वक्त उनकी पत्नी और IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी के साथ जापान दौरे पर गई हुई थी। लेकिन इस खबर के सामने आने के बाद वो तुरंत वापिस लौटी। हैरानी कि बात तो ये है कि सुसाइड नोट में सभी आरोपी अधिकारियों के नाम साफ साफ दिये गए है, लेकिन फिर भी करीब 2 दिनों तक उनके खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। एक इतना बड़ा अधिकारी खुदकुशी कर लेता है, अपनी आपबीती कहते हुए सुसाईड नोट लिखता है, लेकिन फिर भी कुछ उंचे पदो के अधिकारियो के कारण उनका मामला तक दर्ज नहीं होता है।

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पीड़ित परिवार की 4 मांगे-

एडीजीपी वाई. पुरन कुमार की आत्महत्या के बाद उनका पूरा परिवार सदमे में है। आईएएस पत्नी है, लेकिन फिर भी न्याय के लिए एक आम नागरिक  तरह गुहार लगा रही है। अमनीत पी. कुमार ने सीएम नायाब सिंह सैनी को चिट्ठी लिख कर गुहार लगाई है कि उनके पति के दोषियो के खिलाफ कार्यवाई हो। जिम्मेदार पुलिस वाले निलंबित हो। 2 दिनों तक जहां एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई, उनकी मौत के लिए वो सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।

उनकी दो बेटियां है, उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा का ध्यान रखा जायें, क्योंकि पुलिस लगातार उन्हें धमका रही है कि अगर वो इस मामले को आगे बढ़ायेंगे, तो उनके लिए अच्छा नहीं होगा। उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाये जाने का डर सता रहा है। वहीं वो चाहती है कि एडीजीपी वाई. पुरन कुमार के अधिकारों और उनके सम्मान की रक्षा की जायें। अमनीत पी. कुमार ने इतना हो जाने के बाद भी न्याय और कानून व्यवस्था पर भरोसा बनाये रखा है। ये असल में देश की कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली की परिक्षा है।

कांग्रेस क तरफ से आया बयान

कांग्रेस प्रवक्ता रोबिन माईकल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करके सवाल करते हुए कहा कि एक एडीजीपी, असिस्टेंट डायेरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस जो कि पुलिस महकमे में डायेरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस से केवल एक पायदान नीचे का पद है। इस पद पर बैठे व्यक्ति को भी जातिय आधार पर इस कदर अपमान सहना पड़ा कि जिंदगी से बेहतर मौत लगी।

मल्लिकार्जुन खड़गे बीजेपी साधा निशाना

उन्होंने सुसाईड नोट का जिक्र करते हुए कहा कि वो कई सालो से हरियाणा में नियुक्ति के दौरान जातिगत भेदभाव जेल रहे थे। वहीं इस घटना को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी बीजेपी और पीएम मोदी को घेरते हुए कहा था कि बीजेपी राज में दलितों की स्थिति बद से बदतर हो गई है।

आप और दलित संगठन ने की न्याय की मांग

वहीं आम आदमी पार्टी ने तो बीजेपी और हरियाणा सरकार को दलित विरोधी बताते हुए कहा कि बीजेपी कभी चाहती ही नहीं है कि दलित उंचे पदों पर बैठे, वो आगे बढ़े। वही अब बीते रविवार के दिन हरियाणा के झज्जर में भी एडीजीपी वाई. पुरन कुमार की आत्महत्या को लेकर दलित महासभा हरियाणा और वाल्मीकि वीर सेना  ने बहादुरगढ़ के लाल चौक पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वाई पूरण कुमार जैसे ईमानदार अधिकारी को विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। जिसके चलते उन्होंने मौत को गले लगाया।

शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन तेज

इतना ही नहीं उन्होंने इस ममाले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ताकि फ्यूचर में किसी के भी साथ इस तरह की घटना न हो। वही गुस्साए दलित संगठन नेताओ ने तहसीलदार सुदेश कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। दलित महासभा व अन्य संगठनों ने घोषणा की कि सोमवार को शहर में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा जाएगा।

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