Himachal Pradesh: दलित बच्चे के आत्महत्या मामले में कोर्ट का बड़ा एक्शन, आरोपी को नहीं मिली अग्रिम जमानत

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Rohru news: हिमाचल प्रदेश (Himachal) के शिमला (Shimla) से एक हैरान और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। जहाँ एक नाबालिग दलित युवक ने ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली। जिसके बाद मृतक के परिजनों में नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। वही इस मामले में सुप्रीम कोर्ट आयोग ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट थी जिसके बाद दलित छात्र की मौत के ममाले में हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया हैं। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे ममाले के बारे में विस्तार से बताते हैं।

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दलित मासूम बच्चे की आत्महत्या

बीते कुछ दिनों पहले हिमाचल प्रदेश के दिल दहलाने वाली खबर सामने आई थी। जहां शिमला (Shimla) जिला के रोहड़ू (Rohru) उपमंडल के चिड़गांव थाना (Chidgaon Police Station) क्षेत्र के लिम्बड़ा गांव (Limbra village) में एक 12 साल के दलित मासूम बच्चे के जहर खा कर आत्महत्या करने के मामले को लेकर हाइकोर्ट ने आरोपियों को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया है।

हाईकोर्ट ने ख़ारिज की जमानत 

हाईकोर्ट (Highcourt) के जस्टिस राकेश कैंथला (Justice Rakesh Kainthala) ने कहा कि  एससी-एसटी एक्ट (SC-ST ACT) की धारा-18 के नियमों के तहत आरोपियों को जमानत नहीं मिल सकती है। बता दें कि 16 सितंबर 2025 को एक 12 साल के दलित बच्चा एक ऊंची जाति वाले के घर में घुस गया था, जिससे गुस्साएं 3 महिलाओ  ने पहले तो बच्चे को पीटा था औऱ फिर जातिसूचक गालियां देते हुए उसे गोशाला में बंद कर दिया था। जिससे आहत बच्चे ने उसी शाम को जहर पी लिया और आनन फानन में उसे रोहड़ू के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 17 सितंबर को उसकी मौत हो गई।

एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज 

जिसके बाद  20 सितंबर को पुलिस ने इसकी रिपोर्ट लिखी थी। इस मामले के सामने आने के बाद हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग  ने संज्ञान लेते हुए 3 दिन के अंदर रिपोर्ट देने के आदेश दिये है वहीं आरोपी महिला के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट (SC-ST Act) के तहत मामला दर्ज न होने से महिला को अग्रिम जमानत मिल गई है लेकिन फिर भी पुलिस जांच में जुटी है।

हालांकि पहले ये मामला एससी-एसटी की एक्ट की धाराओं में दर्ज नहीं किया गया था जिससे आरोपियो को जमानत मिल गई थी, लेकिन अब ये मामला एससी-एसटी की एक्ट की धाराओं 107, 127(2), 115(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया था। वही बीते मंगलवार को हिमाचल हाईकोर्ट ने आरोपी को दी गई अग्रिम जमानत को खारिज कर दी। इसके अलवा आपको बता दें, शिकायत दर्ज होने के बाद तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जा सकती है। फिलहाल तीनो आरोपी फरार है।

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