Dalit youth drowns in river update: उत्तर प्रदेश के कन्नौज (Kannauj) से एक सनसनीखेज मामला सामने आया हैं। जहाँ पुलिस पूछताछ के डर के कारण एक दलित बच्चा नदी में कूद गया वही मामले की जाँच के बाद अब इस घटना को लेकर नई अपडेट सामने आई हैं. जहाँ SHO समेत 3 सस्पेंड किए गए है। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं।
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डर के मारे बच्चे ने मारी नदी छंलंग
उत्तर प्रदेश में दलितों के साथ अत्यचार इस कदर असमान को छू रहे है जिसका असर अब साफ़-साफ़ दलित बच्चो के ऊपर भी दिखाई दे रहा है ऐसा ही एक दलित उत्पीडन का एक मामला उत्तर प्रदेश (UP) के कन्नौज ज़िले सामने आया है. दरअसल यह मामला गुरसहायगंज इलाके का है जहाँ से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। पुलिस ने अपहरण के एक पुराने मामले में दलित किशोर किशनपाल के बड़े भाई की तलाश में उसके घर पर रेड मारी थी। वही किशनपाल के न मिलने पर वे उसके छोटे भाई धर्मवीर जो लगभग 15-17 साल की उम्र का था, जो खेतों में काम कर रहा था।
वही पुलिस से घबराकर धर्मवीर भाग गया और पास की काली नदी में कूद गया। ज्सिके बाद से लगातार एसडीआरएफ (NDRF) की टीम उसकी तलाश कर रही है। वही तलाशी अभियान टीम ने बताया बच्चे को ढूँढ़ने के लिए SDRF की टीम भी पूरी कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि काली नदी लगभग 40 किलोमीटर आगे जाकर गंगा नदी में मिल जाती है, जिससे खोज का दायरा काफी बढ़ गया है।
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तीन पुलिसकर्मी निलबिंत
वही पीड़ित परिवार ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया और कहा कि किशोर डर के मारे कूद गया। आपको बता दें, मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकरी के अनुसार पुलिस अधिकारी विनोद कुमार ने बताया लापरवाही के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों (एक एसएचओ, एक चौकी प्रभारी और एक कांस्टेबल) को निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलवा राज्य मंत्री असीम अरुण (Minister of State Asim Arun) और कानपुर के डीआईजी (DIG) ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वही मंत्री ने 5 बीघा ज़मीन के पट्टे और आर्थिक सहायता सहित सरकारी लाभों की घोषणा की।



