Hamirpur news: डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr. Bhimrao Ambedkar) की तस्वीर फाड़ने से जुड़े एक पुराने विवाद की शिकायत करने पर एक दलित युवक पर कुछ लोगों ने हमला कर उसका हाथ तोड़ दिया। इतना ही नहीं उसे जातिसूचक शब्दों से भी अपमानित किया गया और उसे जूते चाटने के लिए मजबूर किया। जिसके बाद पीड़ित युवक ने स्थानीय थाने जाकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे विस्तार से बताते हैं।
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दलित युवक के साथ बर्बरता
आज समाज में सब कुछ है लेकिन दलितों के साथ स्थिति वैसी ही है जैसी कई साल पहले थी, आज भी दलित खुलकर नहीं जी सकते, उन्हें आज भी डर है कि उनके साथ क्या हो सकता है क्योंकि मनुवादी सोच वाले लोग कभी भी किसी को भी अपना शिकार बना सकते हैं और उनके साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार कर सकते हैं, ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश (UP) के हमीरपुर (Hamirpur) से सामने आया है।
जहां एक दलित युवक के साथ पुरानी रंजिश को निकालने के लिए बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गई। उसे न केवल पूरी तरह से पीटा गया बल्कि उससे अपना जूता तक चटवाया। ये घटना हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के सिमनौड़ी गांव की है, जहां करीब ढाई महीने पहले प्राथमिक स्कूल में बाबा साहब आंबेडकर की फोटो फाड़ दी गई थी जिसके बाद दलित समुदाय ने हेडमास्टर के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
जातिसूचक गालियां देकर अपमानित
प्रदर्शनकारियों में पीड़ित उमेश बाबू वर्मा भी शामिल थे, इस घटना के चलते कुछ लोगों ने बैर रखा हुआ था और 5 अक्टूबर को जब वो बाजार से आ रहा था तभी अभय सिंह और उसके दो साथियों ने पहले उसे जातिसूचक गालियां देना शुरू कर दिया और फिर उसके साथ मारपीट करके उसका हाथ तोड़ दिया और जब इतने से उनका मन नहीं भरा तो तीनों आरोपियों ने पीड़ित से अपने अपने जूते चटवाये।
पीड़ित उमेश बाबू वर्मा ने थाने में शिकायत दर्ज करानी चाही लेकिन कई चक्कर लगाने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक डां. दीक्षा शर्मा से अपनी शिकायत की जिसके बाद उनके आदेश पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। वही इस घटना ने एक बार फिर दलितों के साथ समनाता पर सवाल उठाये हैं।



