Barabanki news: बीते दिन उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बाराबंकी जिले (Barabanki district) से इंसानियत को शर्मशार करने वाली खबर सामने आई है। जहां एक दलित महिला को बबूल की डाली काटना बेहद महंगा पड़ा। जिसके बाद नाराज दबंगों ने पहले तो दलित महिला को जातिसूचक गलियां दी और फिर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। वही सुचना मिलने पर पुलिस ने आरोपियों के शिकायत दर्ज कर ली हैं।
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दलित महिला के साथ मारपीट
गुंडों से शासित उत्तर प्रदेश (UP) दलितों के लिए ख़तरनाक राज्य बनता जा रहा है। दरअसल, हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से दलित विरोधी हिंसा की कई खबरें सामने आई हैं, जहाँ मनुवादी दबंगों द्वारा दलितों पर दिनदहाड़े अत्याचार और मारपीट की जा रही है। ऐसा ही एक मामला बाराबंकी ((Barabanki) ज़िले के सुबेहा थाना (Subeha Police Station) क्षेत्र स्थित पूरे नज़ीर मजरा थलवारा (Pure Nazir Majra Thalwara) गाँव से सामने आया है।
पेड़ की टहनी काटना पड़ा महंगा
दरअसल, गांव के रहने वाले नंदकुमार कोरी और उनकी पत्नी मालती ने सुबेहा थाना (Subeha Police Station) में एक मामला दर्ज कराया जिसमें पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके घर में एक जंगली बबूल की डाल आ रही थी, जिसे वो काफी परेशान थी। इस कारण उसने ने डाल को कुल्हाड़ी से काटने की कोशिश की लेकिन इस बात से नाराज होकर आरोपी दबंगों ने शब्बू व शबिरुण और पड़ोस में रह रहे ही रेशमा, अफरोज, वासिद, अलीहां इकट्ठा हो गए और मालती पर चिल्लाते हुए उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
गला दबाकर जान से मरने की कोशिश
इतना ही नहीं उन लोगों ने मालती को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और गला दबा कर उसे जान से मारने की कोशिश भी की। लेकिन तभी नंदकुमार कोरी के बीच बचाव करने पर हमलावर भाग खड़े हुए। वही पुलिस ने पीड़िता की तहरीर 5 आरोपियों के SC-ST एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कर ली हैं और इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके अलवा पुलिस ने पीड़िता को अस्वासन दिया है कि जांच के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर देश के कानून पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर कब तक दलित समुदाय और महिलाओं पर ऐसे अत्याचार होते रहेंगे और कब उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करेंगी।



