क्या कहती है BNS की धारा 250, जानें इससे जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बातें

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250 BNS in Hindi – भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 250 के तहत अपराधी को दण्ड से बचाने के लिए उपहार, रिश्वत, या लाभ लेना आदि से संबंधित है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस में इसके के बारे में क्या कहा गया है।

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धारा 250 क्या कहती है? BNS Section 250 in Hindi

जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस की धारा 250 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 250 यह धारा उस व्यक्ति पर लागू होती है जो किसी अपराधी को सजा से बचाने के लिए धन, उपहार या कोई अन्य लाभ स्वीकार करता है या स्वीकार करने के लिए सहमत होता है। (जैसे रिश्वत) आदि।

उदाहरण के लिए मान लीजिये यदि एक निजी नागरिक द्वारा किसी आरोपी के परिवार से कार जैसी रिश्वत स्वीकार करना इस धारा के तहत एक अपराध हो सकता है। 

BNS 250 Important Points

  • यह मुख्या रूप से ऐसे व्यक्ति पर लागू होती जो किसी अपराध को छिपाना। किसी व्यक्ति को किसी अपराध के लिए कानूनी दण्ड से बचाना। किसी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी दण्ड के लिए कार्यवाही न करना।
  • इस अपराध का उद्देश्य आपराधिक न्याय की प्रक्रिया में बाधा डालना है।
  • सजा की कठोरता उस अपराध की गंभीरता पर निर्भर करती है जिसे छुपाया जा रहा है या जिसके अपराधी को संरक्षण दिया जा रहा है।
    यह धारा मुख्यत भारतीय दंड संहिता (IPC) की पूर्ववर्ती धाराओं 213 और 214 के प्रावधानों को समाहित करती है, जो किसी अपराध को छिपाने या अपराधी को संरक्षण देने के बदले में उपहार स्वीकार करने से संबंधित थी।

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बीएनएस धारा 250 की और सजा

इसके अतिरिक्त, बीएनएस (BNS) की धारा 250 के तहत, यदि किसी व्यक्ति को दोषी ठहराया जाता है, तो उसके लिए सजा निर्धारित की गई है। यदि झूठा आरोप किसी ऐसे अपराध से संबंधित है, जिसके लिए मृत्यु दंड, आजीवन कारावास (life imprisonment), या 3 साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान नहीं है, तो दोषी को3 वर्ष के कारावास (imprisonment) से दंडनीय है, या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

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