Jhansi crime:हाल ही में उत्तर प्रदेश (UP) के झांसी (Jhansi) में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। एक दलित युवक ने एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन दबंगों ने उसे न केवल नजरअंदाज किया, बल्कि बेरहमी से पीटा भी। साथ ही, उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया।
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अस्पताल में दबंगों का कहर
वर्तमान समय में भारत में दलित यहां के नागरिक है, या फिर केवल चुनावी रोटियां सेंकने का मात्र एक मुद्दा, इसका फर्क करना भी मुश्किल होता जा रहा है। जरूरत है तो सर पर बिठाया नहीं तो कीड़ों मकोड़ों की तरह मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। इतना ही नहीं अगर किसी दलित व्यक्ति ने इंसानियत के नाते अगर किसी की सहायता भी कर दी तो मनुवादियों ये बुरा लग जाता है और वो दलितों से साथ मारपीट पर उतर जाते हैं। जी हाँ ऐसा ही कुछ झांसी के मऊरानीपुर थाना (Mauranipur Police Station) क्षेत्र में देखने को मिला है। जहां एक दलित युवक को रोड एक्सीडेंट का शिकार हुए व्यक्ति की मदद करना बेहद भारी पड़ा।
दलित युवक पर जानलेवा हमला
दरअसल बीते हुए 24 अक्टूबर को पीड़ित दलित हरिमोहन और उनके साथियों सत्येंद्र, आयुष और आनंद ने रोड एक्सीडेंट में घायल एक व्यक्ति को लेकर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन तभी अचानक से 50 – 60 लोगों ने लाठी डंडों और लात घूंसो से हमला कर दिया। भीड़ ने पीड़ितों को जातिसूचक गालियां देते हुए उनके सोने की चेन, घड़ी और नगदी भी लूट ली। जिसका का पूरा वीडियो अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गया है, जो अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही मऊरानीपुर थाना पुलिस तुरंत वहां पहुंची, मामले को शांत कराया। वही पीड़ित हरिमोहन ने पुलिस को दी गयी तहरीर में बताया आरोपी दबंग गांव कंजा चितावत के रहने वाले हैं। जिन्होंने जातीय रंजिश और उत्पीड़न की मंशा से उस पर हमला किया हैं। वही पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। आपको बता दें, इस मामले में आरोपी रोहित, अरविंद्र, करण, महेंद्र, नेपाल सिंह, अवधेश पाल और प्रवेश को नामजद किया गया है। फिलहाल किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की गई है।



