Rewari news: हरियाणा (Haryana) के रेवारी (Rewari) से बीते दिन एक खबर सामने आई है। जहाँ दलितों के लिए पिछले 150 सालों की परंपरा को तोड़ दिया गया और आखिरकार एक दलित दूल्हे की बारात घोड़ी पर निकाली गई है। इस बारात में 3 थाने की पुलिस मुस्तैद रही और बिना किसी हिंसा के सुचारू रूप से बारात निकली गयी।
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150 साल की कुप्रथा को तोड़ा
किसी देश का कानून जितना सख्त होगा, वहां की शासन व्यवस्था उतनी ही सूचारू होगी। अगर भारत में प्रशासन अपने दायित्व का सही से निर्वहण करें तो शायद किसी की मजाल ही नहीं होगी, जो किसी दलित का बाल भी बांका कर सकें। जी हाँ ऐसा ही इस बार हुआ भी है। जहां दलितों के लिए पिछले 150 सालों से चली आ रही परंपरा को तोड़ दिया गया और आखिरकार एक दलित दूल्हे की बारात घोड़ी पर निकाली गई है।
कड़ी सुरक्षा के बीच घोड़ी पर निकाली बारात
दरअसल, यह खबर रेवाड़ी (Rewari) जिले के बावल क्षेत्र (Bawal area) के खेड़ी डालू सिंह गांव (Khedi Dalu Singh Village) की है, जहां 13 नवंबर को एक अनुसूचित जाति (SC) के दूल्हे अंकित की बारात कड़ी सुरक्षा के बीच घोड़ी पर निकाली गई। हालांकि परिवार वालों को अनहोनी की आशंका के चलते बारात निकलते समय 3 थानों की पुलिस फोर्स भी तैनात थी।
जिसका सुपरविजन खुद डीसीपी कर रहे थे। दलित परिवार ने पुलिस और मानव अधिकार संगठन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले 150 सालों से इस गांव में किसी दलित की बारात घोड़ी पर चढ़ कर नहीं गई थी, लेकिन कानून की ताकत के कारण ये संभव हो पाया है।
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घोड़ी चढ़ने से गांव में किसी को आपत्ति नही
वहीं गांव के सरपंच प्रतिनिधि नेपाल सिंह ने भी कहा कि गांव में सभी शांति चाहते है, इसलिए दलितों के घोड़ी चढ़ने से गांव में किसी को आपत्ति नही है। हालांकि इस बात को भी इग्नोर नहीं किया जा सकता है कि हरियाणा के कई हिस्सों में दलितो के घोड़ी चढ़ने पर हिंसा को अंजाम दिया गया है। रेवाड़ी में दलित दुल्हे के लिए उठाया गया ये कदम काफी सराहनीय है। कानून अगर अपना काम सही से करेगा तो कभी भी किसी दलित के साथ उत्पीड़न नहीं होगा।
इसके अलवा आपको बता दे, बीते कुछ दिन पहले भी ऐसा ही एक मामला राजस्थान के जोधपुर से सामने आया था। जहाँ एक दलित दुल्हे को धमकी मिली थी लेकीन पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए 100 पुलिसकर्मियों की तैनाती में दलित दुल्हे की बारात निकलवाई थी। जिससे शांति से विवाह संपन हुआ था।



