Sehore news: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीहोर (Sehore) से एक सनसनीखेज मामला सामने है। जहाँ दलित व्यापारी की गाड़ी निकालने ने चक्कर के लिए गुंडों ने उसे बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं, अस्पताल में इलाज के दौरान पुलिस के सामने भी आरोपियों ने उस पर हमला किया। वही पुलिस ने तीन आरोपी के खिलाफ ममला दर्ज किया हैं।
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दलित टेंट कारोबारी के साथ मारपीट
समाज चाहे कितनी भी तरक्की करने की बात कर लें, लेकिन जब बात दलितों की आती है तो मानसिकता आज भी वहीं विकृत और उन्हें दबाने की ही होती है, जिस संविधान के जरिए उन्हें न्याय मिलना चाहिए, आरोपी उसी संविधान का फायदा उठा कर सालों अपराध करके खुला घूमते रहते है। ऐसा ही मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीहोर (Sehore) में हुआ है जहां दबंगों ने गाड़ी को साइड से निकालने के मामले को मुद्दा बना कर दलित टेंट कारोबारी और उसके पिता के साथ बुरी तरह से मारपीट की।
इतना ही नहीं जब दबंगों का मन नहीं भरा तो वह अपने पिता का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल जा रहा था, तभी आरोपियों ने अस्पताल में ही पुलिस के सामने टेंट व्यवसायी की पिटाई शुरू कर दी। वही इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
जातिसूचक गालियां देकर अपमानित किया
आपको बता दें, कि पीड़ित प्रवेश परिहार अंबेडकर नगर गंज (Ambedkar Nagar Ganj) का रहने वाला है, उसने पुलिस को तहरीर दी कि रविवार देर शाम को जब वो अपनी गाड़ी से घर जा रहा था तभी दीपक परमार वहां अपनी गाड़ी से आ गया। पीड़ित ने जब साइड से अपनी गाड़ी निकलनी चाही तो आरोपी ने उसे थप्पड़ मार दिया। वही जब प्रवेश ने इसका कारण पूछा तो आरोपी जातिसूचक गालियां देने लगा। शोर सुनकर आरोपी के कुछ साथी वहां आ गए तो वो चुपचाप चला गया।
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तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
लेकिन सोमवार को आरोपियों ने भोपाल नाका क्षेत्र (Bhopal Naka area) में उसके और उसके पिता को घेरकर बुरी तरह से पीटा। जब वो इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल सीहोर गया तो वहां भी दीपक परमार, भानू राठौर और नवीन राठौर आ धमके और पुलिस के सामने ही उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। वहीं सीएसपी (CSP) अभिनन्दना शर्मा ने बताया कि इस मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी खोजबीन शुरू कर दी है।
जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्यवाही होगी। लेकिन इस घटना ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं आखिर दलितों पर ऐसे अत्याचार कब तक होते रहेंगे? आरोपी पीड़िता पर हमला करते रहे, और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।



