भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने लगाए आई लव मोहम्मद के नारे, कहा जय भीम-जय माता दी बोल सकते हैं, तो यह क्यों नहीं?

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Bhim Army New Slogan Row: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें भीम आर्मी आज़ाद समाज पार्टी (Bhim Army Azad Samaj Party) के कुछ कार्यकर्ता आई लव मोहम्मद का नारा लगाते नज़र आ रहे हैं। जो चर्चा का विषय बन चूका हैं।

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धीरेंद्र शास्त्री की हिंदू एकता यात्रा

कुछ दिन पहले हिंदू धर्मगुरु धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन हिंदू एकता यात्रा का आयोजन किया था, जो अब समाप्त हो चुकी है। लेकिन इस हिंदू एकता यात्रा में इतनी भीड़ उमड़ी थी कि करोड़ों लोग इसमें शामिल हुए थे, जिसका उद्देश्य देशभर के सनातनियों को एकजुट करना, जातिवाद को खत्म करना और भारत को एक ऐसा राष्ट्र बनाना था जहाँ सभी के साथ समान व्यवहार हो, जहाँ कोई ऊंच-नीच न हो, कोई भेदभाव न हो। लेकिन ये सब सिर्फ़ बातें हैं, आज के समाज में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिलता और आज भी दलित पिछड़ी जाति के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।

जातिवाद मुक्त करने की बाद

इस यात्रा में बढ़ चढ़कर बीजेपी के नेताओ ने हिस्सा लिया था और  कई वादे किये जा रहे थे कि भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा। भाजपा नेता हिंदू राष्ट्र का मतलब समझाते हुए इसे जातिवाद मुक्त भारत, भाषावाद मुक्त भारत, क्षेत्रवाद मुक्त भारत और पंथवाद मुक्त भारत बता रहे हैं। इसे और करीब से समझिए। जातिवाद मुक्त भारत का मतलब भारत में कोई जाति नहीं हो और पंथवाद का मतलब है, जहां कोई पंथ नहीं हो, यानी लोगों की पहचान सिर्फ भारतीय हो।
लेकिन दूसरी ओर तमाम ऐसे भाजपा नेता हैं, जिनका मुंह खुलता है तो उनके मुंह से जाति और धर्म के अलावा कुछ निकलता ही नहीं पीएम मोदी के भाषणों से लेकर भाजपा के तमाम दिग्गज नेताओं के भाषणों तक, करीब करीब हर नेता अपने भाषण में जाति और धर्म की बात करता है। वहीं, अगर भाषावाद मुक्त होने की बात करें तो इतने सालों में भाजपा अपने शासित राज्यों को भाषावाद मुक्त नहीं करा पाई है, तो ये देश को क्या ही भाषा मुक्त करा पाएंगे?

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विडियो

अब आज़ाद समाज पार्टी के नेता आगे आकर कहते नज़र आ रहे हैं कि… “जब हम जय भीम, जय माता दी और भारत माता की जय कह सकते हैं, तो हम आई लव मोहम्मद भी कह सकते हैं… जिसे उखाड़ना है उखाड़ लो।” दरअसल, उनके इस बयान से साफ़ है कि वो बाबा साहेब के सिद्धांतों पर चलते हुए पिछड़े दलित और मुस्लिम समाज को एकजुट करने की बात कर रहे हैं और वंचित समाज को बुनियादी सुविधाएं दिलाने की बात कर रहे हैं।

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