Chandrashekhar Azad Rally: संविधान शपथ रैली में उमड़ा जनसैलाब, चंद्रशेखर आजाद ने किया संबोधित रोहिणी घावरी रही लापता

Chandrshekhar azad Rally
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Constitution Rally Azad: हाल ही में भीम आर्मी चीफ और आज़ाद समाज पार्टी के चीफ चंद्रशेखर आज़ाद ने संविधान दिवस पर मुज़फ़्फ़रनगर (Muzaffarnagar)  में एक बड़ी रैली की थी, जहाँ उनकी कथित एक्स-गर्लफ्रेंड रोहिणी घावरी (Ex-girlfriend Rohini Ghavri) ने भी मौजूद होने का दावा किया था, लेकिन उनकी बातों की तरह यह दावा भी खोखला साबित हुआ।

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रोहिणी के सभी दावे खोखले साबित

दलितों से जुड़ी पहली खबर भीम आर्मी चीफ (Bhim Army Chief) और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्र शेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) को लेकर है। पिछले कुछ महीनों से उनकी कथित एक्स प्रेमिका के लगाये जा रहे आरोपो पर एक तरफ आजाद ने पलटवार नहीं किया था जिसका फायदा ही शायद रोहिणी घावरी उठा रही थी। लगातार सोशल मीडिया पर आजाद की 26 नवंबर को होने वाली संविधान शपथ रैली में शामिल होने का दावा करने वाल रोहिणी घावरी रैली में शामिल होना तो दूर, उनके भारत आने तक की खबर किसी को नहीं लगी है। जबकि वो तो दावा कर रही थी कि वो एयरपोर्ट से सीधा रैली में पहुंचेगी।

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रैली में उमड़ा जनसैलाब चंद्रशेखर आजाद ने किया संबोधित

दरअसल, पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी ने पहले सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट करके रैली में शामिल होने और चंद्रशेखर आजाद को चुनौती देने की चेतावनी दी थी। उन्होंने चंद्रशेखर पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण, फर्जी केस में फंसाने की कोशिश और माता-पिता को जेल भेजने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। लेकिन हैरानी की बात है कि अपनी महारैली में आजाद तो पहुंचे.. और उन्होने लोगो को संबोधित भी किया।

लेकिन इस भीड़ में कहीं भी घावरी नजर नहीं आई। अब तक रोहिणी के आरोपो से मिलने वाली उन्हें पॉपुलेरिटी को भुनाने के लिए वो पहले ही 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों का हिस्सा होने का इशारा कर चुकी है…लेकिन रोहिणी का रैली में न पहुंचना आजाद की छवि को और ज्यादा सशक्त बनाता है। जनता के लिए अब ये समझना मुश्किल नहीं है कि घावरी के आरोपो में वाकई में कितनी सच्चाई है। और वो किसके इशारों पर काम कर रही है। अब तो ये देखना बाकि है कि घावरी आगामी यूपी विधानसभा चुनावों का हिस्सा होती है या नहीं। वैसे आपको क्या लगता है.. घावरी किस के इशारे पर काम कर रही है।

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