Aligarh: भीम आर्मी चीफ पर टिप्पणी कर फंसे मोहन चौहान, मोनू जाटव ने जमकर ली क्लास

Chandra Shekhar Azad, Monu Jatav vs Mohan Chauhan
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Aligarh news:  हाल ही में  उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से विवादित मामले की खबर सामने आई हैं। जहाँ हिंदू नेता मोहन चौहान की भीम आर्मी प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के खिलाफ की गई विवादास्पद टिप्पणी ने खासी हलचल मचा दी है। आज़ाद समाज पार्टी (ASP) के नेता मोनू जाटव ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए चौहान की आलोचना की है।

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भीम आर्मी चीफ पर अभद्र टिप्पणी पर बवाल

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आज़ाद अक्सर किसी न किसी विवाद में फंसते रहते हैं, कभी-कभी तो अपने ही बयानों की वजह से। लेकिन इस बार मोहन चौहान ने उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया है। जी हाँ, यूपी (UP) के अलीगढ़ (Aligarh) से खबर सामने आई है, जहां भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद (Bhim Army Chief Chandrashekhar Azad) को अपशब्द कहने वाले एक हिंदू वादी नेता को सबक सिखाते हुए आजाद समाज पार्टी  (Azad Samaj Party) के नेता मोनू जाटव ने रिमांड पर ले लिया है। दरअसल सोशल मीडिया (Social media) पर एक ऑडियो वायरल हो रही है।

जिसमें मोहन चौहन को मोनू जाटव ने हद में रह बोलने की चेतावनी दी है। इतना ही नहीं उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि आजाद उनके नेता है, उन्होंने कभी किसी के बारे में गलत नहीं कहा… फिर उन पर फालतू के झूठे इल्जाम न ही लगाये तो बेहतर है.. और अगर इसका प्रमाण है तो वो दिखाये।

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दलितों को दबाने की कोशिश

चंद्र शेखर आजाद की लड़ाई केवल उन लोगो के खिलाफ है जो मनुवादी सोच को दलितों पर थोपने की कोशिश करते है, जो संविधान को अपने पैर की जूती समझते है.. जो दलितों को दबाने की कोशिश करते है। हैरानी की बात है कि आजाद को गाली देने वाले हिंदूवादी नेता को ये तक नही पता कि जिस वकील राकेश किशोर के साथ हुई मारपीट को लेकर उसने आजाद को घसीटने की कोशिश की उस वकील ने आखिर किया क्या था।

मनुवादियों की प्रोपोगेंडा केवल इसी से समझ आता है कि उन्हें सच या झूठ से कोई मतलब नहीं है.. उन्हें तक बस अपनी रोटियां सेंकनी है.. चाहे सच से चाहे झूठ से। हालांकि दोनो के ऑडियो के सामने आने के बाद भी कानूनी कार्यवाई नहीं की गई है.. जो केवल राज्य में जंगलराज का संकेत है।

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