Missing Dalit girl Meerut update: उत्तर प्रदेश के मेरठ से हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ दिन दहाड़े एक दलित महिला की हत्या कर दी गई। इस घटना को और भी भयानक बनाते हुए, अपराधियों ने महिला की बेटी को भी अगवा कर लिया। इससे भी ज़्यादा हैरानी की बात यह है कि हत्या को 48 घंटे बीत चुके हैं, और लड़की का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। यह घटना अब पुलिस प्रशासन पर सवाल उठा रही है, क्योंकि गाँव में तैनात 500 पुलिसकर्मी भी लड़की को ढूंढने में नाकाम रहे हैं।
और पढ़े: Top 5 Dalit News: नूंह में दलित समाज पर अभद्र टिप्पणी करने वाला इन्फ्लुएंसर हंसी खान गिरफ्तार
मां की मौत और बेटी का अपहरण
उत्तर प्रदेश के मेरठ का एक मामला काफी सुर्खियों में छाया हुआ जिसे लेकर काफी राजनीति भी गरमाई हुई है, दरअसल, दलित महिला सुनीता की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण को 48 घंटे से भी ज्यादा का समय हो गया है लेकिन हैरानी की बात है कि पुलिस की दस टीमें दलित लड़की की तलाश में लगी है लेकिन अभी तक न तो बच्ची को बरामद किया गया है और न ही आरोपियों का कोई सुराग है।
वहीं लड़की के पीता ने बताया कि लड़की की शादी तय हो चुकी थी, लेकिन आरोपी पारस राजपूत की गंदी नजर उनकी बेटी पर थी, और मौका देख कर वो लोग सुनीता पर हमला करके रूबी को उठा ले गए। इस मुद्दे पर पीड़ित परिवार ने आक्रोश में पुलिस वालों पर चूड़ियां भी फेंकी और साथ ही आरोप लगाया कि अगर ठाकुरों की बेटी होती तो अब तक घर आ जाती लेकिन बहुजनों की बेटी है।
चंद्र शेखर आजाद ने भी पीड़ित परिवार से मिले
इसलिए दस टीमें मिलकर भी उसे खोज नहीं पा रहे है। सच तो ये है कि पुलिस की नियत ही नहीं है बच्ची को बरामद करने की, क्योंकि फिर ठाकुरों की घिनौनी सच्चाई सामने आ जाएगी। इस मुद्दे पर भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद (Bhim Army Chief Chandra Shekhar Azad) ने भी पीड़ित परिवार से वीडियो कॉल पर बात की और उन्होंने गांव को छावनी बनाने और गांव के किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं को न जाने देने को लेकर एडीजी पर निशाना साधा है कि वो यहां गुण्डाई न ही करे तो अच्छा है, वो इसे किसी भी हाल में हाथरस नहीं बनने देंगे। उन्होंने ये भी आश्वासन दिया कि वो जल्द ही पीड़ित परिवार से मिलने आएंगे।
देर शाम हुआ महिला का अंतिम संस्कार
काफी समझाने के बाद पीड़ित परिवार सुनीता के अंतिम संस्कार के लिए मान गया और शुक्रवार की शाम को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं दलित समाज ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर एक्शन चलाने की मांग की है लेकिन हैरानी की बात है कि जिस मुद्दे पर इतना हंगामा हुआ है उस मुद्दे पर अभी तक सीएम की तरफ से की बयान नहीं आया है, इसे में सवाल ये उठता है कि क्या वाकई में बुलडोजर एक्शन होगा।



