Top 5 Dalit news: बरेली में दलित युवक की हत्या, हाईवे जाम पुलिस पर समझौते का दबाव बनाने का आरोप

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Top 5 Dalit news: हैरानी की बात है कि आज हम आधुनिकता की बात करते है, लेकिन पता नहीं सोच में आधुनिकता कब आयेगी..नियम, परंपरा, तंत्र और प्रपंच के नाम पर पिछड़े और दलितों का शोषण लगातार जारी है, लेकिन उनकी सुरक्षा की बात होती है तो कानून भी हाथ खड़े कर देती है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में जानेंगे, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

बरेली में दलित युवक की पीट पीट कर हत्या

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला उत्तर प्रदेश के बरेली से है, जो कि दलितों के लिए नरक बनता जा रहा है। रोजाना दलितों के साथ उत्पीड़न की खबरे यूपी से भरी ही रहती है, अभी ताजा मामला बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के डोहरा गांव का है। जहां एक युवक को अपने साले के ईलाज के लिए पैसे मांगने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। मृतक राहुल जो कि 26 साल का था, उसके परिवार में उसकी पत्नी और तीन बच्चे है। राहुल के पिता पप्पू सागर ने पुलिस को तहरीर दी कि राहुल के साले की तबियत काफी खराब हो गई थी।

14 जनवरी को इलाज के बाद अस्पताल में पैसे भरने के लिए पैसे कम पड़ रहे थे इसलिए राहुल अपने ही दिये पैसे लेने के लिए गांव के ही भीमा के पास गया, लेकिन जब राहुल ने पैसों की मांग की तो भड़क गया और उसने अपने दो साथियों लकी और आकाश ठाकुर के साथ मिलकर राहुल पर लाठी डंडो से हमला कर दिया। तीनो मे राहुल को इतनी बुरी तरह से पीटा की वो अधमरा हो गया था, राहुल के पास मौजूद 30 हजार रूपय और उसका मोबाईल भी लूट कर फरार हो गए, वहीं राहुल को गंभीर हालात में नारायण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। राहुल की मौत के बाद उसके पिता का बयान आया है।

कि पुलिस वालो ने अभी तक कोई सुनवाई नहीं की है, इतना ही नहीं जब कर राहुल का इलाज चल रहा था तब तक पुलिस वाले उनपर दवाब बना रहे थे कि मामले में समझौता कर लें, लेकिन अब जब राहुल की मौत हो गई है तो उन्हें न्याय चाहिए। राहुल की मौत से गुस्सायें ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम हाउस के सामने हाइवे पर राहुल का शव रख कर चक्का जाम कर दिया था। उन लोगों ने अपनी गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी अभी तक किसी भी अरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया..हालांकि मामले को बढ़ता देख पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द आरोपी गिरफ्त में होंगे।

हमीरपुर में दलित नाबालिक का अपहरण

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के हमीरपुर से है, जहां बिच्छू गैंग के लोगो ने तमंचे के बल पर एक नाबालिक दलित बच्ची को उठा लिया..लेकिन पुलिस अभी तक हाथ पर हाथ धरी बैठी है। ये घटना हमीरपुर के विंवार क्षेत्र का है, पीड़ित परिवार ने बताया कि दलित होने के कारण वो मूल गांव से बाहर करीब एक किलोमीटर की दूरी पर रहते है। 20 जनवरी की सुबह उनकी 17 साल की बेटी किसी काम से निकल रही थी तब बिच्छू गैंग का रिंकू उर्फ डूंगर राजपूत अपने तीन साथियों के साथ आया और उनकी बेटी के सिर पर तमंचा लगा कर उसे जबरन अपने साथ ले कर जाने लगा.. परिवार वालो ने जब उसका विरोध किया तो उन लोगो ने उन पर तमंचा तान दिया।

इस दौरान शोर सुनकर गांव वाले वहां आ गये जिससे आरोपियों ने बच्ची को अगवा करके भागने की कोशिश की लेकिन गांव वालों ने 3 आरोपियों को पकड़ लिया लेकिन मुख्य आरोपी रिंकू नाबिलक लड़की को तमंचे के बल पर ले गया। हैरानी की बात है की तीन आरोपियो के पकड़े जाने के बाद भी अभी तक गुमशुदा लड़की का कोई सुराग नहीं मिला है। इस मुद्दे पर भीम आर्मा चीफ ने आवाज उठाते हुए कहा कि पहले कपसाड़ में दलित युवती का अपहरण और फिर हमीरपुर में… यह केवल कानून-व्यवस्था की विफलता नहीं है, बल्कि दलित समाज के खिलाफ बढ़ते जातंक, सामाजिक असुरक्षा और राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारियों से पीछे हटने का स्पष्ट संकेत है।

उन्होंने यूपी सीएम से सवाल किया कि राज्य में दलितों और पिछड़ो के लिए कानून व्यवस्था इतनी लचर क्यों है, क्या उन्हें सम्मान से जीने का अधिकार नहीं है। उन्होंने मांग की थी कि जल्द से जल्द अगवा नाबालिक की खोज की जाये और पीड़ित परिवार की सुरक्षा के साथ साथ उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए, साथ ही बिच्छू गैंग के खिलाफ उचित कार्यवाई की मांग की है। वहीं हमीरपुर पुलिस का भी इस पर जवाब आया है, जिसमें पुलिस ने दावा किया है कि नाबालिक को बरामद कर लिया गया है, लेकन मुख्यआरोपी अभी भी फरार है। जो केवल ये दर्शाती है कि पुलिस वाकई में अपराधियों के खिलाफ काम कर रही है या उन्हें बचाने का।

मंडी में कांग्रेस नेता ने दलित अपाहिज की जमीन हड़पी

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला हिमाचल प्रदेश के मंडी से है, जहां एक दलित अपाहिज व्यक्ति की न केवल जमीन हड़पी गई बल्कि उसे जातिगत उत्पीड़न का भी सामना करना पड़ा। ये घटना  मंडी जिले के बालीचौकी उपमंडल की है, पीड़ित जीत राम  ने एक कांग्रेस नेता के खिलाफ उपमंडलाधिकारी को एक पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने बताया कि सात साल पहले जीत राम ने अपनी जमीन में से पांच बिस्वा जमीन कांग्रेस नेता को बेची थी, लेकिन अब कांग्रेस नेता वहां निर्माण करवा रहा है, लेकिन जितनी जमीन बेची उससे ज्यादा जमीन पर बुल्डोजर चलवा कर लोक निर्माण विभाग की मदद से सड़क और रिटेनिंग वॉल बनवाकर ज्यादा हक से ज्यादा जमीन पर कब्जा कर लिया।

जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो उसके साथ जातिगत उत्पीड़न किया गया, वो अपाहिज है, उसे लेकर टिप्पणी की गई, पीड़ित ने अपील की है कि  साइट की सही निशानदेही कराई जाये और निर्माण कार्य पर रोक लगाया जाये, वहीं आरोपी कांग्रेस नेता के खिलाफ धोखाधड़ी, और एससीएसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया जायें। इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगो और दलित संगठन ने भी पीड़ित के लिए आवाज उठाते हुए सही न्याय की मांग की है और कांग्रस नेता की दादागिरी के खिलाफ आवाज उठाई है। हालांकि अभी तक इस मामले में किसी तरह की कोई कार्यवाई होने की बात सामने नहीं आई है।

दलित महिला की हत्या के मामले में दी आरोपी को उम्रकैद

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला हरियाणा के गुरुग्राम से है, जहां एक दलित महिला के अपहरण करने और उसकी हत्या करने के मामले में गुरुग्राम कोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा सुनाई है। ये मामला दिसंबर 2021 का है, जब आरोपी दोषी सिंह राज ने एक 20 साल की दलित महिला का पहले अपहरण किया और फिर उसकी हत्या कर दी, पुलिस ने बताया कि आरोपी सेक्टर 16 के एक प्राइवेट अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम कर रहा था, उस दौरान 2021 में उसने दलित महिला के साथ छेड़छाड़ की थी, महिला ने गुस्से में उसके खिलाफ मामला दर्ज कराने की धमकी दी थी।

आरोपी ने पुलिस को बताया कि महिला ने उससे पैसे ऐंठने की कोशिश की थी, इसलिए उससे छुटकारा पाने के लिए उसने 31 दिसंबर, 2021 को महिला को सेक्टर 16 में मिलने के लिए बुलाया, जहां उसने गला घोंटकर उसकी हत्या कर के उसके शव को नहर में फेंक दिया था लेकिन 6 जनवरी, 2022 को पुलिस ने शव को बरामद कर लिया था, वहीं 5 जनवरी को आरोपी ने खुद मृतका के परिवार को फोन करके युवती की हत्या की जानकारी दी थी, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। हैरानी की बात है कि आरोपी से पूछताछ की गई तो पता चला कि उसने 2019, 2020 और 2021 में तीन और नाबालिग लड़कियों की हत्या की थी, क्योंकि उन तीनो ने छेड़छाड़ करने पर विरोध किया था।

इतना ही नहीं आरोपी ने 1987 में अपने चाचा और चचेरे भाई की हत्या करने की बात भी स्वीकार की। इन मामलों के सामने आने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दलित महिला की हत्या के मामले मे उम्रकैद की सजा सुनाई है और 2 लाख 10 हजार रूपय का जुर्माना लगाया है, और बाकि के मामलों की जांच के आदेश दिये है।

आगरा में तांत्रिक को मिली उम्रकैद

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के आगरा से है, जहां एक तांत्रिक को एक 16 साल की दलित बच्ची के साथ बलात्कार करने और उसे दो सालो तक लगातार ब्लैकमेल करने के मामले में अलीगढ़ ने मरने तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। पुलिस के मुताबित तांत्रिक ने पीड़िता के साथ पहले इलाज के नाम पर बलात्कार किया था, और उसका अश्लील वीडियो बना लिया था, जिसके बाद वो लगातार पीड़िता को वीडियो लीक करने और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देकर पीड़िता का बार बार यौन शोषण करता रहा।

लेकिन सितबंर 2024 में पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई की तांत्रिक उसके घर उसके बेटे का ईलाज करने आता था, उस दौरान उसने उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया, करीब दो सालों बाद पीड़िता ने अपने पिता को आपबीती बताई जिसके बाद 11 सितंबर 2024 को पिता ने पुलिस कंप्लेन लिखवाई थी, लेकिन तांत्रिक ने उनके घर में आकर पूरे घर को आग लगा कर सबको जान से मारने की धमकी दी, और उनकी बेटी को जबरन ले जाने की बात कही थी। पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उस पर मुकादमा चलाया गया, जिसके बाद पोक्सो कोर्ट जज अभिषेक कुमार बगारियां ने तांत्रिक को मरते दम कर जेल में रहने की सजा सुनाई है। वहीं उस पर 65 हजार रूपय का जुर्माना भी लगाया है।

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