Himachal news: हाल ही में हिमाचल प्रदेश से एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई हैं। गांव में, कुछ ऊंची जाति के लोगों ने पहले दलित समुदाय के एक दलित नेता को जातिसूचक गालियां दीं, फिर उसे बेरहमी से पीटा, और उसे अधमरी हालत में उसके घर छोड़ दिया। इतने पर भी मन नहीं भरा, तो हमलावरों ने उसे धमकी देते हुए कहा, “अपनी हरकतें सुधार लो, अछूतों, और अपनी हद में रहो।”
सरेआम सोशल मीडिया पर धमकी
पिछले कुछ समय से हिमाचल से की खबरे सामने आ रही हैं , जहां एक दलित नेता को सरेआम गालियां दी जा रही है, उन्हें धमकी दी जा रही है लेकिन पुलिस के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। जी हां, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट काफी वायरल हो रहा है, इस पोस्ट में एक जातिवादी दबंग हिमाचल प्रदेश के दलित नेता रवि कुमार को सरेआम सोशल मीडिया पर धमकी देते हुए – चमारो सुधार जाओं जैसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहा है।
पुलिस ने नहीं की कोई कार्यवाही
जहां कानून के हिसाब से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करना भी अपराध है, वहां मनुवादी मानसिकता वालों की हिम्मत इतनी बढ़ गई है कि वो एक नेता को भी सरेआम गालियां दे रहे है, लेकिन हिमाचल प्रदेश की पुलिस की आंखो पर भी जातिवाद का चश्मा चढ़ा हुआ है, तभी भी पिछले कुछ महीनों में कितने मामले ऐसे आये जिसमें दलितों के साथ उत्पीड़न किया गया, लेकिन पुलिस भी यहां के जातिवादी लोगो की तरह इसे ‘देव संस्कृति’ और परंपरा का हिस्सा मानकर पल्ला झाड़ने से बाज नहीं आ रही है, जो अब राज्य में दलितो के लिए न्याय व्यवस्था पर ही सवालियां निशान खड़े कर रही है। वैसे आपको क्या लगता है हिमाचल प्रदेश में बढ़ते जातिगत भेदभाव की क्या वजह है, हमे कमेंट करक जरूर बतायें।



