Top 5 Dalit news: न जाने कितने सदियों से लड़ाई लड़ रहे है, और न जाने कब तक ये लड़ाई चलेगी। ऐसा लगता है कि जैसे बाबा साहब की बात पूरी तरह से सही साबित हो रही है। जब तक देश में हिंदूवाद है, तब तक जातिगत भेदभाव रहेगा। चाहे कितने भी कड़े कानून बने, लेकिन विकृत मानसिकता उन पर हमेशा हावी ही रहती है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
दलितो के लिए आवाज उठाने पर फ्रेंच निर्देशक को जेल
1, वैसे तो हमारे देश में अतिथि देवो भव का राग अलापा जाता है, लेकिन मनुवादी मानसिकता के लोगो को ये तो पसंद आता है कि वो उनकी हिंदूवादी सोच का सराहे, लेकिन अगर उन मेहमानों ने देश की असली समस्या को जानने की कोशिश की तो उन्हें मिलती है जेल की सलाखें। जी हा, कुछ ऐसा ही हुआ है, 2023 में जाति आधारित भेदभाव पर एक डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट पर काम करने आये फ्रेंच डायेरेक्टर वैलेंटिन हेनो के साथ।
अभी हाल ही में उनकी किताब “I Had an Indian Dream: In the Hell of Gorakhpur Prison” में जेल में किस तरह से जातिवाद की जड़े मजबूत है, उसके बारे में अपना अनुभव शेयर किया है। इस किताब में उन्होंने ये भी बताया कि वो दलितो की एक्चुअल स्थिति को लेकर रिसर्च कर रहे थे, और दलित के लिए हो रहे राइट में प्रोटेस्ट में शामिल हुए थे।
जिसके कारण गोरखपुर पुलिस ने उन्हें पकड़ कर जेल में डाल दिया था, वो भी बिना किसी कसूर के। और आरोप लगाया गया कि उन्होंने वीजा का वायलेशन किया है। ये किताब 15 जनवरी 2026 को प्रकाशित हुई थी, जिसमें उन्होंने जेल में रहने के दौरान दलित कैदियों के साथ जो अमानवीय व्यवहार होता है, उसे करीब से देखा।
उन्हें चुप रहने के लिए इस कदर टॉर्चर किया जाता है कि वो मानसिक रूप से अनस्टेबल हो जाते है। फ्रेच डायेरेक्टर को करीब 1 महीने तक जेल में रहना पड़ा था, और वो एक्सपीरियंस बेहद बुरा था। यानि की बात साफ है कि जो दलितों की स्थिति को जानने की कोशिश भी करेगा तो वो भी बख्शा नहीं जायेगा, चाहे वो अतिथि ही क्यों न हो।
लखनऊ में 13 साल की नाबालिग से दुष्कर्म
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के लखनऊ से है, जहां एक 13 साल की बच्ची को न केवल शारीरिक उत्पीड़न से गुजरना पड़ा बल्कि जब वो गर्भवती हो गई तो आरोपी ने उसका गर्भपात करवा दिया। दिल को झकझोर देने वाली ये घटना लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी की है। जहां नौवीं में पढ़ने वाली 13 साल की मैडम दलित बच्ची के साथ उसके ट्यूशन टीचर ने करीब 20 दिनों तक दुष्कर्म किया, इस बीच बच्ची गर्भवती हो गई, तो टीचर ने उसका जबरन गर्भपात करवा दिया।
बच्ची डर से चुप रही थी लेकिन जब उसकी हालत खराब हुई तो बच्ची की मां ने डाक्टर से जांच कराई, तो इस अपराध का खुलासा हुआ। बच्ची की मां ने तुरंत पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने 2 दिनों के अंदर ही आरोपी वीर सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया, आरोपी पर पोस्को एक्ट, scst एक्ट समेत कई धाराओं ने केस दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है। और मामले की आगे को जांच शुरू कर दी है।
यूजीसी के नए नियमो का विरोध करने वाले का नया प्रपंच
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ लगातार हो रहे विरोध की बहती गंगा में हाथ धोकर अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने वाले सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपनी पार्टी के नाम का ऐलान कर दिया है। हैरानी की बात है कि इस पार्टी का नाम वाकई ने सवर्णों को साधने के लिए बनाया है या फिर दलितों को चिढ़ाने के लिए। अलंकार ने अपनी पार्टी का नाम राम रखा है।
अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को वृंदावन में अपनी नई राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (RAM) की घोषणा की है। एक तरफ राम शब्द को दलित इस्तेमाल करते है, लेकिन वहीं अलंकार के मुताबिक पार्टी की विचारधारा भगवान राम और भगवान कृष्ण दोनों के आदर्शों के साथ चलेगी। बता दें कि सवर्णो की साधने की कोशिश तो अच्छी है, लेकिन उसमे वो सफल कितना हो पायेंगा ये तो आने वाला समय बतायेगा। वहीं यूजीसी को लेकर अभी भी दलित संगठनों का आंदोलन जारी है, ऐसे में राम नाम की पार्टी कही अलंकार अग्निहोत्री पर उल्टा ही वार न कर दें, वैसे आपको क्या लगता है क्या ये दलितो को चिढ़ाने के लिए ही रखा गया है।
अलीगढ़ में दलितो की बारात पर हमला
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के ही अलीगढ़ जिले से है जहां जातिगत गाना बजाने को लेकर कुछ मनुवादी दबंगों दलितों के बारात पर जमकर पथराम किया। ये घटना जवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुनैना गांव का है। जहां जाटव समाज के घर पर बारात आई हुई थी, तभी उन लोगों ने जाति आधारित गाने बजा कर डांस शुरू कर दिया, जिससे वहां रहने वाले ठाकुर समाज के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया, जब बहस बढ़ने लगी तो ठाकुरों ने उनपर पथराव शुरू कर दिया।
जिससे पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई। इसके तुरंत बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक न बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की कई टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई और माहौल को शांत कराया गया है। फिलहाल पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया है मामले की जांच शुरू कर दी है।
गुजरात में दलित लड़की के साथ लगातार उत्पीड़न
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला गुजरात के अहमदाबाद से है, जहां एक 24 साल की दलित लड़की को लगातार ईव टीजिंग का शिकार होना पड़ा, आरोपी लगातार उसे जबरन उसके साथ रिश्ता बनाने को कहता लेकिन जब पीड़िता ने इंकार कर दिया तो उसने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। ये घटना अहमदाबाद के अमराईवाडी की है। हैरानी की बात है कि जबरन पीड़िता को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से उत्पीड़न का शिकार होना पड़ रहा था।
लेकिन पीड़िता ने जब पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाही तो वहां भी उसकी जाति के कारण पुलिस वालों ने अनसुना करके उसे ही खरी खोटी सुनाई, जिसके बाद मजबूरन अनुसूचित जाति समाज और संगठन के लोगों ने आरोपी दीपक राजपूत के खिलाफ प्रदर्शन शुरु कर दिया।
जिससे मामले को बढता देख पुलिस ने आरोपी के खिलाफ SC ST एक्ट सहित और धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार भी किया और उसे जेल भी भेज दिया गया। हैरानी की बात है कि जब तक कोई हंगामा न करें, शोर न मचायें, तब तक कानून के कानो पर जूं तक नहीं रेंकती है, अब सवाल ये है कि आखिर कितने लोग शोर मचा सकते है, क्योंकि कमजोर की तो आवाज भी नहीं सुनी जाती है।



