Top 5 Dalit news: भले ही बाबा साहब मानते थे कि शिक्षा से जातिगत असमानता दूर हो सकती है लेकिन क्या हो जब दलितों को शिक्षित होने से ही रोक दिया जायें.. उन्हें इतना प्रताड़ित किया जायें कि वो मजबूरी में पढ़ाई ही छोड़ दें.. या आत्महत्या जैसा कोई कदम उठा लें। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारें में बतायेंगे, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
चुरू में दलित छात्रा के साथ जातिगत उत्पीड़न
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला राजस्थान के चुरु से है, जहां एक दलित छात्रा ने अपने टीचर से क्लास के दौरान सवाल क्या पूछा, शिक्षक ने उसे न केवल “चमारी” और “नीची जाति का कहा, बल्कि उसे वकालत नहीं करना चाहिए ये भी कहा। ये खबर चुरू के राजकीय विधि महाविद्यालय की है, थर्ड सेमेस्टर में पढ़ने वाली छात्रा मीना मेघवाल और उसके पिता टोरूराम मेघवाल ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि दिसंबर 2025 में जब एक प्रोग्राम के दौरान छात्रा ने सवाल किया तो प्रोफेसर अपूर्वा शर्मा ने नाराज होकर उसे जातिसूचक शब्द कह कर अपमानित किया।
उसे प्रेक्टिल इग्जाम में भी फेल कर दिया गया। कॉलेज प्रशासन से भी कई बार इस बारे में शिकायत दर्ज की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। छात्रा ने कहा कि उनकी टीचर नहीं चाहती कि वो पढ़ाई करें और उसका करियर खराब करने के पीछे पड़ी है। जिससे थक हार कर छात्रा नो 27 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई है। चूरू के RPS सुनील कुमार झाझड़िया इस मामले की जांच कर रहे है। पुलिस जांच में कई दलित छात्रों ने जातिगत भेदभाव की बात स्वीकार की है, अब देखना ये होगा कि जांच पूरी होने के बाद टीचर के खिलाफ क्या एक्शन होगा। लेकिन इस सब मामलों को देखकर तो ऐसा लगता है कि यूजीसी के नियमों को वाकई में जल्द से जल्द लागू करना चाहिए।
कुशीनगर में राजपूतों की दबंगई
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से है, ऐसा लगता है कि जैसे यूपी को सवर्णों ने अपनी जागीर समझ लिया है, जहां दलित रहेंगे, वो उन्हें घर तक जा कर उन्हें प्रताड़ित कर रहे है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रही है, जिसमें एक दलित जाति से आने वाले शख्स ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि गांव के राजपूत समाज के लोग उनकी पत्नी को बहुत प्रताड़ित कर रहे है, जबकि पीड़ित युवक काम के सिलसिले में बाहर रहता है।
ये घटना कुशीनगर के थाना पडरौला के नाहर छपरा गांव की है, पीड़ित बृजेश प्रसाद गौतम ने एक वीडियो जारी कर भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद से अपने परिवार के लिए मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि राजपूतो के डर से उसकी पत्नी और बच्चे छिपे हुए है, उन्हें रातभर पीटने के लिए खोजा गया है, उन्होंने भीम आर्मी से प्रार्थना की कि जल्द से जल्द उनकी मदद की जायें, नहीं तो उन्हें अपने ही घर को छोड़ कर विस्थापन करना होगा। अब देखना ये होगा कि भीम आर्मी चीफ कैसे इस पीड़ित की समस्या का समाधान कैसे करेंगे।
दसवीं के छात्र की दिनदहाड़े हत्या
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के ही कासगंज से है, जहां एक दसवी में पढ़ने वाले छात्र ने पंचशील झंडे के अपमान के खिलाफ आवाज क्या उठाई थी, उसे दिन दहाड़े गोलियों से भून दिया गया. ये घटना कासगंज के बाबूपुर खुश कुरी के सार्वजनिक इंटर कॉलेज की है, 15 साल के नाबालिग छात्र अतुल साक्य दसवी की परिक्षा दे कर बाहर निकला था, लेकिन तभी कुछ दबंगो ने उस पर ताबड़तोड़ 5 गोलिया चलां दी, छात्र को घायल हालात में अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन छात्र की मौत हो गई।
हैरानी की बात है कि परिक्षा केंद्र पर तो पहले से ही पुलिस तैनात होती है, फिर पुलिस की नाक के नीचे कैसे एक छात्र की दिनदहाड़े हत्या कर दी जाती है.. और किसी की भी गिरफ्तारी नहीं होती। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि इस मामले को दर्ज कर के जांच शुरु कर दी गई है, और जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। हैरानी की बात है कि इस घटना के कई दिन होने के बाद भी पुलिस ने एक भी आऱोपी की धड़पकड़ नहीं की, दलितों के खिलाफ इस तरह से दिनदहाड़े होने वाले अपराधो को देखकतर लगता है कि अब दलित छात्रों को शिक्षा लेना भी बंद करना होगा।
इलाहाबाद कोर्ट का बड़ा फैसला
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़ा है, कोर्ट ने दलित उत्पीड़न के दायरे तय करते हुए ऐलान किया है कि किसी को उसके पेशे के आधार पर पुकारना कोई जानबूझ कर किया गया अपमान नहीं माना जायेगा। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी को पेशे के आधार पर नाम लेकर बुलाया जाता है तो पहले ये साबित करना अनिवार्य है कि वो अपमान करने की मंशा से बोला गया है, तभी एससी एसटी एक्ट का केस बनेगा। जज अनिल कुमार दशम ने कहा कि जो याचिका दी गई थी उसमें पीड़िता कपड़े धोने का काम करती है।
ऐसे में जब पीड़िता ने आरोपी पक्ष से कपड़े धोने का मजदूरी मांगी तो आरोपी ने उसे जातिसूचक शब्द कह कर अपमान किया था, लेकिन जब जांच हुई तो पता चला कि पीड़िता को उसके काम को लेकर ही नाम से बुलाया गया था, जिससे ये साबित नहीं होता है कि वो जानबूझ कर अपमान के लिए बोला गया हो। कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट की धाराओं को आंशिक रूप से निरस्त करते हुए केवल गाली गलौच, धमकी और मजदूरी न देने की धाराओं को लगा कर इस मामले में आगे बढ़ने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट का ये फैसला आपको कहां तक सही लगता है।
दो समुदाय के लड़के लड़की ने किया लव मैरिज
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला राजस्थान के दौंसा की है, जहां दो अलग अलग समाज के लड़के लड़की ने लव मैरिज क्या करी, गांव के जातिवादी लोगों की आंखों में कीलें चुभने लगी। दरअसल दौंसा जिले में मीणा समाज की लड़की सुनीता मीणा व बैरवा समाज का लड़का सुनील बैरवा ने घर वालों के खिलाफ भागकर लव मैरिज कर ली, जिसके बाद से मीणा समाज के पंच पटेल बैरवा समाज के लोगो पर लगातार दबाव बना रहे है, उन्हें धमकियां दे रहे है कि अगर लड़का लड़की वापिस नहीं आये और उन्हें नहीं सौंपा गया तो सुनील के परिवार को सरेआम खंबे से बांध दिया जायेगा।
मीणा समाज के लोगो का दवाब लगातार बढ़ रहा है, जिससे सुनील का पूरा परिवार बुरी तरह से डरा हुआ है, इस घटना का एक वीडियो भी आ रहा है जिसमें मीणा समाज के लोगो ने पीड़ित पिता को घेरा हुआ है। जबकि उन्हें भी बच्चों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हैरानी की बात है कि पंच इस बात का एकतरफा फैसला कर रही है लेकिन इस मामले में पुलिस की मदद नहीं ली जा रही है, जबकि उन्हें खोजने का काम तो पुलिस का है।
पुलिस को इस मामले से दूर रखना केवल इसी बात का इशारा करता है कि कुछ लोग अपनी जातिगत कुंठा को शांत करने के लिए निर्दोषों को प्रताड़ित करने से बाज नहीं आते है, अब देखना ये होगा कि इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस का क्या एक्शन होता है.. या वो अभ भी किसी बड़े हादसे का होने का इंतजार कर रही है।



