BNS Section 316: जब अपना ही कर दे विश्वासघात, तो कानून कैसे करेगा आपकी मदद?

BNS Section 316, BNS Section 316 in Hindi
Source: Google

316 BNS in Hindi: अक्सर हम ऐसी खबरें सुनते हैं जब हमने अपनी कीमती चीज़ें किसी परिवार वाले को बड़े भरोसे के साथ सुरक्षित रखने या रखने के लिए दे दी होती हैं, लेकिन जब हम उन्हें वापस मांगते हैं, तो वे वापस नहीं की जातीं और उस व्यक्ति ने उनका अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल किया होता है। तो ऐसे मामले में BNS की कौन की धारा लगती है और ऐसे मामले में किस तरह की सज़ा होगी? तो आपको बता दें, ऐसा करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 लागू होती है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (BNS) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।

Also Read: BNS Section 315: मृतक की संपत्ति हड़पना अब पड़ेगा भारी, जानें क्या कहती है नई धारा?

धारा 316 क्या कहती है? BNS Section 316 in Hindi

जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 315 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 316 मुख्य रूप से उस पर लागू होती है…जब कोई व्यक्ति कानूनी तौर पर किसी दूसरे की प्रॉपर्टी का ट्रस्टी या गार्जियन नियुक्त किया जाता है और बेईमानी से उसे अपने इस्तेमाल के लिए ले लेता है या वापस नहीं करता है। आपको बता दें, पैसे न लौटाना ही अपराध नहीं है, बल्कि बेईमानी से हड़पना या निजी फायदे के लिए इस्तेमाल करना भी अपराध है।

वही अगर यही जुर्म कोई सरकारी कर्मचारी, बैंक कर्मचारी या एजेंट करता है, तो सज़ा और भी कड़ी हो जाती है।

BNS 316 Important Points

  • आम मामला द्वारा अपराध करने पर 5 साल तक की जेल।
  • क्लर्क/नौकर द्वारा अपराध करने पर 7 साल तक की जेल।
  • वेयरहाउस/कैरियर द्वारा अपराध करने पर 7 साल तक की जेल।
  • सरकारी कर्मचारी/बैंकर/एजेंट द्वारा अपराध करने पर 10 साल तक की जेल या उम्रकैद।

Also Read: BNS Section 314: दूसरे की संपत्ति का निजी इस्तेमाल अब पड़ेगा भारी, जानें सजा के प्रावधान

BNS 316 example

मान लीजिए आप कहीं जा रहे हैं और जाते समय आपने अपने गहने और कुछ कमाया हुआ सामान अपने ही परिवार के किसी भरोसेमंद व्यक्ति को सुरक्षित रखने के लिए दे दिया, लेकिन वापस आने के बाद जब आपने उस व्यक्ति से वह सामान मांगा, तो उसने उसे वापस नहीं किया। तब अपराधी खिलाफ यह धारा लागू होती है।

बीएनएस धारा 316  की और सजा

इसके अलावा, (BNS) का सेक्शन 316 चोरी के दोषी व्यक्ति के लिए सज़ा तय करता है। यह तब लागू होता है जब कोई व्यक्ति अपने फायदे के लिए किसी की प्रॉपर्टी ले लेता है और उसे वापस नहीं करता। तो इस सेक्शन के तहत दोषी पाए जाने पर आम मामले में कम से कम 5 साल की जेल का प्रावधान है, जिसे 7 साल तक बढ़ाया जा सकता है। वही अगर सरकारी कर्मचारी/बैंकर/एजेंट इस मामले में दोषी पाए जाते है तो अपराधी को 10 साल तक की जेल या उम्रकैद होती है साथ ही जुर्माना भी देना होगा। इसके अलवा आपको बता दें, यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है, इसलिए पुलिस को जाँच के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति चाहिए होती है। इस अपराध में जमानत मिलना भी काफी मुश्किल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *