BNS Section 317: चोरी का सामान खरीदना या रखना अब पड़ सकता है भारी, जानें क्या है सजा का प्रावधान

BNS Section 317 in Hindi, BNS Section 317
Source: Google

317 BNS in Hindi: हम अक्सर अखबारों में चोरी की खबरें सुनते और पढ़ते हैं, लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है कि चोर चोरी करके चोरी का माल किसी को छिपाने के लिए दे देता है और जिसे उसने माल दिया था, वह यह जानते हुए भी कि माल चोरी का है, चोर की मदद करता है। तो ऐसे मामले में BNS की कौन की धारा लगती है और ऐसे मामले में किस तरह की सज़ा होगी? तो आपको बता दें, ऐसा करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317 लागू होती है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (BNS) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।

Also Read: BNS Section 315: मृतक की संपत्ति हड़पना अब पड़ेगा भारी, जानें क्या कहती है नई धारा?

धारा 317 क्या कहती है? BNS Section 317 in Hindi

जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 317 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 317 मुख्य रूप से उस व्यक्ति पर लागू होता है जो बड़ी चोरी करता है और फिर चोरी का माल अपने हिफाजत के लिए अपने दोस्त को दे देता है, जिसे पता होता है कि माल चोरी का है।

यह सेक्शन न केवल चोर पर लागू होता है, बल्कि खरीदार, डीलर या चोरी का सामान छिपाने में मदद करने वाले व्यक्ति पर भी लागू होता है।

Also Read: BNS Section 314: दूसरे की संपत्ति का निजी इस्तेमाल अब पड़ेगा भारी, जानें सजा के प्रावधान

BNS 317 example

For Example: BNS की धारा 317 चुराई गई संपत्ति (Stolen Property) के विरुद्ध कानूनी प्रावधानों को स्पष्ट करती है। इसके अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानते हुए या विश्वास करने का कारण होते हुए भी चोरी, डकैती या धोखाधड़ी से प्राप्त संपत्ति को खरीदता या अपने पास रखता है, तो उसे 3 वर्ष तक की जेल या जुर्माना हो सकता है। यदि संपत्ति डकैती से संबंधित है या व्यक्ति इसका आदतन व्यापार करता है, तो सजा आजीवन कारावास तक बढ़ सकती है। इसके अतिरिक्त, चोरी का माल छिपाने या नष्ट करने में मदद करना भी इसी धारा के तहत दंडनीय अपराध है।

बीएनएस धारा 317  की और सजा

इसके अलावा, (BNS) का सेक्शन 317 चोरी के दोषी व्यक्ति के लिए सज़ा तय करता है। यह तब लागू होता है जब कोई व्यक्ति अपने फायदे के लिए चोरी के माल को  यह जानते हुए छुपाता है या रखता है कि वो चोरी की हुई प्रॉपर्टी है। तो इस सेक्शन के तहत दोषी पाए जाने पर आम मामले में कम से कम 3 साल की जेल का प्रावधान है, वही डकैती करता है तो अरोपी को 10 साल तक की जेल या उम्रकैद होती है साथ ही जुर्माना भी देना होगा। आपको बता दें, यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है, इसलिए पुलिस को जाँच के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति चाहिए होती है। इस अपराध में जमानत मिलना भी काफी मुश्किल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *