Bihar News: हाल ही में बिहार से एक दिल दहला देने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें एक युवा राजपूत महिला और एक दलित युवक के बीच प्रेम-प्रसंग का मामला शामिल है। हालाँकि, इस रिश्ते को कतई बर्दाश्त न करते हुए, युवती के परिवार ने पहले उस दलित युवक की हत्या करने की कोशिश की; और जब वे अपने इस प्रयास में असफल रहे, तो उन्होंने अपनी ही बेटी की हत्या कर दी और फिर सामूहिक बलात्कार की एक मनगढ़ंत कहानी रच दी।
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5 दलित लड़को द्वारा गैंगरेप
बिहार (Bihar) के सारण (Saraan) से है, जहां एक नाबालिक राजपूत लड़की के साथ 5 दलित लड़को द्वारा गैंगरेप करने और उसे कुंए में फेंक कर उसकी हत्या करने का मामला काफी सुर्खियों में है, दलित समाज को काफी घेरा जा रहा है, लेकिन अब इस घटना के एक चश्मदीद की गवाही के बाद इस मामले का रूख ही बदल गया है।
लड़की के पड़ोस में रहने वाली महिला ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि लड़की की हत्या दलितों ने नहीं बल्कि खुद उसके परिवार वालों ने की है, क्योंकि उसका मांझी जाति के एक लड़के से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसे घरवालों ने पकड़ लिया था।
दलित लड़के के साथ मारपीट
चश्मदीद महिला ने बताया कि मृतका की मां ने खुद पूछा था कि लड़की कहां है जिसके बाद चश्मदीद ने बताया था कि वो पूराने टूटे हुए मकान में कमल मांझी के बेटे से मिलने गई है, जहां लड़की का पूरा परिवार पहुंच गया था, उन लोगो ने लड़के को बुरी तरह से पीटा था।
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दलित लड़के की हत्या करने की कोशिश
लेकिन वो किसी तरह से भाग निकला था, वहीं उसके कुछ वक्त के बाद लड़की का शव कुंए में मिला। दलित संगठनों ने मांग की है कि पुलिस को इस मामले में निष्पक्ष जांच कर के सच्चाई को सामने लाना चाहिए, साथ ही दलित लड़के की हत्या करने की कोशिश और उसकी प्रेमिका की हत्या करने के एंगल से भी जांच करनी चाहिए।
एकतरफ जातिवादियों के दवाब में आकर फैसला करना पूरी तरह से दलितों पर अन्याय है। इस नए एंगल के सामने आने के बाद इस पूरे मामले का रूख बदल गया है अब देखना ये होगा कि पुलिस इन मामले में क्या करती है।



