UP crime: दलित युवती घुट-घुट कर जीने पर मजबूर, नहाते वक्त वीडियो बना आरोपी मांग रहा 2 लाख की रंगदारी

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UP crime:  एक ऐसा डर जिसे न किसी से कहा जाए और न ही सहा जाए, एक ऐसा खौफ जो घुट-घुट कर जीने पर मजबूर कर दे। कौशांबी के कोखराज क्षेत्र की एक दलित युवती ने इसी दहशत के चलते खुद को घर के एक कोने में कैद कर लिया है। आरोपी की प्रताड़ना और अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग से सहमी यह पीड़िता अब इंसाफ की गुहार लगा रही है।

जानें क्या है पूरा मामला?

पीड़ित महिला का आरोप है कि इलाके का रहने वाले गोवर्धन पंडा का बेटा आरोपी बालानाथ काफी समय से उसका पीछा कर रहा था और रास्ते में रोककर छेड़खानी करता था। जब परिवार वालों ने इस पर आपत्ति जताई, तो आरोपी की दबंगई और बढ़ गई। महिला के मुताबिक, आरोपी ने पड़ोसी की छत से उसका नहाते वक्त अश्लील वीडियो बना लिया और अब उसे डिलीट करने के बदले दो लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा है। आरोपी की धमकियों और ब्लैकमेलिंग से सहमी पीड़िता अब अपने ही घर में कैद होने को मजबूर है।

दो लाख की रंगदारी और घिनौनी धमकी

आरोप है कि युवक वीडियो डिलीट करने के बदले दो लाख रुपये की मांग कर रहा है। पैसे न देने पर वह वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दे रहा है। इतना ही नहीं, आरोपी महिला पर अवैध संबंध बनाने का भी दबाव बना रहा है। इन हरकतों और धमकियों से महिला इतनी सहम गई है कि उसने लोक-लाज और डर के कारण घर से बाहर निकलना तक बंद कर दिया है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई

पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कोखराज पुलिस ने आरोपी बालानाथ के खिलाफ SC/ST एक्ट, छेड़खानी और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी घर छोड़कर फरार बताया जा रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

परिवार की मांग

आरोपी की लगातार धमकियों और खौफ के साये में पीड़ित महिला और उसका पूरा परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है। परिवार वालों का कहना है कि वे दहशत के कारण चैन से सो भी नहीं पा रहे हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उसे कठोरतम सजा दी जाए, ताकि वे फिर से निर्भय होकर जी सकें।

महिला सुरक्षा के दावों के बीच कैसे डिजिटल तकनीक का दुरुपयोग किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। वहीं इस तरह की ब्लैकमेलिंग और रंगदारी की घटनाएं चिंताजनक हैं। अब सबकी निगाहें कोखराज पुलिस पर हैं कि वह कितनी जल्दी आरोपी को सलाखों के पीछे भेजकर इस दलित परिवार को इस मानसिक कैद और डर से मुक्ति दिलाती है।

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