Top 5 Dalit news: जब रक्षक ही मानवता के सबसे बड़े भक्षक बन जाये तो भला कैसे उन दबे कुचले लोगो की रक्षा होगी.. जो पहले से ही प्रताड़ित थे.. मौजूदा स्थिति में जो न्याय करते है वो भी औऱ जो न्याय की रक्षा करते है वो भी.. हर कोर् दलितों को और ज्यादा दबाने कुचलने में लगा है तो फिर कैसे कोई दलित सुरक्षित रह सकता है। तो चलिए आपको इस लेख मे पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
यूपी पुलिस की बर्बरता की कहानी आई सामने
1, दलितों से जुड़ा पहला उत्तर प्रदेश के अमेठी से है, जहां एक दलित युवक को केवल शक के आधार पर पहले तो गिरफ्तार किया गया और फिर पुलिसवालों ने मानवता की सारी हदें पार करते हुए जबरन पीड़ित से गुनाह कबूल करवाने के लिए करंट के झटके दिये। ये खबर अमेठी के जामो थाना क्षेत्र के अलीपुर गांव की है.. जहां पीड़ित दलित युवक खुशीराम को ट्रांसफार्मर की बाइंडिंग चोरी के शक के आधार पर केवल पूछताछ के लिए ले गई थी। जबकि खुशीराम खुद बिजली विभाग में काम करता है।
पीड़ित के भाई संग्राम ने बताया कि वो अपने भाई से मिलने पुलिस स्टेशन भी गई थे लेकिन पुलिस वालों मे भगा दिया औऱ सुबह खबर मिली की खुशीराम अस्पताल में भर्ती है। खुशीराम ने पुलिस की बर्बरता की कहानी बताते हुए कहा कि उसे बुरी तरह से पीटा गया, बिजली के झटके दिये गए.. जिससे वो बेहोश हो गया था। जब दलित संगठन और भीम आर्मी को पता चला तो उन लोगो ने भारी विरोध प्रदर्शन किया.. वहीं पुलिस का कहना है।
कि वो चोट उसे गिरने से लगी थी औऱ मिर्गी के कारण वो बेहोश हुआ था.. हैरानी की बात है कि पीड़ित की हालात इतनी गंभीर है, लेकिन पुलिस पीछा छुड़ाने के लिए कुछ भी बोल सकती है.. अब देखना ये होगा कि आखिर सच्चाई क्या है.. जो कि जांच के बाद सामने आयेगा..देखना ये होगा कि सरकार की इस पर क्या रवैया होता है।
नेपाल ने दलितों और पिछड़ो से माफी मांगने का किया ऐलान
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद और नेपाल की नवनिर्वाचित सरकार के उस फैसले को लेकर है, जिसका असर भारत में भी नजर आ रहा है। दरअसल नगीमा सांसद ने विधानसभा में आवाज उठाते हुए पूछा कि नेपाल की सरकार को ये बात समझ आ गई कि दलितो के साथ छुआछूत, भेदभाव अन्याय था.. जिसके लिए उन्होंने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए दलितों से माफी मांगने का ऐलान किया है… तो वहीं आजाद ने इस बात को सदम में उठाते हुए पूछा कि आखिर ये सदम कब उन दलितों और पिछड़ो से माफी मांगेगी जिनके साथ हजारो सालों से अन्याय किया जा रहा है।
आपको बता दें कि 30 मार्च को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह उर्फ बालेन शाह ने 100-पॉइंट शासकीय सुधार एजेंडा पास किया है जिसमें पांचवा सुधार है कि अगले 15 दिनों में वो दलितों और पिछड़ो से उनके साथ हुए अत्याचारों के लिए औपचारिक रूप से माफी मांगेंगे। जिसके बाद दलित संगठनो ने इसका स्वागत किया है, वहीं भारत में भी दलितों के लिए लड़ने वाले चंद्र शेखर आजाद ने ये मुद्दा अब भारत में भी उठाया है.. लेकिन देखना ये होगा कि क्या नेपाल की तरह भारत के लोगो को कभी अपनी गलती का अहसास होगा.. कभी दलितों औप पिछड़ो का दर्द समझ पायेंगी यहां की सरकार..आपक क्या सोचते है.. इसका जवाब आप खुद दीजिय।
रायबरेली में दलित युवक के साथ बर्बरता
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के रायबरेली से है..जहां सनातन धर्म के विरोध में अपशब्द कहने वाले का विरोध करना एक दलित युवक को बेहद भारी पड़ी.. उसे न केवल पीटा गय़ा बल्कि उसके माथे का तिलक हटा कर जबरन थूक चटवाई गई। ये सनसनीखेज घटना रायबरेली मिल एरिया थाना क्षेत्र के चकपीरा शाह गांव का है, पीड़ित युवक शैलेन्द्र कुमार उर्फ गुड्डू ने पुलिस को तहरीर दी कि वो नौकरी के सिलसिले में अहमदाबाद रहता है, लेकिन कुछ दिनों पहले यूपी आया था।
इस दौरान गांव के ही सलमान ने सोशल मीडिया पर सनातन धर्म पर अश्लील और विवादित टिप्पणी की थी, जिसका शैलेंद्र ने विरोध किया था, जिससे दोनो पक्षों में विवाद हो गया था, लेकिन तब मामला शांत हो गया था, मगर 28 मार्च को जब पीड़ित बाजार जा रहा था तब सलमान, अनस और नदीम समेत दर्शनभर लोगों ने पीड़ित को गांव के बाहर घेर लिया.. उसे बुरी तरह से पीटा, उसका तिलक पोछा और थूक चटवाई..इतना ही नहीं उसपर पेशाब करने भी धमकी दी थी।
वो लोग उस पर चाकू और गडसे से हमला करने वाले थे लेकिन गांव के लोग पहुंच गए जिससे आरोपी फरार हो गए.. हालांकि सदर सीओ अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि मारपीट की पुष्टि हो गई है लेकिन तिलक हटवाने और थूक चटवाने के आरोपो की जांच चल रही है, वहीं पुलिस ने सलमान और अनस को गिरफ्तार कर लिया है, और बाकियों की तलाश जारी है। अब देखना ये होगा कि पुलिस जांच के बाद क्या होता है।
तमिलनाडु में दलितों के अधिकार छीनने का मामला
4, दलितो से जुड़ा अगला मामला तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से है, जहां दलितो के अधिकारों पर किस तरह का सेँध लगाई जा रही है उसका खुलासा हुआ है। ये मामला मद्रास यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार इंटरव्यू में होने वाली बड़ी गड़बड़ियों को लेकर है, जिसका खुलासा खुद एक दलित प्रोफेसर ने किया है। प्रोफेसर ने कहा कि रजिस्टरार समिति में 9 में से 5 सदस्य दलित होने चाहिए थे जबकि जून 2025 में रजिस्ट्रार नियुक्ति में एक भी दलित चयनकर्ता नहीं थे जबकि उम्मीदवालों में 5 दलित समुदाय के ही थे.. प्रोफेसर ने आरोप लगाया कि चुनाव में कोई पारदर्शिता नहीं थी।
जो यूनिवर्सिटी में जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने वाला कदम है। इसकी जांच होनी चाहिए..इससे पहले भी एक हिंदी विभाग की एक दलित महिला प्रोफेसर ने विभाग के हेड पर जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का आरोप लगाया था.. ऐसे में देखना ये होगा कि अब इस मुद्दे के सामने आने के बाद क्या इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी.. या ऐसे ही दलितों के अधिकारों को मनुवादी छीनते रहेंगे।
बदायूं में दलित महिलाओ के साथ मारपीट
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के बदायूं से है, जहां दलितों को प्रताड़ित करने के लिए, उनकी महिलाओ को निशाना बनाने के लिए जातिवादी आतंकी किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हो सकते है। ताजा मामला बदायूं के फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र का है, जहां एक हिस्ट्रीशीटर और उसके बेटे ने पहले तो दलित के घर में घुस कर दो बहनो पर चोरी का झूठा आरोप लगाया और फिर उन दोनो के साथ मारपीट शुरु कर दी.. इस दौरान उनके मातापिता घर पर नहीं थे.. आरोपियों ने दोनो बहनो के साथ अश्लील हरकतें भी की।
इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है जिसके बाद . मामला काफी तूल पकड़ चुका है. वहीं पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपी की तलाश शुरु कर दी है तो वहीं पीड़ितों में काफी डर का माहौल है.. वो पुलिस ने सुरक्षा चाहते है.. फिलहाल दोनो का इलाज चल रहा है..वहीं तीनो आरोपी फरार हो चुके है.. पुलिस उनकी तलाश कर रही है।



