Nepal Dalit Apology: चंद्रशेखर आजाद का बड़ा सवाल, क्या नेपाल की तरह भारत सरकार भी दलितों से मांगेगी माफी?

Balen Shah, Nepal PM Balendra Balen Shah
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Nepal Dalit Apology:  बालेन शाह (Balen Shah) हाल ही में नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने हैं, और सत्ता संभालते ही पूरी व्यवस्था को हिला दिया है, सुशासन, भ्रष्टाचार मुक्ति और अब…एक ऐसी माफी, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है, यह 100-पॉइंट एजेंडा उनकी सरकार का पहला बड़ा कदम है, जिसमें भ्रष्टाचार रोकथाम, नौकरशाही सुधार, युवा आंदोलन पीड़ितों को न्याय और अब दलित समुदाय को ऐतिहासिक न्याय शामिल है…नेपाल के इतिहास में पहली बार है जब राज्य स्तर पर दलित समुदाय से उनके साथ हुए सदियों के भेदभाव के लिए औपचारिक माफी मांगी गई है. वही इस बात को लेकर भीम आर्मी चीफ ने Chandra Shekhar Aazad ने भारतीय सरकार पर निशाना साधा हैं.

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नेपाल में हर नागरिक बराबर

बालेन सरकार का यह फैसला सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति है, यह संदेश साफ है, नए नेपाल में हर नागरिक बराबर है…नेपाल की नवनिर्वाचित सरकार के इस फैसले की गूंज सिर्फ काठमांडू में ही नहीं, दिल्ली और पूरे भारत में भी सुनाई दे रही है…नगीना सांसद ने विधानसभा में आवाज उठाते हुए पूछा कि नेपाल की सरकार को ये बात समझ आ गई कि दलितो के साथ छुआछूत, भेदभाव अन्याय था. जिसके लिए उन्होंने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए दलितों से माफी मांगने का ऐलान किया है…तो वहीं आजाद ने इस बात को लेकर सरकार पर निशाना साधा है.

चीफ चंद्र शेखर आजाद ने सदन में उठाया सवाल

दरअसल, भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद और नेपाल की नवनिर्वाचित सरकार के उस फैसले को लेकर है, जिसका असर भारत में भी नजर आ रहा है. दरअसल नगीना सांसद ने विधानसभा में आवाज उठाते हुए पूछा कि नेपाल की सरकार को ये बात समझ आ गई कि दलितो के साथ छुआछूत, भेदभाव अन्याय था.. जिसके लिए उन्होंने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए दलितों से माफी मांगने का ऐलान किया है.

तो वहीं आजाद ने इस बात को सदन में उठाते हुए पूछा कि आखिर ये सदन कब उन दलितों और पिछड़ो से माफी मांगेगी जिनके साथ हजारो सालों से अन्याय किया जा रहा है. भारत के लोगो को कभी अपनी गलती का अहसास होगा, कभी दलितों और पिछड़ो का दर्द समझ पायेंगी यहां की सरकार?

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100-पॉइंट शासकीय सुधार एजेंडा पास किया

आपको बता दें कि 30 मार्च को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह उर्फ बालेन शाह ने  100-पॉइंट शासकीय सुधार एजेंडा पास किया है जिसमें पांचवा सुधार है कि अगले 15 दिनों में वो दलितों और पिछड़ो से उनके साथ हुए अत्याचारों के लिए औपचारिक रूप से माफी मांगेंगे। जिसके बाद दलित संगठनो ने इसका स्वागत किया है.

बालेन शाह कौन हैं? – Who is Balen Shah?

बालेन शाह का पूरा नाम बालेन्द्र शाह है. उनका जन्म 27 अप्रैल, 1990 को नेपाल की राजधानी काठमांडू के नारादेवी इलाके में हुआ था. उनके पिता, राम नारायण शाह, पेशे से एक आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं, और उनकी माँ का नाम ध्रुवादेवी शाह है. हालाँकि उनका परिवार मूल रूप से मधेश प्रांत के महोत्तरी जिले का रहने वाला है, लेकिन उनके पिता की वहाँ के स्थानीय आयुर्वेद अस्पताल में पोस्टिंग होने के बाद वे काठमांडू में बस गए. बालेन शाह एक हिंदू परिवार से आते हैं. अपने नाम की वजह से, लोग अक्सर गलती से यह मान लेते हैं कि वे मुस्लिम हैं; हालाँकि, वे एक नेपाली हिंदू परिवार से ताल्लुक रखते हैं.

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