Aligarh news: हाल ही में, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। जहाँ एक सामूहिक भोज में, दलित समुदाय के लोगों ने भोजन ग्रहण किया जिससे उपद्रवियों का एक समूह नाराज़ हो गया। इन लोगों ने जातिसूचक गालियों का इस्तेमाल करते हुए दलितों को अपमानित किया, और जब इससे भी उनकी द्वेष की भावना शांत नहीं हुई, तो उन्होंने उन पर बेरहमी से हमला कर दिया।
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भंडारा खाने पर दलितो की पिटाई
एक तरफ़ तो समानता का सिद्धांत सिखाया जाता है—जहाँ हर कोई *लंगर* में एक साथ बैठकर, बिना किसी जातिगत भेदभाव के भोजन करता है—वहीं दूसरी तरफ़, यदि दलित किसी *भंडारे* में शामिल होते हैं, तो उन्हें बेरहमी से पीटा जाता है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश से अलीगढ़ है… यूपी में दलितों की स्थिति इतनी बद से बदतर होती जा रही है कि शायद उन्हें अब खुद ही ये समझ नहीं आ रहे है कि वो कैसे रहे कि जातिवादी आतंकियों के निशाने से बच कर रहे… जी हां, ताजा मामाला अलीगढ़ से है, जहां एक सामूहिक भंडारे में दलित समुदाय के कुछ लोग खाना खाने क्या चले गए, जातिवादि दबंगो ने उनकी जाति का फायदा उठाया और उन्हें बुरी तरह से पीटा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विडियो
दबंगो का कहना था कि नो मंदिर का प्रसाद है, और दलित जाति के लोग उनके साथ आकर कैसे उस प्रसाद को खा सकते है, और बस फिर क्या था, मिल गया मौका उन्हें बहुजनो को फिर से प्रताड़ित करने का.. इस घटना का एक वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है जिसमें भीड़ कुछ लोगो को बुरी तरह से पीट रही है.. हालांकि अभी तक इस मामले में पुलिस के शामिल होने की कोई जानकारी नहीं है.. और न ही वीडियो के वायरल होने के बाद अभी तक कोई संज्ञान लिया गया है..
सामूहिक भोज में भी दलितों खाना बर्दाश्त नहीं होता
अलीगढ़ में सामूहिक भंडारे में दलितों का खाना
नहीं हुआ बर्दाश्त दलितों पर कर दिया हमला
दलित हुए लहू लोहान
फिर कहते हैं भेदभाव और जातिवाद कहां है
अब आरक्षण की क्या जरूरत?और इन्हें UGC रूल बैक चाहिए😠pic.twitter.com/IKmTbZHvAK
— Dr .Sirwalia🇮🇳 (@dr_ambedkarji) April 27, 2026
ऐसे लगता है जैसे पुलिस वाले भी दलितों का मामला होने के कारण काम बंद करके बैठी है। हैरानी की बात है कि एक तरफ तो योगी सरकार दलितों के सम्मान की बात करते है तो वहीं दिनदहाड़े दलितों को पीटा जाता है लेकिन उनका प्रशासन हाथ पर हाथ रख कर बैठा हुआ है.. फिर भला कैसे मिलेगा दलितो को न्याय.. इसका जवाब कौन देगा।



