Top 5 Dalit News: दलितों के लिए बनाएं गए कानूनों को भले ही कितनी भी कोशिश की जायें खत्म करने की, लेकिन जब तक जनता के हाथों में ताकत है, दलित कमजोर नहीं पड़ सकता, क्योंकि अगर अब भी दलितों ने अपनी ताकत नहीं पहचानी तो वो फिर से कई सौ साल पहले की गुलामी में धकेल दिये जायेंगे। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में जानेंगे, जो सोशल मीडिया पर तो काफी सुर्खियों में है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे भी भयावाह है, मगर उसके बारे में जानने की किसे पड़ी है।
घर में डिनेट करने के कुछ घंटो बाद आजाद की यात्रा शुरु
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला भीम आर्मी चीफ और नगीना सांसद चंद्र शेखर आजाद को लेकर है जिन्होंने साबित कर दिया कि लोकतंत्र की ताकत के आगे किसी को दमनकारी ताकतें काम नहीं करती। 4 जून से बिजनौर से शुरु होने वाली सत्ता परिवर्तन यात्रा से घबराकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने आजाद को उनके ही धामपुर वाले घर में डिटेन तो कर दिया था, लेकिन जनता का समर्थन उनके काम आया। आजाद ने पुलिस प्रशासन से अपनी सुरक्षा को लेकर आश्वासन दिखाने हुए यात्रा शुरु करने फैसला किया और बिजनौर स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के गुरूघर पहुंचकर गुरु महाराज जी को नमन कर यात्रा शुरु कर दी।
आजाद के पीछे सैकड़ों लोगो का हूजूम बताता है कि लोकतंत्र की ताकत ही सबसे बड़ी ताकत है, जनता की ताकत के आगे नेताओं की ताकत ज्यादा देर टिकने वाली नहीं है। ऐसे समय में जहां और नेता अपने एसी के गाड़ियों में छिपे रहते है, आजाद खुद सड़को पर उतर कर जनता का दुख जानने के लिए आगे बढ़ रहे है। पेपर लीक, बेरोजगारी, और बदहाल कानून व्यवस्था पर उन्होंने ऐलान कर दिया है कि अब न डरेंगे, न झुकेंगे। हक और हिस्सेदारी की यह लड़ाई अब आर-पार की होगी। आजाद के प्रति जनता का समर्थन बताता है कि वो दिन दूर नहीं जब यूपी को फिर से एक दलित सीएम मिलेगा। आपकी क्या राय है हमें कमेंट करके बतायें।
हिसार में दलित युवक के साथ चोरी के शक में बर्बरता
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला हरियाणा के हिसार से है, जहां केवल चोरी का शक होने पर एक दलित युवक को पानी के कुएं में उल्टा लटका दिया गया, ताकि वो डर कर अपना गुनाह मान लें… ये घटना हांसी जिले के सोराखी गांव की है। वहीं इस घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे लेकर पुलिस के पास अब तक कोई शिकायत ही नहीं आई है इसलिए उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की है,, जानकारी के अनुसार पीड़ित पर पानी का पंप चुराकर उसे कबाड़ व्यापारी को बेचने का आरोप लगाया गया था, लेकिन युवक ने जब इंकार कर दिया तो गांव के कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की.. मगर तब भी वो नहीं बता पाया तो उसके पैरो को रस्सी से बांध कर कूएं में लटका दिया गया।
पीड़ित बार बार खुद के बेगुनाह होने की गुहार लगाते हुए निकालने की बात कर रहा है। जिसके बाद पीड़ित को बाहर निकाला गया, और उसके साथ फिर से मारपीट की गई.. हैरानी की बात है कि इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है लेकिन पुलिस के पास अब तक कोई शिकायत नहीं गई है इसलिए वो इसकी छानबीन भी करने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि अगर पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो, डरा हुआ हो तो ऐसी सूरत में पुलिस को कम से कम मामले की छानबीन भी नहीं करनी चाहिए.. आप खुद जवाब दीजिये।
तमिलनाडु में घर छोड़ने के बहाने नाबालिग का दुष्कर्म
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला तमिलनाडु के तिरूची से है, जहां अपनी बहन से मिलने गई एक 16 साल की नाबालिग दलित किशोरी को ड्राइवर ने पहले तो नशे की दवा पिला कर बेहोश किया और फिर उसे साथ कुकर्म किया। ये मामला गांधी मार्केट पुलिस थाना क्षेत्र का है, पीड़िता की बहन, जो कि एक ट्रांसजेंडर है, वो तिरुची शहर के कलमंथाई कॉलोनी में रहती है, उससे मिलने गई हुई थी, लेकिन उसी कालोनी में काम करने वाले शिवगंगा के थिरुभुवनम के रहने वाले ड्राइवर सी मारी सेल्वन ने पीड़िता के साथ जान पहचान का फायदा उठा कर उसे घर छोड़ने की पेशकश की।
लड़की ने हामी भर दी, लेकिन रास्ते में उसने पीड़िता को नशीली दवा मिला कर पानी पिला दिया, जिससे वो बेहोश हो गई, जिसके बाद उसका यौन उत्पीड़न किया.. और बेहोशी की हालत में उसे कीराइकडाई बाजार में सड़क किनारे फेंक कर जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन तभी लोगों को शक हुआ और उन लोगों ने आरोपी को धर दबोचा, और जमकर पिटाई की। हालांकि घटनास्थल पर पुलिस भी पहुंच गई और तुरंत आरोपी को गुस्साई भीड़ से छुड़ाया, और इलाज के लिए अस्पताल भेजा। वहीं लड़की ने होश में आने के बाद सारी आपबीती बताई, और आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला भी दर्ज कराया। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और आगे की जांच जारी है।
उड़िसा सरकार की बड़ी सौगात
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला उड़िसा से है, जहां एसटी, एससी छात्रो की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए technical and vocational education में मिलने वाले आरक्षण को बढ़ा दिया है। अब से एससी छात्रो को 12 प्रतिशत से बढ़ा कर 22.5 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा तो वहीं एसटी छात्रों के लिए आरक्षण 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 16.25 प्रतिशत करने का फैसला किया गया है, इसके अलावा एसईबीसी छात्रों को जहां पहले कोई आरक्षण नहीं था अब से 11.25% आरक्षण मिलेगा।
राज्य सरकार की ये नई नीति विश्वविद्यालयों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेज के सभी कॉर्सेस पर लागू होगें। सरकार ने ये कदम दलित पिछड़े छात्रों को शिक्षा में आगे बढ़ाने के लिए साथ साथ उत्पीड़न से बचाने के लिए उठाया है। शायद सरकार को लगता है कि संख्या में ज्यादा होंगे तो उत्पीड़न कम होगा। वैसे आपको क्या लगता है,, हालांकि उड़ीसा सरकार की ये कदम वाकई में सराहनीय है। अब देखना ये होगा कि क्या इससे छात्राओं का उत्तपीड़न कम पायेगा।
मेरठ में दलित युवक के साथ कुकर्म
5, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ है, जहां बकरीद की दावत के बहाने पहले कुछ लोगों ने एक दलित युवक को अपने घर बुलाया, और जब वो वहां पहुंचा तो उसके साथ मारपीट की गई, और जब इतने से दिल नहीं भरा तो कमरे में बंद करके बारी बारी से उसके साथ कुकर्म किया गया। दिल को झकझोर देने वाली ये घटना एक तरफ आईना है कि आरोपियों को यूपी पुलिस का कितना डर है तो वहीं ये भी सवाल उठाती है कि आखिर कोई किसी पर भरोसा करें भी तो कैसे करें। पीड़ित ने मेरठ पुलिस को तहरीर देते हुए कहा कि अयान, गुल मोहम्मद, अदनान और उवैश नाम के चारों आरोपी ने बकरीद की दावत के नाम पर उसे घर बुलाया था।
उनकी दोस्ती थी, लेकिन तब उसे ये नहीं पता था कि उन चारों के दिमाग में ये क्रूरता भरी है। घर बुलाने के बाद उन चारों ने पहले उसके साथ बहस शुरु की, फिर जातिसूचक गालियां देते हुए मारपीट की और फिर कमरे में बंद करके उसके साथ कुकर्म किया। पुलिस ने तुरंत मामले को संज्ञान में लेते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन चौथा आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। ऐसे में देखना ये होगा कि पुलिस इस मामले में कैसे पीड़ित को न्याय दिलायेगी।



