Chandrashekhar news: हाल ही में चंद्रशेखर आज़ाद के बारे में खबर आई कि बिजनौर में ‘सत्ता परिवर्तन यात्रा’ शुरू करने से रोकने के लिए उन्हें एक बार फिर उनके घर पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया; फिर भी, कुछ ही घंटों बाद उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों के साथ यात्रा शुरू कर दी। जिसका एक विडियो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है।
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डिटेन करने के कुछ घंटो बाद आजाद की यात्रा शुरु
आने वाले कुछ महीनों में यूपी में चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए असपा (ASP) ज़ोर-शोर से तैयारी कर रही है, लेकिन मनुवादी मानसिकता के लोग कहा बाज आते है और वो भीम आर्मी चीफ और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) को धमकी देते है। लेकिन उन्होंने साबित कर दिया कि लोकतंत्र की ताकत के आगे किसी को दमनकारी ताकतें काम नहीं करती। 4 जून से बिजनौर से शुरु होने वाली सत्ता परिवर्तन यात्रा से घबराकर सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने आजाद को उनके ही धामपुर वाले घर में डिटेन तो कर दिया था, लेकिन जनता का समर्थन उनके काम आया।
आजाद के पीछे सैकड़ों लोगो का हूजूम
आजाद ने पुलिस प्रशासन से अपनी सुरक्षा को लेकर आश्वासन दिखाने हुए यात्रा शुरु करने फैसला किया और बिजनौर (Bijnor) स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी (Saint Shiromani Guru Ravidas Ji) के गुरूघर पहुंचकर गुरु महाराज जी को नमन कर यात्रा शुरु कर दी। आजाद के पीछे सैकड़ों लोगो का हूजूम बताता है कि लोकतंत्र की ताकत ही सबसे बड़ी ताकत है, जनता की ताकत के आगे नेताओं की ताकत ज्यादा देर टिकने वाली नहीं है, और कोई भी दमन या रुकावट इस सामूहिक संकल्प को रोक नहीं सकती।
आज ‘व्यवस्था परिवर्तन दिवस’ पर प्रारंभ हो रही सत्ता परिवर्तन यात्रा से घबराकर मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के इशारे पर मुझे मेरे धामपुर स्थित आवास पर पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने का निंदनीय एवं अलोकतांत्रिक कृत्य होने के उपरांत, पुलिस-प्रशासन से वार्ता के बाद मैंने यात्रा शुरू… pic.twitter.com/xNKaHw0qEf
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) June 4, 2026
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ऐसे समय में जहां और नेता अपने AC के गाड़ियों में छिपे रहते है, आजाद खुद सड़को पर उतर कर जनता का दुख जानने के लिए आगे बढ़ रहे है। वही पेपर लीक, बेरोजगारी, और बदहाल कानून व्यवस्था पर उन्होंने ऐलान कर दिया है कि अब न डरेंगे, न झुकेंगे। हक और हिस्सेदारी की यह लड़ाई अब आर-पार की होगी। आपको बता दें, आजाद के प्रति जनता का समर्थन बताता है कि वो दिन दूर नहीं जब यूपी को फिर से एक दलित सीएम मिलेगा।



