Shimla news: हाल ही में हिमाचल प्रदेश (Himachal) के शिमला (Shimla) से एक हैरान और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। जहाँ एक नाबालिग दलित युवक ने ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली। जिसके बाद से मृतक के परिवार में सनाटा छाया हुआ है। जिसके बाद मृतक के परिजनों में नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसके बाद अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट आयोग ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट हैं। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे ममाले के बारे में विस्तार से बताते हैं।
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दलित बच्चे ने जहर खाकर दी अपनी जान
हिमाचल प्रदेश से है जहां एक 12 साल की दलित बच्चे की मौत की गुत्थी सुलझ गई है। दरअसल दलित नाबालिग बच्चे ने गलती से एक ऊंची जाति वाली महिला के घर को छू लिया था, इस कारण उसे बुरी तरह से पीटा गया और उसे गोशाला में बंद कर दिया गया था। जिससे बच्चा काफी आहत था और उसने जहर खा कर अपनी जान दे दी। दरअसल, यह घटना शिमला (Shimla) के रोहड़ू (Rohru) थाना के तहत उपतहसील जांगला (Sub-Tehsil Jangla) के लिंबड़ा गांव (Limbra village) की है, जहां 16 सितंबर को बच्चे ने पुष्पा देवी का घर छू दिया था, जिसके बाद पुष्पा देवी समेत 3 महिलाओं ने घर अशुद्ध कर देने के नाम पर बच्चे को बुरी तरह से पीटा था, और गोशाला में बंद कर दिया था।
SC-ST Act के तहत मामला दर्ज
जिससे बाद देर शाम बच्चे ने जहर पी लिया. आनन फानन में उसे रोहड़ू के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 17 सितंबर को उसकी मौत हो गई। 20 सितंबर को पुलिस ने इसकी रिपोर्ट लिखी थी। इस मामले के सामने आने के बाद हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग ने संज्ञान लेते हुए 3 दिन के अंदर रिपोर्ट देने के आदेश दिये है वहीं आरोपी महिला के खिलाफ एससीएसटी एक्ट (SC-ST Act) के तहत मामला दर्ज न होने से महिला को अग्रिम जमानत मिल गई है लेकिन फिर भी पुलिस जांच में जुटी है।
3 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश
वही इस घटना को लेकर हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग ने मामले का संज्ञान लिया है और पुलिस को तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने चिंता व्यक्त की कि पुलिस ने शुरुआत में एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज नहीं किया, जिसके कारण आरोपी को ज़मानत मिल गई। आपको बता दें, मामले की जाँच डीएसपी रोहड़ू (DSP Rohru) द्वारा की जा रही है। इसके अलवा मृतक युवक के परिवार को पुलिस ने आश्वासन दिया है उन्हें न्याय ज़रूर मिलेगा।



