Attack on CJI: बीते 2 दिन पहले एक खबर सामने आई थी जहाँ सुप्रीम कोर्ट में देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) BR गवई (Chief Justice BR Gavai) के वकील राकेश किशोर (Rakesh Kishore) ने जूता फेखकर मारने की कोशिश की। वही 72 वर्षीय वकील राकेश किशोर को सुप्रीम कोर्ट में देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की आलोचना करने का न तो कोई अफ़सोस है और न ही वे उसे स्वीकार करते हैं। इस अभूतपूर्व घटना ने पूरी न्याय व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया, लेकिन मैसाचुसेट्स के इस वकील का कहना है कि उन्होंने जो किया वह किसी “दैवीय शक्ति” द्वारा निर्देशित था।
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केजरीवाल और सौरभ भारद्वाज का तीखा वार
हालाँकि, इस घटना ने राजनीतिक पार्टियों में खलबली मचा गयी है। कई प्रमुख राजनीतिक नेता इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं और सरकार की निष्क्रियता की आलोचना कर रहे हैं। इस बीच, कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं ने इस घटना की आलोचना की है, और अब आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Former CM Arvind Kejriwal) और आप नेता सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bharadwaj) ने तीखा हमला बोलते हुए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को इस हमले के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है।
संविधान की मूल भावना पर भी हमला
वही अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने अपने x पर पोस्ट करते हुए लिखा “दलित का सर्वोच्च कुर्सी पर बैठना इन्हें बर्दाश्त नहीं।” उन्होंने इस घटना को न केवल न्यायपालिका पर, बल्कि दलित कम्युनिटी और संविधान की मूल भावना पर भी हमला बताया। इतना ही नहीं उन्होंने आगे अपनी पोस्ट पर लिखा “एक दलित बेटे का मेहनत और ईमानदारी से देश की सर्वोच्च कुर्सी तक पहुंचना BJP को बर्दाश्त नहीं हो रहा।
CJI बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश सिर्फ़ एक न्यायाधीश पर नहीं बल्कि भारत की आत्मा पर हमला है, इस देश की न्यायपालिका पर हमला है।
दलित बेटा मेहनत और ईमानदारी से देश की सर्वोच्च कुर्सी तक पहुँचे- ये इन लोगों को बर्दाश्त नहीं।
इनकी हिम्मत तो देखो। इनके समर्थक खुले आम CJI को…
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) October 6, 2025
बीजेपी की विचार धारा आज भी नहीं बदली है आज भी बीजेपी (BJP)सालो पुरानी सोच को रखती है। जो कि इस तरह की घटनाओ को उजागर करती है। इसके अलवा केजरीवाल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस ममाले की निष्पक्ष जांच की जाये। और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले।
सौरभ भरद्वाज ने क्या कहा?
आपको बता दें, इस घटना को लेकर सौरभ भरद्वाज ने सरकार की निष्क्रियता पर निशाना सदा है और कहा कि BJP शासित सरकार के दौरान दलितों, मुसलमानों, सिखों और बौद्धों पर लगातार हमले हो रहे हैं, और अब CJI जैसे सम्मानित व्यक्ति को निशाना बनाना BJP की हताशा को दर्शाता है। उन्होंने इस घटना को चीफ जस्टिस की मां के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रम में शामिल न होने के फैसले से जोड़ा, हालांकि उन्होंने इसे खुलकर नहीं कहा।
CJI गवई की माता जी ने कुछ दिनों पहले RSS के 100 वर्ष के कार्यक्रम में जाने से मना किया था pic.twitter.com/PXMu15tmvY
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) October 7, 2025



