Uttar Pradesh: किसान सम्मान निधि के बहाने दलित की जमीन हड़पी, कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज

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Bhadohi news: हाल ही में उत्तर प्रदेश के भदोही ज़िले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई। एक दलित किसान को “किसान सम्मान निधि” दिलाने के नाम पर उसकी ज़मीन से कथित तौर पर वंचित कर दिया गया। जब उसे रजिस्ट्री के लिए बुलाया गया, तो उसने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया तो गुस्साए आरोपियों ने उसे लाठियों से बेरहमी से पीटा। जिसके बाद पीड़ित किसान ने अपनी शिकायत दर्ज करवाने के लिए अदालत में गया। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे ममाले के बारे में विस्तार से बताते है।

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धोखे से दलित किसान की जमीन पर कब्ज़ा

दलितों के साथ अत्यचार मारपीट उनके साथ भेदभाव उनके साथ आम हो चला है। वो आज  भी अपने हक़ के लिए लड़ रहे हैं। क्योंकि उंच जाति के दबंग दलितों को अपनी बराबरी में खड़े होते नहीं देख पा रहे हैं। और यही कारण है कि आज भी वो अपने हक़ के लिए लड़ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के भदोही जिले (Bhadohi District) से सामने आया है, जहां एक दलित किसान को ‘किसान सम्मान निधि’ दिलाने के बहाने जमीन हड़प लेने का मामला सामने आया है।

दरअसल, ये घटना भदोही के गोपीगंज थाना (Gopiganj Police Station) क्षेत्र के केदारपुर गांव की है, जहां 56 साल के दलित किसान भरत लाल अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने 14 अगस्त को एक याचिका दी थी।

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नहीं मिला कोई भी सरकारी लाभ

जिसके मुताबिक सरकारी योजना ‘किसान सम्मान निधि’ दिलाने के नाम पर उसके एक रिश्तेदार गुलाब धर गौतम ने उसे राजेंद्र निगम, गुडडू, डॉक्टर ह्रदय नारायण और काशीनाथ से मिलवाया था जिसके बाद 23 फरवरी 2023 को रजिस्ट्री कार्यालय (Registry office) में उससे कई कागजों और एक चेक पर अंगूठा का निशान लिया था, लेकिन उसके खाते में कभी भी सरकारी योजना (Government scheme) ‘किसान सम्मान निधि’ का धन नहीं आया।

जिसके बाद पीड़ित किसान के भतीजों महेंद्र और मुकेश ने इसकी जांच की तो पता चला कि गुलाब धर गौतम के साथ-साथ राजेंद्र निगम, गुडडू, डॉक्टर ह्रदय नारायण और काशीनाथ नामक व्यक्तियों ने किसान की जमीन को राजेंद्र निगम नामक व्यक्ति के हाथों डेढ़ लाख रुपये में बेच दी है।

पुलिस ने नहीं दर्ज दलित किसान की शिकायत

लेकिन बात यहीं खत्म नही हुई, 8 जुलाई 2025 की आरोपियों ने पीड़ित किसान को रजिस्ट्री के लिए बुलाया था, लेकिन जब किसान को धोखाधड़ी का पता चला तो उससे जाने के इंकार कर दिया जिससे गुस्साएं आरोपियों ने किसान को लाठी-डंडों से पीटा, और जब पीड़ित किसान घटना की शिकायत दर्ज करवाने के लिए नजदीकी थाने गया तो पुलिस ने भी किसान की गुहार नहीं सुनी जिसके बाद उसे अदालत का सहारा लेना पड़ा था।

वही मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकरी के मुताबिक मजिस्ट्रेट आशीष कुमार सिंह ने पांचो आरोपियों के खिलाफ मामले को दर्ज करके उनके खिलाफ तुरंत जांच के आदेश दिये है। आपको बता दें, फिलहाल अब पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।

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